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सरल और सहज जीवन के साथ बलिष्ठ नेतृत्व

सरल और सहज जीवन के साथ बलिष्ठ नेतृत्व

भारतीय गणराज्य के इतिहास में जितनी  तरक्की गुजरात राज्य ने दिखाई है, शायद ही किसी और राज्य ने दिखाई हो। स्वाभाविक तौर पर यह तरक्की बिना राज्य की जनता की कर्मठता के नहीं हो सकता लेकिन यह भी उतना ही सत्य है की बिना सही नेतृत्व के यह किया भी नहीं जा सकता। गौरवशाली गुजरात ने हमेशा एक सही नेतृत्व को अपनी पसंद बनाया है। महात्मा गांधी से लेकर पटेल और अब प्रधानमंत्री मोदी, देश को यह नगीने गुजरात ने ही दिए हैं। इसी गुजरात की जनता ने अब अपना विश्वास मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल पर जताया है और मुख्यमंत्री भी प्रति अपने कर्तव्यों से न तो डिगते हैं ना ही पीछे हटते हैं।  राज्य के सर्वांगीण विकास की उनकी भूख अपने कुछ समय के कार्यकाल में ही दिखने लगी है। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रशस्त किए गए विकास पथ पर गुजरात की विकास यात्रा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में और तेज गति से जनसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। भूपेंद्र पटेल ने गुजरात की जनता जनार्दन की सेवा करने के लिए 13 सितंबर, 2021 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। मुख्यमंत्री और उनकी ऊर्जावान टीम गुजरात ‘ने नए आत्मविश्वास के साथ स्वराज के स्वप्न को साकार करने के नए अध्याय की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली ऊर्जावान’ टीम गुजरात’ की जनसेवा के 121 दिन पूरे हो चुके हैं। इन 121 दिनों की छोटी अवधि में गुजरात ने अनेक क्षेत्रों में विकास की ऊंची छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री  भूपेंद्र पटेल की ऊर्जावान सरकार नरेन्द्र मोदी के दिखाए विकास पथ पर सुशासन के नए स्वप्नों को चरितार्थ करने के लिए निष्ठापूर्ण जनसेवा के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है। भूपेंद्र पटेल ने मुख्यमंत्री के रूप में जब गुजरात की जनता की सेवा करने की शपथ ली थी तब गुजरात के कई भौगोलिक क्षेत्र अतिवृष्टि का शिकार हुए थे। ऐसे में, ऊर्जावान मुख्यमंत्री क्षण भर का भी विलंब किए बिना बाढ़ प्रभावितों की सुध लेने पहुंच गए थे। उसके बाद नदी महोत्सव, स्वास्थ्य सुरक्षा, सुशासन सप्ताह और वाइब्रेंट गुजरात जैसे जनहित से संबंधित अनेक कल्याणकारी और परिणामोन्मुखी कार्यों की शुरुआत हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में सुशासन सप्ताह मनाकर राज्य के प्रत्येक नागरिक को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने के साथ-साथ, नागरिकों की अन्य समस्याओं के निवारण के लिए पूरे राज्य में अनेक कार्य किए गए हैं।

