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आप भी बन सकते हैं एक सफल रेडियो जॉकी

आप भी बन सकते हैं  एक सफल रेडियो जॉकी

ब्रिटिश शासन काल में 8 जून 1936 को भारत में जब ऑल इंडिया रेडियो की स्थापना की गयी थी तो कदाचित किसी ने कल्पना नहीं किया होगा कि एंटरटेनमेंट और इनफार्मेशन का यह माध्यम एक दिन जनमानस के दिलों में इतनी गहराई से रच-बस जाएगा। रेडियो स्विच ऑन करने के साथ नृत्य-संगीत, ज्ञान-विज्ञान, सिनेमा और मनोरंजन के साथ खुशियों की जो इन्द्रधनुषी आभा खिल उठती है, वह तकनीक और विज्ञान की दुनिया से दूर रेडियो जॉकी का चमत्कार होता है। सच पूछिए तो एक रेडियो जॉकी रेडियो स्टेशन के स्टूडियो में माइक्रोफोन के सामने खड़ा वह जादूगर होता है जो मजेदार, चुट्कीले और जादुई बातों और प्रेरक प्रसंगों से श्रोताओं के दिल में खुशियों की बहार ले आते हैं।

रेडियो जॉकी कौन होता है?

सामान्य रूप से एक रेडियो जॉकी वह शख्स होता है जो किसी निश्चित टाइम पीरियड के लिए रेडियो पर शो की एंकरिंग या मेजबानी करता है। रेडियो जॉकी को प्रत्येक दिन या वीकेंड में अमूमन 3-4 घंटे का टाइम पीरियड श्रोताओं को एंटरटेन करने के लिए दिया जाता है। ये शोज टेलीविजन पर टेलीकास्ट होने वाले टॉक शो और इंटरव्यू जैसे प्रोग्राम्स की तरह ही होते हैं जिसमें रेडियो जॉकी को भी एक निश्चित थीम दिया जाता है जिसके बारे में वे आमंत्रित गेस्ट से बात करते हैं, श्रोताओं से भी बातें करते हैं और उनके पर्सनल प्रोब्लम्स और प्रश्नों के उत्तर देते हैं, कहानियां सुनाते हैं, न्यूज बुलेटिन पढ़ते हैं, श्रोताओं के फरमाइश पर गाने सुनाते हैं, श्रोताओं को खुश करने के लिए मिमिक्री करते हैं। इसके साथ ही अपने प्रोग्राम के दौरान रिकार्डेड गाने बजाते हैं और म्यूजिक प्ले करते हैं और रेडियो पर विज्ञापनों को मैनेज करते हैं।

रेडियो जॉकी के लिए आवश्यक स्किल्स

रेडियो जॉकी का प्रोफेशन आसान नहीं होता है। अपनी बातों से श्रोताओं के दिल को गुदगुदा कर उनके लबों पर हंसी लाने की कला आसान नहीं होती है। कठिन मेहनत और निरंतर अभ्यास इस प्रोफेशन में सफलता की महत्वपूर्ण कसौटी मानी जाती है।

  • दोषरहित और मधुर आवाज।
  • वोईस मॉड्यूलेशन में प्रवीणता (भाव एवं दृश्य के अनुसार अपनी आवाज के पिच को एडजस्ट करने की कला)।
  • शुद्ध डिक्शन और उच्चारण पर मास्टरी।
  • देश-दुनिया के सभी डोमेन्स की गतिविधियों से पूरी तरह अपडेटेड रहना।
  • भावों को सहज और स्वाभाविक रूप से बिना देर किये हुए अभिव्यक्त करने की क्षमता।
  • विनोदी स्वभाव और प्रकृति।
  • श्रोताओं को एंटरटेन करने के लिए क्रिएटिव कंटेंट राइटिंग स्किल।
  • अभिव्यक्ति की स्पष्टता, विशुद्ध उच्चारण।
  • समाचार को रुचिकर ढंग से श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत करने की कला।

रेडियो जॉकी का जॉब प्रोफाइल

  • श्रोताओं को इन्फॉर्म करना, एंटरटेन करना और एनलाइटेन करना।
  • विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं से श्रोताओं को अपडेट करना।
  • रेडियो के प्रोग्राम को होस्ट करना,

एंकरिंग करना।

  • विभिन्न गीत-संगीत कार्यक्रमों को प्रस्तुत करना।
  • म्यूजिक, फिल्म, डांस और फैशन के सेलिब्रिटीज और विभिन्न विधाओं और डोमेन्स में ख्यातिप्राप्त सख्शियतों का इंटरव्यू लेना।
  • श्रोताओं के व्यक्तिगत प्रश्नों के उत्तर देना, सलाह देना।

रेडियो जॉकी के रूप में करियर बनाने के लिए शुरुआत कहां से करें

रेडियो जॉकी के रूप में करियर की शुरुआत करने के लिए निम्नांकित दो रास्ते हैं:

