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पश्चिम बंगाल: उपचुनाव की घोषणा के बाद बढ़ी सियासी हलचल

पश्चिम बंगाल: उपचुनाव की घोषणा के बाद बढ़ी सियासी हलचल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के विधानसभा पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। आयोग ने पश्चिम बंगाल की खाली पड़ी सात में तीन विधान सभा सीटों पर मतदान का ऐलान कर दिया है। पश्चिम बंगाल में सात सीटें जंगीपुर, शमशेरगंज, खड़दह, भवानीपुर, दीनहाटा, शांतिपुर और गोशाबा खाली हैं। जिनमें से भवानीपुर, शमशेरगंज और जंगीपुर सीटों पर वोटिंग होगी। उपचुनाव के लिए गजट अधिसूचना 6 सितंबर को जारी कर दी गई है।  13 सितंबर तक नॉमिनेशन दाखिल किए जाएंगे। 30 सितंबर को वोटिंग और तीन अक्टूबर को काउंटिंग होगी। मतदान की तारीखों के ऐलान के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। दरअसल, दो मई को निकले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में ममता बनर्जी की पार्टी ने तीसरी बार सत्ता हासिल की। सीएम ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से शुवेंदु अधिकारी से हार गई थी। रिजल्ट के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में मिली हार को कोर्ट में चुनौती दी थी। वहीं, ममता ने सीएम पद की शपथ ली थी। ममता बनर्जी को सीएम बने रहने के लिए चुनाव जीत विधानसभा पहुंचने के लिए छह महीने का वक्त है। इसी बीच चुनाव आयोग ने उपचुनाव की घोषणा कर दी। अब, साफ हो गया है कि सीएम ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव लडऩे वाली हैं। इस सीट से टीएमसी विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने इस्तीफा भी दे दिया था। भवानीपुर ममता बनर्जी की होम सीट है। यहां से वो दो बार पहले भी विधानसभा पहुंच चुकी हैं। इस साल के विधानसभा चुनाव में ममता ने भवानीपुर की जगह नंदीग्राम को चुना था। अब, चुनाव आयोग ने बंगाल की भवानीपुर समेत तीन सीटों के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। जिसमें भवानीपुर हॉटसीट बन गया है। उधर भाजपा ने मांग की है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर से विधानसभा का उपचुनाव लडऩे से रोका जाये। उन्होंने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात की और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि ममता बनर्जी उपचुनाव न लड़ पायें।भाजपा ने कहा है कि उपचुनाव की घोषणा के बाद दुर्गा पूजा करने के लिए क्लबों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा करके तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और भवानीपुर से टीएमसी की उम्मीदवार ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। चुनाव आयोग से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रताप बनर्जी और बालूरघाट के सांसद सुकांत मजुमदार भी शामिल थे। ममता बनर्जी ने क्लबों को 50-50 हजार रुपये के अलावा बिजली शुल्क में 50 फीसदी छूट की भी घोषणा की है। वहीं, बंगाल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि उनकी पार्टी भवानीपुर विधानसभा सीट से ममता बनर्जी के खिलाफ उपचुनाव लडऩे के लिए तैयार है। पार्टी जीतने के लिए यह चुनाव लड़ेगी। श्री घोष ने कहा कि भाजपा संसदीय दल की ओर से ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर से उम्मीदवार की घोषणा जल्द की जायेगी। उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम में ममता बनर्जी को पराजित कर चुके हैं। अब यह मौका किसी और को दिया जाना चाहिए। श्री घोष ने ममता बनर्जी को आड़े हाथ लिया। कहा कि उपचुनाव की घोषणा के बाद से यह सरकार जिस तरह से व्यवहार कर रही है, वह उचित नहीं है। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल के चुनाव आयोग से मुलाकात के पहले दिलीप घोष ने कहा था कि पार्टी चुनाव आयोग के सामने यह मुद्दा उठायेगी। उल्लेखनीय है कि मार्च-अप्रैल में 8 चरणों में संपन्न हुए बंगाल चुनाव में दो उम्मीदवारों के निधन की वजह से दो विधानसभा सीटों पर चुनाव टाल दिया गया था।

