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बिहार एवं झारखंड : अवैध अफीम की खेती

बिहार एवं झारखंड : अवैध अफीम की खेती

बिहार और झारखंड के शहरी एंव ग्रामीण क्षेत्रों के माताओं-पिताओं के सपने टूट रहे हैं। इन क्षेत्रों में नशे का कारोबार बढ़ रह है। जिससे किशोर और युवा ड्रग्स की गिरफ्त में आ रहे हैं। तस्करी के लिए हुस्न के जाल में फंसाने के लिए तस्करों द्वारा महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस्पात नगरी जमशेदपुर के डाक्टर, प्रोफेसर, इंजीनियर और व्यवसायी समेत ऐसे कई लोग हैं जो अपने बच्चों को सफलता के शिखर पर देखना चाहते थे। लेकिन उन्हें आज अपने बेटों को नशे से जूझते देखना पड़ रहा है। एक नशा मुक्ति केंद्र के संचालक के अनुसार केन्द्र में आने वाले लोगों में करीब 70 प्रतिशत से अधिक संख्या 20 से 25 आयु वर्ग के लड़कों की है। इनमें से लगभग आधे स्मैक के आदी हो चुके हैं। तो बाकी अफीम, गांजा, शराब और कोकीन सेवन करने के लती हैं। बिहार और झारखंड के युवा नशे के आदी हो रहे हैं। आलम यह है कि अफीम और गांजे से ज्यादा नशीली दवाइयों का सेवन नशे के रूप में किया जा रहा है। यह खुलासा सीआइडी की ओर से जुटाएं आंकडों से हुआ है। जांच में यह पता चला कि झारखंड और बिहार में बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं का कारोबार फल- फूल रहा है। झारखंड के अलग अलग थानों में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर सीआइडी ने एक आंकड़ा तैयार किया है। आंकड़े के मुताबिक एक दर्जन से अधिक दवाइयों का इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ नशे के लिए किया जा रहा है। इन दवाओं में कफ सिरफ से लेकर इंजेक्शन और टैवलेट शामिल हैं। इन दवाओं को डाक्टर के सलाह बिना बेचा नहीं जा सकता। लेकिन बिना डाक्टर के सलाह बेचा जा रहा है। हालांकि सीआइडी ने नशा कारोबारीयों पर गुंडा एक्ट लगाने की बात कह रही है। फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को दुनिया छोड़े डेढ़ वर्ष हो गये हैं। लेकिन मौत की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पायी है।

वहीं एक के बाद एक नशे के कारोबारी पुलिस के सामने आ रहे हैं। 17नवम्बर को महिला माडल को रांची के विद्यानगर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार ज्योति भारद्वाज हुस्न के जाल में फंसा कर ड्रग्स का कारोबार कर रही थी। वह पिछले ढ़ाई साल से दिल्ली में रह रही थी लेकिन फिलहाल रांची आयी हुई है। उसके अनुसार इसमें कई लोग लिप्त है। वहीं कई लोगों को इसने शामिल कर लिया। उनके पास से 28 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद पुलिस ने किया है। वहीं 15 फरवरी को जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र में छापामारी कर 290 पुडिय़ा ब्राउन शुगर के साथ तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था। 13 सितम्बर को गया पुलिस ने मुफ्सिल थाना से एक रैस्टोरेंट में छापा मार कर 3 किलोग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह सप्लाई झारखंड में करने की योजना थी। 4 जून को मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के पक्की सराय से ड्रग्स माफिया खकसा खातुन उर्फ मेघा कुमारी को 101 पुडिय़ा स्मैक के साथ पुलिस ने धर दबोचा है। वह कपड़े की दुकान की आड़ में नशे का कारोबार कर रही थी।

समय-समय पर भारत नेपाल सीमा पर गिरफ्तार की जा रही महिलाओं से पुलिस को इनपुट मिलता रहा है। नशीले पदार्थों की तस्करी में ज्यादातर महिलाएं कैरियर का काम कर रही है। दरअसल सीमाचंल व इसके आसपास के इलाके में गरीबी और अशिक्षा अधिक रहने के कारण इन तस्करों को स्थानीय मददगार उढाते हैं। गरीबी और लाचार महिलाओं और बच्चों को अपना निशाना बना कर कैरियर के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

जानकारी के अनुसार महिलायें अपने साथ बच्चों को रखती है। तथा नशीले पदार्थ को स्कूल बैग में रखकर सार्वजनिक वाहन से गंतव्य तक पहुंचती है। जहां से स्थानीय मददगार उसकी डिलवरी ले लेते हैं।

इंडो नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी को कस्टम विभाग मूक दर्शक बनी हुई है। पिछले दो साल से एक भी कारवाई नहीं हुई है। शायद यही वजह है कि छिटपुट कारवाई छोड़ दे तो बिहार और नेपाल सीमा पर कस्टम ने एक भी कारवाई नहीं की है।

नेपाल के रास्ते बिहार में ड्रग्स की तस्करी की जाती रही है। इस गोरखधंधे में कई लोग लगे हुए हैं। जो नेपाल से ड्रग्स मंगवाकर बिहार और झारखंड के अलग अलग जिलों में सप्लाई करवाते हैं। दरअसल बिहार के रक्सौल से मिले इनपुट के आधार पर मई 2020 में मुजफ्फरपुर के नेयाज अली के घर से भारी मात्रा मे ड्रग्स बरामद किया था। उसके साथ ही नेपाली और अरब के करेंसी बोरे में बंद मिला था। बिहार पुलिस ने इस वर्ष 6425 किलो ग्राम गांजा, 2.45 किलोग्राम हेरोइन, 0.390 किलोग्राम चरस, 51.40 किलोग्राम जब्त किया है वहीं 85 तस्करों को जेल के सलाखों के पीछे भेजने का काम किया है। वहीं झारखंड पुलिस ने भारी मात्रा में नशीली दवाओं 1052 किलोग्राम गांजा, 256 किलो ग्राम अफीम, 14 ग्राम ब्राउन शुगर, 32 ग्राम हेरोइन, 21687.320 किलोग्राम डोडा जब्त किया है। पुलिस ने इस दौरान नारकोटिक्स एक्ट के तहत 304 मुकदमे दर्ज कर 463 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। लेकिन नशे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। सौदागर लगातार युवाओं को इसकी जद में ले रहें हैं। भले ही पुलिस ड्रग्स पर नकेल कसने की लगातार कोशिश कर रही है। कारोबारी पकड़े भी जाते हैं। लेकिन आदत ऐसी हो गयी है सौदागरों की ये कारोबार उनसे छोड़ा ही नहीं जा रहा।

 

पटना और रांची से अनिल मिश्र

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