यदि आप एक अच्छा वक्ता हैं और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खुद को अपडेटेड रखते हैं, लिखना आपकी आदत में शामिल है और स्वभाव से विनोदी प्रकृति के हैं तो ये मानिये कि आप रेडिओ जॉकी के लिए ही बने हैं। वैसे इस प्रोफेशन की शुरुआत किसी भी स्ट्रीम में बारहवीं परीक्षा पास करने के बाद की जा सकती है। मीडिया के बेसिक्स के बारे में ज्ञान प्राप्त करने के लिए बारहवीं के बाद मास कम्युनिकेशन, मीडिया स्टडीज या जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन करना आवश्यक होता है। इस कोर्स के दौरान अपने स्किल को निखारने और ग्राउंड लेवल पर एक्सपीरियंस हासिल करने के लिए रेडियो स्टेशन में इंटर्न के रूप में कार्य करना जरूरी होता है।

रेडियो जॉकी के रूप में प्रोफेशन की शुरुआत करने का दूसरा रास्ता किसी भी डोमेन में ग्रेजुएशन के बाद रेडियो जॉकिंग या एंकरिंग या मास कम्युनिकेशन में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा से शुरू होता है।

इसके अतिरिक्त ऑल इंडिया रेडियो नियमित रूप से प्रोस्पेक्टिव कैंडिडेट्स के लिए ऑडिशन कंडक्ट करती है। इन ऑडिशंस में सेलेक्टेड कैंडिडेट्स को दो महीने का प्रशिक्षण दिया जाता है और फिर वे ऑल इंडिया रेडियो में रिक्रूट किये जाते हैं। प्रसिद्द जॉकी के द्वारा कुछ ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट्स भी खोले गये हैं जो रेडियो जॉकिंग में कोर्स ऑफर करते हैं। अपनी वॉयस् को मॉड्यूलेट करने, शुद्ध डिक्शन और प्रननसियेशन को सीखने के लिए कुछ प्रोफेशनल क्रेश कोर्स और शोर्ट – टर्म वर्कशॉप्स भी हैं जो रेडियो जॉकी के लिए अनिवार्य स्किल को निखारने में अहम भूमिका निभाते हैं।

मास कम्युनिकेशन, जर्नलिज्म और रेडियो जॉकिंग कोर्स की स्टडी के लिए प्रमुख संस्थान

  • रेडियो स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग, मुंबई।
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन।
  • एपीजे इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली।
  • सिम्बायोसिस सेंटर फॉर मीडिया एंड कम्युनिकेशन, पुणे।
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बंगलुरु।
  • भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली।
  • लेडी श्रीराम कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय।
  • जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली।
  • क्राफ्ट फिल्म स्कूल, नई दिल्ली।
  • मद्रास क्रिस्चियन कॉलेज, चेन्नई।
  • एशियन अकादमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन, मारवाह स्टूडियो कॉम्प्लेक्स, नोएडा।

रेडियो जॉकी के लिए जॉब कहां उपलब्ध हैं

रेडियो जॉकी के रूप में प्रोफेशनल अवेन्यू और जॉब ओपोर्च्युनिटी का दायरा काफी विस्तृत है। रेडियो जॉकी के लिए आवाज उनका सबसे बड़ा एसेट होता है और यह उसके लिए जॉब पाने के चांस के साथ-साथ उसका अर्निंग पैकेज भी निर्धारित करता है।

वौइस् मोड्यूलेशन, क्लियर डिक्शन, फ्लाव्लेस प्रननसियेशन, देश-विदेश की गतिविधियों के अपडेट पर मास्टरी और लैंग्वेज और वकेब्यूलरी पर कमांड रेडियो जॉकी के लिए करियर और कंपनसेशन के पैरामीटर्स के रूप में कार्य करते हैं।

गवर्नमेंट सेक्टर

गवर्नमेंट सेक्टर के अंतर्गत एक रेडियो जॉकी ऑल इंडिया रेडियो के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के रेडियो स्टेशंस में भी विभिन्न पदों पर जॉब पा सकते हैं। इस प्रकार के एम्प्लॉयमेंट ओपोरच्युनिटीज की वेकेंसी की सूचना सरकार के द्वारा प्रकाशित किये जाते हैं।

प्राइवेट सेक्टर

निजी क्षेत्र में एक रेडियो जॉकी के लिए रोजगार के अवसरों की कमी नहीं है। रेडियो मिर्ची, बिग एफएम, रेड एफएम, रेडियो मिड-डे, रेडियो वाणी, टाइम्स एफएम इत्यादि प्राइवेट रेडियो कंपनियों में रेडियो जॉकी के लिए एम्प्लॉयमेंट अवसर बहुतायत में उपलब्ध हैं।

मीडिया और एंटरटेनमेंट

वर्तमान इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के युग में रेडियो जॉकी के लिए मीडिया और एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में भी रोजगार के अनेकानेक अवसर खुल गये हैं। अल्टरनेटिव करियर के रूप में एक्सपीरियंस और फेम के साथ एक रेडियो जॉकी फिल्म और टेलीविजन की दुनिया में एक्टर, प्रोडयूसर, स्क्रीनराइटर, डायरेक्टर के रूप में प्रवेश करके अपने करियर को बड़ी खूबसूरती से संवार सकते हैं।

एडवरटाइजिंग की दुनिया में भी रेडियो जॉकी कमर्शियल विज्ञापनों के लिए और फिल्मों, टेलीविजन और रेडियो पर वॉयस-ओवर के रूप में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं और अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।

 

श्रीप्रकाश शर्मा

(लेखक प्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय, मामित, मिजोरम, हैं)

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