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एक सरल व्यक्तित्व ‘भूपेन्द्र’

एक सरल व्यक्तित्व ‘भूपेन्द्र’

इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि पिछले कुछ दशकों में गुजरात ने विकास के मोर्चे पर काफी प्रगति की है। स्वाभाविक तौर पर यह तरक्की बिना राज्य की जनता की कर्मठता  के नहीं हो सकती साथ ही यह भी उतना ही सत्य है की बिना सही नेतृत्व के यह किया भी नहीं जा सकता। इसमें कोई शक नहीं की यह गुजरात का सौभाग्य है कि उसे भूपेन्द्र पटेल के रूप में सच्चे अर्थ में एक सीएम यानी कॉमन मैन प्राप्त हुआ है। सरल स्वभाव, सौम्य प्रकृति तथा हंसमुख अंदाज के साथ जनसेवा की संवेदना को ध्यान में रख कर कार्य करने का मुख्यमंत्री का मिजाज गुजरात की जनता के हृदय में उतर गया है। गुजरात आज कृषि, उद्योग और सेवा तीनों क्षेत्रों में देशभर में उल्लेखनीय रूप से विकास के नए मार्ग पर अग्रसर है। भूपेन्द्र पटेल सुशासन की संतुलित रणनीति और बदलती खट्टी-मीठी परिस्थितियों में सबको साथ लेकर चल रहे हैं। जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद की बागडोर संभाली तो राजनीतिक पंडितों में चर्चा थी कि वे वरिष्ठ नौकरशाहों और वरिष्ठ नेताओं के रिमोट कंट्रोल में रहेंगे। लेकिन उनका राजनीतिक दृष्टिकोण, सुशासन एवं प्रशासन पर गहरी पकड़ इन राजनीतिक पंडितों को झूठा साबित करती है।

गुजरात के लोग ‘गुजरात के गौरव’ के बारे में सदैव चिंतित रहते हैं। इसलिए, जब भूपेंद्र पटेल ने गुजरात में सत्ता संभाली, तो गुजरात के लोग एक ऐसे चेहरे के बारे में अधिक चिंतित थे, जो गुजराती अस्मिता को बचा सके और संरक्षित कर सके। और उनकी चिंता का निवारण करते हुए, भूपेन्द्र पटेल ने, केशुभाई पटेल और नरेंद्र मोदी के बाद, अपने छह महीने के कार्यकाल में गुजराती अस्मिता को राज्य के अंदर संरक्षित और बाहर फैलाने में सफल रहे। वास्तव में, उन्होंने यह साबित कर दिया है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को विकास के जिस पथ पर रखने की नींव रखी थी, वह उसी पथ पर राज्य को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं। सॉफ्टवेयर उद्योग और प्रतिभा के लिए भारत की पूरी दुनिया में पहचान है। गुजरात के बारे में प्रसिद्ध है कि वे अच्छे व्यवसायी होते हैं। पूरी दुनिया में उन्होंने अपनी व्यवसायिक बुद्धि का डंका बजाया है। लेकिन गुजरात की पहचान में सॉफ्टवेयर उद्योग की भूमिका कम ही रही है। चूंकि भूपेंद्र पटेल प्रोफेशनल इंजीनियर हैं, उनकी इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि का ही असर है कि उन्होंने गुजरात की नई योजना में सॉफ्टवेयर को भी स्थापित करने की तैयारी है। उनकी सोच ही है कि गुजरात में सॉफ्टवेयर उद्योग को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में आईटी निर्यात को 25 हजार करोड़ रुपये करना है ताकि गुजरात को देश के शीर्ष पांच प्रमुख केंद्रों में से एक प्रमुख केंद्र  के रूप में स्थापित किया जा सके। गुजरात में इसी साल के अंत में चुनाव होना है। भूपेंद्र पटेल की असली चुनौती इस चुनाव में पार्टी को जीत दिलाना होगी। उनके नेतृत्व की परीक्षा तभी होगी। अब देखना यह है कि अपने सुशासन, अपनी योजनाओं और अपनी नीतियों के सहारे कितनी बड़ी जीत हासिल कर पाते हैं। यह कहने के बाद, इसे उपयुक्त रूप से सारांशित किया जा सकता है की गुजरात में इसी साल के अंत में चुनाव होना है। भूपेंद्र पटेल की असली चुनौती इस चुनाव में पार्टी को जीत दिलाना होगी। उनके नेतृत्व की परीक्षा तभी होगी। अब देखना यह है कि अपने सुशासन, अपनी योजनाओं और अपनी नीतियों के सहारे वह कितनी बड़ी जीत हासिल कर पाते हैं।

 


दीपक कुमार रथ
(editor@udayindia.in)

 

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