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर प्रदेश की मुखिया और सत्तारूढ़ दल की सबसे बड़ी नेता ममता बनर्जी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से 1956 वोटों के मामूली अंतर से पराजित हो गयीं थीं। ममता बनर्जी ने अपनी हार को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है और पुनर्मतगणना की मांग की है। दूसरी तरफ, उनकी पार्टी लगातार जल्द से जल्द उपचुनाव कराने की मांग चुनाव आयोग से कर रही थी। ममता बनर्जी के उपचुनाव लडऩे के लिए भवानीपुर से बड़े अंतर से जीतने वाले तृणमूल नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने अपनी सीट खाली कर दी थी। ममता बनर्जी ने वर्ष 2016 का विधानसभा चुनाव भवानीपुर से लड़ा था। लेकिन वर्ष 2021 के चुनाव में उन्होंने पूर्वी मेदिनीपुर के नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव लडऩा तय किया। तृणमूल का दावा था कि ममता बनर्जी विशाल अंतर से जीतेंगी, लेकिन वह मामूली अंतर से हार गयीं। ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उनके षडयंत्र की वजह से मुझे दोबारा चुनाव लडऩा पड़ रहा है। ममता बनर्जी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट पर अपनी हार को षडयंत्र की संज्ञा दी है।  भवानीपुर में अपनी पार्टी के लिए प्रचार करते वक्त उन्होंने भाजपा पर जमकर हमला बोला।ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा राजनीतिक रूप से लड़ाई नहीं लड़ सकती है, यही वजह है कि वे सरकारी एजेंसियों का सहारा लेते हैं। पहले उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ यह हथकंडा अपनाया अब वे हमारे साथ यह सबकुछ कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि उपचुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद से ही केंद्रीय एजेंसियां तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को समन भेज रही हैं।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रतिशोध की राजनीति कर रही है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें लगातार पूछताछ के लिए समन भेजा जा रहा है जबकि नारद केस में जिसका नाम है उसे भाजपा सरकार नहीं बुला रही है क्योंकि वह अभी उनके साथ है।

बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने बहुमत तो हासिल कर लिया, लेकिन ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव हार गयीं। हालांकि वे इस विधानसभा सीट से लगातार आगे चल रही थीं, इसलिए वे लगातार यह आरोप लगाती रही हैं कि वे भाजपा की साजिश के कारण चुनाव हारी हैं। नंदीग्राम से उन्हें उनके पुराने साथी शुवेंदु अधिकारी ने शिकस्त दी थी जो चुनाव से पहले टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये थे। आपको बताते चलें कि पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए वाम मोर्चे ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। माकपा ने इस सीट पर जीव बिस्वास को मैदान में उतारने का फैसला किया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी भी इसी सीट से मैदान में हैं। मुर्शिदाबाद जिले की दो सीटों समसेरगंज और जंगीपुर में चुनाव के साथ 30 सितंबर को उपचुनाव होगा। इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान इन दो सीटों पर उम्मीदवारों की मौत के कारण मतदान रद्द कर दिया गया था। माकपा ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि श्रीजीब बिस्वास दक्षिण कोलकाता के भबानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से माकपा के उम्मीदवार होंगे।

वहीं, भबानीपुर सीट से टीएमसी विधायक शोभन देव चट्टोपाध्याय के इस्तीफे के बाद खाली हो गई है। जिसकी वजह से यहां भी चुनाव कराया जा रहा है। बनर्जी को इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से भाजपा के शुवेंदू अधिकारी ने हरा दिया था। मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने के लिए उन्हें यह उपचुनाव जीतने की जरूरत है।

समसेरगंज सीट के लिए वाम मोर्चे ने माकपा के मोहम्मद मोदस्सर हुसैन और जंगीपुर से आरएसपी के आलम मियां के नामों की घोषणा पहले ही कर चुकी है। तीन सीटों पर चुनाव के लिए 6 सितंबर को अधिसूचना जारी की थी। उपचुनाव के लिए 13 सितंबर नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है। वोटों की गिनती 3 अक्टूबर को होगी।

कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारे जाने की घोषणा के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने  कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बंगाल उपचुनाव में माकपा व कांग्रेस द्वारा अपने प्रत्याशी खड़े नहीं करना कोई मायने नहीं रखता। पिछले विधानसभा चुनाव की तरह उपचुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच ही मुख्य मुकाबला है।

घोष ने कहा, उपचुनाव में कितने भी प्रत्याशी मैदान में उतर सकते हैं। हमारे वोटर हमारे साथ हैं। पिछले चुनाव में भी मुकाबला बंगाल सरकार व भाजपा के बीच था। उनके (माकपा व कांग्रेस) के चुनाव नहीं लडऩे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में माकपा व कांग्रेस को केवल 10 से 15 हजार वोट मिले थे।यह साबित करता है कि उनका अब बंगाल में कोई अस्तित्व नहीं है। उन्हें देखने की जरूरत नहीं है। लोग अपना मन बना चुके हैं। मुकाबला टीएमसी और भाजपा के बीच होगा। ममता बनर्जी से मुकाबले के लिए हम तैयार हैं। उल्लेखनीय है कि 30 सितंबर को भवानीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मैदान में हैं। भबानीपुर के अलावा बंगाल में दो और विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। वहीं, मुख्यमंत्री बने रहने के लिए ममता बनर्जी के लिए यह उपचुनाव जीतना बहुत ही महत्वपूर्ण है। ममता मार्च-अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से चुनाव हार गईं थी। इसीलिए वह यहां से उपचुनाव लड़ रही हैं। वैसे भवानीपुर ममता की पारंपरिक सीट है। वहीं, ममता को पटखनी देने के लिए भाजपा भी पूरी रणनीति में जुटी है।

कोलकाता से संजय सिन्हा

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