आत्मनिर्भर गुजरात से आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को धरातल पर उतारने की प्रतिबद्धता के साथ गुजरात आज कृषि, उद्योग और सेवा तीनों क्षेत्रों में देशभर में उल्लेखनीय रूप से विकास के नए मार्ग पर अग्रसर है। कोरोना महामारी की तीसरी लहर के उभरने की शुरुआती आशंका से पूर्व गुजरात के गांवों में शहरों जैसी सुविधा उपलब्ध कराकर ग्रामीणों के समग्र विकास को प्राथमिकता देने वाली ‘आत्मनिर्भर ग्राम यात्रा’ का आयोजन किया गया। जिससे ग्रामीण निवासियों को विकास पथ पर अधिक गतिशीलता से सर्वांगीण विकास की अनुभूति हुई। केवल तीन दिनों में ही 1500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले लगभग 43,000 ग्राम विकास के कार्य शुरू किए गए। विकसित देशों सहित पूरी दुनिया कोरोना महामारी के खिलाफ जंग लड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व उनके कुशल नेतृत्व में ट्रेस, टेस्ट व ट्रीट की नीति और टीकाकरण अभियान के साथ बहुआयामी रणनीति को अपनाते हुए गुजरात सरकार के व्यापक कदम अब तक काफी सफल रहे हैं। 100 प्रतिशत  टीकाकरण के लक्ष्य सहित नए ऑक्सीजन प्लांट्स की स्थापना और उपचार की अति आधुनिक सुविधाओं का अग्रिम आयोजन किया गया है। राज्य सरकार ने राज्य की 40 फीसदी यानी कि 3 करोड़ से अधिक जनता के स्वास्थ्य की जांच की है। यही नहीं देश के सभी राज्यों के बीच हुई सुशासन की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की समग्र रैंकिंग में गुजरात देशभर में अव्वल स्थान पर रहा है। गुजरात ने आर्थिक विकास, मानव संसाधन विकास, सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और उपयोगिता, समाज कल्याण, न्याय एवं सार्वजनिक सुरक्षा सहित पांच क्षेत्रों में प्रशंसनीय कार्य किया है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में सुशासन सप्ताह कार्यक्रम के दौरान राज्य के प्रत्येक नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने के साथ ही नागरिकों की समस्याओं के निवारण के लिए पूरे राज्य में अनेक परिणामोन्मुखी कार्य किए गए। सुशासन सप्ताह के दौरान 1183 समरस ग्राम पंचायतों को 63 करोड़ रुपए से अधिक का प्रोत्साहक अनुदान दिया गया है।

मनरेगा योजना के तहत राज्य में कुल

128 करोड़ रुपए की लागत से 17,835 जनहित कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है। सुशासन सप्ताह के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 216 करोड़ रुपए की लागत के 14,143 आवासों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया है। इसके अलावा  14,680 लाभार्थियों को कुल 61 करोड़ रुपए की सहायता आवास निर्माण के लिए दी गई है।

युवाओं पर ध्यान

भारत युवाओं का देश है और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल युवाओं के विकास के प्रति काफी सजग और हृदयस्पर्शी हैं।  कोरोना महामारी के भीषण कहर के दौरान पिछले दो वर्षों से राज्य में प्रतियोगी भर्ती परीक्षाएं आयोजित नहीं हो पाई थी। इस वजह से राज्य के अनेक प्रतिभावान युवाओं के समक्ष आयु सीमा निकल जाने के कारण सरकारी परीक्षा के लिए अयोग्य सिद्ध होने की स्थिति पैदा हो गई थी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने युवाओं की इस चिंता का समाधान करते हुए संवेदनशील हृदय के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए आयु सीमा में एक वर्ष की वृद्धि करने का निर्णय किया। मुख्यमंत्री द्वारा युवा हित में लिए गए इस निर्णय के फलस्वरूप गुजरात के अनेक युवाओं में हर्ष की लहर दौड़ गई है। राज्य के युवा अब मन लगा कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल के इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए राज्य के युवा उनके प्रति आभार की भावना अभिव्यक्त कर रहे हैं।

शिक्षित गुजरात

शिक्षा का अधिकार आज मुलभूत अधिकारों की श्रेणी में गिना जाता है और गुजरात के मुख्यमंत्री शिक्षा के महत्व को भली-भांति समझते हैं। इसलिए ही व्यापक जनहित को ध्यान में लेकर वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2022 को स्थगित रखने का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। उससे पूर्व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में अहमदाबाद स्थित साइंस सिटी में अकादमिक संस्थानों का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें शैक्षणिक क्षेत्र के 30 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का रोडमैप और छात्र स्टार्टअप व नवचार नीति  (सीप 2.0)  को लॉन्च किया गया। मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस देश के एकमात्र राज्य गुजरात में शिक्षा क्षेत्र में विश्व बैंक और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक द्वारा फंड किया गया का देश का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। जिसके लिए विश्व बैंक ने 500 मिलियन डॉलर का फंड स्वीकृत किया और अतिरिक्त 250 मिलियन डॉलर के साथ विश्व बैंक कुल 750 मिलियन डॉलर की फंडिंग देगा। वहीं एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक के 250 मिलियन डॉलर मिलाकर इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 1 बिलियन डॉलर की फंडिंग गुजरात को मिलेगी।  आगामी पांच वर्ष में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के अंतर्गत आगामी पांच वर्ष में 15,000 बड़े प्राथमिक स्कूलों और 5,000 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक समेत कुल 20,000 स्कूलों को अपग्रेड करने की ठोस योजना भी है।  कौशल्या : द स्किल यूनिवर्सिटी विधेयक विधानसभा में पारित किया गया है जिसके अंतर्गत अहमदाबाद में कौशल्य स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। स्किल इंडिया के साथ स्किल गुजरात मिशन को साकार करने का नवीन दृष्टिकोण। 23 रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ; डीआरडीओ  और गुजरात यूनिवर्सिटी के बीच 100 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए नई दिल्ली में एक एमओयू किया गया। यह सेंटर डीआरडीओ    अनुदानित साइबर सिक्योरिटी पर काम करने वाला भारत का एकमात्र संशोधन केंद्र बनेगा। तापी के उच्छल में 6. 82 करोड़ रुपए के खर्च से नवनिर्मित सरकारी कला महाविद्यालय जनता को समर्पित किया गया। राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को ग्लोबल और नेशनल रैंकिंग में स्थान दिलाने के लिए केवडिय़ा में शिक्षाविदों का विचार मंथन: राज्य के विश्वविद्यालयों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए चार वर्ष का रोडमैप तैयार करने का ठोस आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 22 हजार मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन के लिए 75 करोड़ रुपए की सहायता दी गई।

