ब्रेकिंग न्यूज़ 

ममता बनर्जी का मिशन गोवा: शह या मात?

ममता बनर्जी का मिशन गोवा: शह या मात?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब राष्ट्रीय राजनीति में आने की जद्दोजहद में लगी हैं। बंगाल की सत्ता पर तीसरी बार काबिज होने के बाद त्रिपुरा और गोवा पर उनकी निगाह है। आपको बता दूं कि गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के विधायक लुइजिन्हो फलेरियो ने कोलकाता पहुंचकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद लुइजिन्हो तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। लुइजिन्हों के साथ नौ अन्य नेताओं ने भी टीएमसी का दामन थाम लिया था। तब ऐसे कयास लगाए जाने लगे थे कि क्या टीएमसी की नजर लुइजिन्हों के सहारे गोवा में पार्टी के विस्तार पर है। अब तस्वीर करीब-करीब साफ हो चुकी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद गोवा के दौरे पर जा रही हैं। ममता बनर्जी 28 अक्टूबर को गोवा पहुंचेंगी। ममता बनर्जी ने 28 अक्टूबर से शुरू हो रहे गोवा दौरे से पहले ट्वीट कर अपने इरादे जाहिर कर दिए। टीएमसी सुप्रीमो ने कहा है कि 28 अक्टूबर से अपनी पहली गोवा यात्रा की तैयारी करते हुए मैं सभी से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उसके विभाजनकारी एजेंडे को हराने के लिए एकजुट होने का आह्वान करती हूं।

ममता बनर्जी ने अपने ट्वीट में आगे लिखा कि गोवा के लोगों ने पिछले 10 साल में काफी कुछ झेला है। उन्होंने आगे कहा कि हम एक नई सरकार बनाकर गोवा के लिए एक नई सुबह की शुरुआत करेंगे। ममता बनर्जी ने कहा कि ये वास्तव में गोवा के लोगों की सरकार होगी और उनकी आकांक्षाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध होगी। गौरतलब है कि ममता बनर्जी की पार्टी पहली बार गोवा के चुनावी रण में उतरने की तैयारी में है। ममता बनर्जी ने गोवा दौरे से पहले सभी राजनीतिक दल, व्यक्तियों और संगठनों से बीजेपी को हराने के लिए एकजुट होने की अपील कर ये भी साफ कर दिया कि उन्हें गोवा में गठबंधन से भी गुरेज नहीं। 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के गोवा दौरे के दौरान गायक लकी अली, अभिनेत्री, सामाजिक कार्यकर्ता नफीसा अली व गायक रेमो फर्नांडिस के तृणमूल में शामिल होने की संभावना है। पहले ही पार्टी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन गोवा में लकी अली, नफीसा अली से मिल चुके हैं। इस संदर्भ में तृणमूल सांसद सौगत राय ने कहा कि नफीसा अली, लकी अली और रेमो फर्नांडीज ने तृणमूल से संपर्क किया है। कई और आएंगे। नफीसा भी बार-बार ममता बनर्जी की तारीफ करती रही हैं और अपने ट्विटर अकाउंट पर भाजपा की आलोचना भी करती रही हैं। कोलकाता में जन्मीं नफीसा को दक्षिण कोलकाता से चुनाव लडऩे का भी अनुभव है। 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। ममता खुद इसके खिलाफ थीं। वही नफीसा ने अब ममता को ‘शेरनी’ कहकर संबोधित किया है।

वहीं दूसरी ओर गोवा में विधानसभा चुनाव से पहले गोवा फारवर्ड पार्टी तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की इच्छुक है। पार्टी के नेता पहले ही ममता बनर्जी की तारीफ कर चुके हैं। अगर गोवा फारवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन होता है तो गोवा चुनाव में तृणमूल भी भाजपा और कांग्रेस के लिए बड़ा सिरदर्द होगी। कांग्रेस ने 2017 के गोवा विधानसभा चुनाव में 17 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा को सिर्फ 13 सीटों पर जीत मिली थी। हालांकि राजनीतिक उथल-पुथल के बाद गोवा में भाजपा की सरकार बनी। इस बार तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी को पूरे देश में भाजपा के एकमात्र प्रतिद्वंद्वी चेहरे के रूप में उजागर करना चाहती है। इस लिहाज से वे गोवा को लक्ष्य बना रहे हैं और ममता के दौरे के दौरान इस मुद्दे को और गति मिल सकती है। इधर भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि गोवा का मौसम अब पर्यटकों के लिए उपयुक्त है। वह वहां छुट्टियां मनाने जा रही हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब्दुल मन्नान ने कहा कि उनकी यात्रा का कोई नतीजा नहीं निकलेगा और इसका उद्देश्य गोवा में ‘उनकी सहयोगी भाजपा’ की मदद करना है। तृणमूल कांग्रेस लगातार कांग्रेस पर हमला कर रही है और हमारे नेताओं को निशाना बना रही है। तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक रुख का उद्देश्य भाजपा की मदद करना है। वे गोवा में भी वही काम करने की योजना बना रहे हैं। अब देखना ये है कि ममता का प्रधानमंत्री बनने का सपना पूरा हो पाता है या नहीं।

 


कोलकाता
से संजय सिन्हा

Leave a Reply

Your email address will not be published.