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पखाल खाओ, मस्त रहो

पखाल खाओ, मस्त रहो

वर्तमान में जंक फूड या फास्ट फूड का प्रचलन लगातार बढ़ता जा रहा है। शहरी इलाकों में खास कर इस तरह की प्रवृत्ति बढ़ रही है। लेकिन मैगी नूडल्स में सीसा व अन्य घातक चीजों के आवश्यकता से अधिक मात्रा में पाये जाने के कारण जो विवाद शुरु हुआ है उसके कारण पारंपरिक खाद्यों पर चर्चा एक बार फिर से शुरु हो चुकी है।

ओडिशा एक ऐसा प्रदेश है जहां पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि, स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छे होता है। फास्ट फूड के प्रचलन से पूर्व इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों का इस्तेमाल किया जाता था। आज भी राज्य के शहरी इलाकों को छोड़ दें तो अन्य इलाकों में इन व्यंजनों का इस्तेमाल काफी मात्रा में होता है। इस तरह के व्यंजनों में चकुलि पिठा व चितउ पिठा, पखाल शामिल हैं। आमतौर पर आज भी इनका उपयोग लोगों द्वारा किया जाता है। ये व्यंजन स्वाद की दृष्टि से न केवल अच्छे है बल्कि, इनको बनाने की विधि भी सरल है। यही कारण है कि इनका उपयोग काफी किया जाता है।

भारत में दूसरे क्षेत्रों के मुकाबले ओडिशा का खाना कम तेल मसाले युक्त होता है। ओडिशा का मुख्य भोजन चावल है। साल के पत्तों पर पारंपरिक खाना परोसा जाता है। ओडीशा के खाने में मुख्य रूप से केला, कटहल, पपीते का प्रयोग किया जाता है। साथ ही खाने में सूखे आम के टुकड़ों और इमली का प्रयोग भी बहुत किया जाता है। ओडिशा के खाने को और अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए दूसरे कई मसालों का प्रयोग किया जाता है जिसमें सरसों दाना, मेथी, जीरा, सौंफ, कलौंजी, लहसुन, प्याज का प्रयोग किया जाता है। लेकिन मंदिरों के लिए बनने वाले प्रसाद में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल नहीं किया जाता। यहां के प्रसिद्ध मंदिर में भगवान के लिए  56 भोजन तैयार किये जाते हैं। जिसे महाप्रसाद कहा जाता है। समुद्री क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के भोजन में झींगा मछली और प्रॉन मुख्य है। ओडिशा में 80 प्रतिशत लोग कृषि क्षेत्र पर निर्भर हैं जिसकी वजह से यहां के लोग अपने खेतों में पैदा हुई सब्जियों और फलों का ही प्रयोग करते हैं। ताजे फल और सब्जियां होने के कारण खाने का जायका और बढ़ जाता है।

दही पखाल और पखाल, चावल और पानी से बनने वाली डिश है जो गर्मियों के दिनों में लोगों को लू और गर्मी से बचाता है। साथ ही ये हल्का और सुपच्य भी होता है। ‘दही पखाल, सज पखाल और बासी पखाल’ ओडिशा का सबसे ज्यादा प्रसिद्ध खाना है। पखाल गरीब से लेकर अमीर तक की थली में मिलता है। पखाल तोराणी सेहत के नजिरए से बेहद लाभदायक होता है।


चितउ पिठा


chitau pitha

सामग्री

चावल -500 ग्राम, नारियल-1, नमक-स्वादनुसार

विधि

चावल को पानी में दो घंटे तक भीगने दें। इसके बाद पानी के साथ मिलाकर पीस लें। पीसे हुए नारियल और नमक को इसमें मिला लें। कुछ देर के लिए ढक कर रख दें। एक कड़ाई को गैस पर रखें इसमें तैयार किए गए पेस्ट में से कुछ हिस्सा कड़ाई में डालें। कड़ाई का तापमान कम या ज्यादा नहीं होना चाहिए। पांच मिनट के बाद यह तैयार हो जाएगा।