हर हाथ को काम

रोजगार देश की बहुत बड़ी समस्या है और इस पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की नजर स्वाभाविक तौर पर बनी हुई है। राज्य में इसीलिए युवा विकास युवा स्टार्ट-अप्स के नए शोध-अनुसंधान के डेमॉन्स्ट्रेशन को बढ़ावा देने का दृष्टिकोण अपनाया गया है। आत्मनिर्भर गुजरात से आत्मनिर्भर भारत  के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री ने युवा स्टार्टअप लीडर्स के साथ सफल संवाद स्थापित किया है। गरीबों तथा श्रमिकों के विकास के लिए विशेष ध्यान केन्द्रित कर 59 हजार से अधिक निर्माण (कंस्ट्रक्शन) श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड दिए गए हैं। श्रमिकों के उत्कर्ष के लिए ई. श्रम पोर्टल के अंतर्गत लगभग 45 लाख श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है। कोरोना के केसेस बढऩे से पहले आयोजित  सुशासन सप्ताह के दौरान अहमदाबाद में रोजगार नियुक्ति पत्रों तथा अप्रेंटिसशिप समझौता पत्रों (अग्रीमेंट) का वितरण किया गया साथ ही  अप्रेंटिस स्टाइपेंड रिएम्बर्समेंट मॉड्यूल का आरंभ किया गया है। इसके अलावा  आईटीआई संस्थागत स्टाइपेंड का डिजिटल गुजरात पोर्टल पर लॉन्चिंग किया गया है। अहमदाबाद में आईटीआई के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया गया। समग्र राज्य के 33 स्थानों पर एक साथ ई श्रम कार्ड का ऐतिहासिक वितरण किया गया। राज्य सरकार द्वारा ईटै पकाने के ईंटे- भट्ठा व्यवसाय से जुड़े श्रमजीवियों के दैनिक वेतन में संशोधन कर न्यूनतम् 293 रुपए वेतन भुगतान का महत्वपूर्ण निर्णय किया गया है। गुजरात में दैनिक वेतन के अलावा जीवन निर्वाह सूचकांक के अनुसार विशेष भत्ते का भुगतान भी किया जाएगा। राज्य के श्रम एवं रोजगार विभाग का नाम ‘श्रम कौशल्य और रोजगार विभाग’ किया गया है। 32 प्रतिभावान युवा टेनिस खिलाड़ी विशेष पटेल की सहायता के लिए आगे आए मुख्यमंत्री राज्य के प्रतिभावान युवा टेनिस खिलाड़ी विशेष पटेल ने शक्तित योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त करने के लिए लगभग डेढ़ वर्ष पहले आवेदन किया था, परंतु किन्हीं कारणों से विशेष पटेल को देय सहायता उपलब्ध नहीं हुई। इस संदर्भ में विशेष पटेल ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का ध्यानाकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने केवल दो ही दिन के भीतर शक्तिदूत योजना के अंतर्गत विशेष पटेल को देख लाभ देने के सरकारी आदेश जारी किए। देय सहायता उपलब्ध होने से आनंद-विभोर हुए विशेष पटेल ने कहा ‘सौम्य व सरल व्यक्तित्व के धनी हमारे मुख्यमंत्री ने मेरे राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय टेनिस कॅरियर के द्वार खोल दिए हैं। हमारा सौभाग्य है कि गुजरात को ऐसे संवेदनशील तथा परिणामोन्मुखी कार्य करने वाले मुख्यमंत्री प्राप्त हुए हैं।’

सभी को आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण  के अंतर्गत 1.44 लाख पक्के आवासों का निर्माण हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना  शहरी  के अंतर्गत 22 हजार नए आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गयी और 23 हजार आवासों का निर्माण कार्य पूरा किया गया। 15,900 आवास लाभार्थियों को आवंटित किए गए। अनुसूचित जाति के 5600 परिवारों को डॉ. आंबेडकर आवास योजना के तहत आवास की सुविधा उपलब्ध कराई गई। पंडित दीनदयाल आवास योजना के अंतर्गत 22 हजार से अधिक लाभार्थियों का समावेश किया गया। हळपति आवास योजना के तहत 6800 आवासों का निर्माण किया गया। अंबाजी में घुमंतू और विमुक्त जाति के 33 भरथरी वर्ग के लाभार्थियों को नि:शुल्क आवास, भूखंड का उपहार दिया गया। गरीबों के उत्थान के लिए निष्ठा के साथ काम कर रहे मुख्यमंत्री लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 तक सबके लिए आवास के संकल्प को साकार करने की सही दिशा में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कई विशिष्ट प्रयोजन किए हैं। मुख्यमंत्री के जनहितकारी निर्देशों का त्वरित क्रियान्वयन कर केवल पांच दिन की समयाविध में ही राज्य सरकार ने विचरणशील विमुक्त जाति के भरथरी समाज के लाभार्थियों के लिए नि:शुल्क आवासीय प्लॉट मंजूर किए। जो कहा वो किया के आदर्श वाक्य को  भूपेंद्र पटेल सच्चे अर्थ में साकार कर रहे हैं। दिसम्बर 2021 में अंबाजी की पवित्र भूमि पर भरथरी समाज के 33 लाभार्थियों को 80 वर्ग मीटर के प्लॉट की सनद अधिकार पत्र  मुख्यमंत्री ने जब अपने करकमलों से प्रदान की तो समग्र भरथरी समाज मन ही मन मुख्यमंत्री को हृदयपूर्वक आशीर्वाद दे रहा था।

सीएम-कॉमन मैन

इसमें कोई शक नहीं की यह गुजरात का सौभाग्य है कि उसे भूपेंद्र पटेल के रूप में सच्चे अर्थ में एक सीएम यानी कॉमन मैन प्राप्त हुए हैं। सरल स्वभाव, सौम्य प्रकृति तथा हंसमुख अंदाज के साथ जनसेवा की संवेदना को ध्यान में रख कर कार्य करने का मुख्यमंत्री का मिजाज गुजरात की जनता के हृदय में उतर गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री लीम्बडी-बगोदरा के बीच निर्माणाधीन सिक्स लेन सड़क के डामर कार्य का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के लिए गुजरात सरकार के मुख्य सचिव श्री पंकज कुमार, रोड्स एंड बिल्डिंग्स डिपार्टमेंट के सचिव श्री संदीप वसावा सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहुंच गए। अपनी इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने एक आम आदमी की तरह हाईवे पर स्थित ढाबे पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चाय का आनंद लिया। वहां मौजूद आसपास के नागरिक एवं राहगीर मुख्यमंत्री की इस सरलता, सादगी व सौम्यता की मन ही मन भरपूर प्रशंसा कर रहे थे। सरल, सहज और सौम्य स्वभाव के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के व्यक्तित्व की बड़ी विशेषताएं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पद को सत्ता नहीं बल्कि जनता की सेवा करने का माध्यम बनाया है। एक जमीनी कार्यकर्ता से लेकर गुजरात के सूत्रधार तक के सफर के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास और जनहित के उद्देश्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने मूल्यपरक राजनीति का नया अध्याय शुरू किया है। समग्र प्रशासन को जीवंत रखते हुए जनहित के प्रति समर्पित मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने 121 दिनों की छोटी सी अवधि में सुशासन की नई व अद्वितीय पहचान स्थापित की है।

नीलाभ कृष्ण

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