चितउ पिठा एक ऐसा व्यंजन है जिसका सेवन अमीरों के साथ गरीब भी कर सकते हैं। ये आसानी से उपलब्ध हो जाने वाला व्यंजन है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह सर्वश्रेष्ठ व्यंजन है। जिनको चितउ पिठा और स्वादिष्ट बनाना है वह दूध के साथ इसे खा सकते हैं। है वह दूध के साथ इसे खा सकते हैं।


चकुलि पिठा


Chakuli pitha

सामग्री

चावल- 500 ग्राम, उड़द- 200 ग्राम, नमक-स्वादनुसार

विधि

इसको बनाने के लिए कच्चे चावल और उड़द को पानी में भिगो कर 3-4 घंटे तक रख दें। इसके बाद दोनों को मिला कर पीस लें। स्वाद के अनुसार नमक भी मिला लें। गैस पर फ्राई पैन को रखें और इसमे तेल डाल कर गर्म करें। इसके बाद पेस्ट को गर्म तेल में डाल कर भूने। कुछ देर बाद आपका चकुलि पिठा तैयार हो जाएगा।

सामान्य तौर पर चकुलि पिठा दक्षिण भारत के लोकप्रिय व्यंजन डोसा से मिलता-जुलता है। चकुलि पिठा वास्तव में ओडिशा में सबसे अधिक लोकप्रिय व्यंजनों में से है। इसे किसी भी सब्जी के साथ खाया जा सकता है। इसे और अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए चावल व उड़द के पेस्ट में प्याज व हरी मिर्च डाली जा सकती है। हरी मिर्च डाली जा सकती है।


दही पखाल


Dahi pakhala

सामग्री

पके हुए चावल-1 कटोरी, जल-2 कटोरी, दही-1 कप, सरसों-1 बड़ा चम्मच, करी पत्ते-10, नमक-2 चम्मच, सूखी मिर्च-1, अदरक-1 इंच, तेल-1 बड़ा चम्मच।

विधि

बासी पखाल के लिए 1 कटोरी चावल में 2 कटोरी पानी डाल कर 6-8 घंटे के लिए रखें।

पैन को गैस पर रख कर गर्म करें अब इसमें 1 बड़ा चम्मच तेल डालें। तेल गर्म होने पर इसमें सरसों के बीच,करी पत्ते और सूखी मिर्च को चटका लें। अब इसमें आधा कप पानी डाले और ऊपर से दही को डाल कर अच्छे से पका लें। अब इसमें अदर और नमक डाल कर 5 मिनट तक पकाएं। फिर इसमें भीगे हुए चावल और पानी डाल कर पका लें। आपका दही पखाल तैयार है। पखाल को आप आलू भाजा, बड़ी चूरा, साग भाजा, फ्राई फिश के साथ परोस सकते हैं।


चिंगुड़ी झोल


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सामग्री

प्रॉन-500 ग्राम, आलू-1, प्याज-1, लहसुन-12-13 जवा, अदरक, हरी इलायची-3-4, लाल मिर्च-2, टमाटर-2, जीरा-1 चम्मच, तेल-2-4 चम्मच।

विधि

प्रॉन को धोकर साफ कर लें इसमें हल्दी और नमक मिलाकर 15 मिनट तक रख दें। सभी सूखे मसालों को एक साथ पीस लें। अदरक, लहसुन, प्याज को एक साथ अलग पीस कर रख लें। पेस्ट को दरदरा रखे ज्यादा बारीक न पीसें। टमाटर को भी छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर अलग रख लें। आलूओं को भी छोटे-छोटे चौकोर टुकड़ों में काट लें। अब एक पैन में तेल डाल कर प्रॉन को सुनहरा होने तक भूने। आलू को फ्राई करके अलग रख लें। दूसरे पैन में तेल गर्म करें और उसमें प्याज को सुनहरा होने तक भूने उसके बाद इसमें अदरक लहसुन का पेस्ट , हल्दी और मिर्च का पाउडर डाल कर 2 मिनट तक पकाएं। अब टमाटर ,आलू डाल कर पकाये। जब ये पक जाए तो प्रॉन डाल कर ढक्कन लगा दें। अंत में इलायची, दालचीनी पाउडर डाल कर 1-2 मिनट तक पकायें। अपका चिंगुडी झोल तैयार है।


भुवनेश्वर से समन्वय नंद / सुनीता विषोयी

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