ब्रेकिंग न्यूज़ 

मोदी-योगी राज बरकरार

मोदी-योगी राज बरकरार

हाल ही में हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लाजवाब प्रदर्शन किया है। पार्टी ने जनसंख्या के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ वापसी की है। गोवा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दावा करने जा रही है। अगर उत्तराखंड की बात करें तो राज्य के गठन के बाद से ऐसा पहली बार हो रहा है जब एक ही पार्टी लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने में कामयाब रही हो। मणिपुर में भी  भाजपा का जमकर जादू चला है, जहां वह 60 में से 32 सीट जीतने में कामयाब रही है। चार राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की वापसी से साफ पता चलता है कि नरेंद्र मोदी का जादू फिर से काम कर गया है। आम आदमी की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निरंतर प्रयास रहा है, जिसके परिणामस्वरूप लोगों ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा और सुशासन को मजबूत करने के मूलमंत्र में अपना विश्वास व्यक्त किया। यूपी में, मोदी-योगी का चेहरा लोगों को आकर्षित करने में सफल रहा और जाति का कार्ड फिर से फेल हो गया। आम आदमी का मोदी फैक्टर को पुरजोर समर्थन है। भाजपा में शीर्ष पद पर पहुंचने के लिए नेतृत्व की कोई कमी नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पार्टी अध्यक्षों को शुरू से देखता है, तो पाता है कि वे देश के विभिन्न कोनों से हैं और सभी राष्ट्रीय अध्यक्ष एक ही पृष्ठभूमि से चुने गये। कांग्रेस के विपरीत, वंशवाद की राजनीति का भाजपा में कोई स्थान नहीं है। यूपी में प्रचंड बहुमत से योगी की जीत के बाद सियासी गलियारों में केंद्र में उनकी बड़ी जिम्मेदारी को लेकर अफवाह है, शायद मोदी के बाद। भाजपा की जीत से पार्टी को गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव में मदद मिलेगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संकट के दौरान जिस तरह से अपनी राजनीतिक सूझबूझ, सामाजिक अनुभव, नेतृत्व कौशल, तत्परता और निर्णय लेने की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया, वह अंधेरे में प्रकाश का प्रतीक बन गया। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ के अब तक के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि, उद्योग, बिजली, स्वास्थय, शिक्षा तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्र में विकास के लिए  गंभीर कदम उठाए है। जब योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी संभाली थी उस समय राज्य का प्रशासन तथा कानून व्यवस्था दोनों चरमराई हुई थी। लेकिन अपने कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में काफी बदलाव लाया। योगी एक निष्कलंक संत, अच्छी तरह से शिक्षित, एक सांसद के रूप में अच्छा राजनीतिक अनुभव रखने वाले एक मजबूत नेता हैं। आरएसएस की कोई पृष्ठभूमि नहीं होने के बावजूद, वह अपनी क्षमता और अनुकूलता के बल पर जमीनी स्तर से उठे नेता है। कोरोना संकट के दौरान योगी आदित्यनाथ, लोगो के बीच एक विश्वसनीय तथा संवेदनशील नेतृत्व वाले नेता  के रूप में उभरे, क्योंकि वह अपने सभी फैसलों के साथ उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान देने का प्रयास कर रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि उत्तर प्रदेश शीघ्र ही सभी स्थितियों का सामना करने में सक्षम होगा। यदि सब कुछ सही रहा तो आने वाले वर्षों में राज्य में रोजगार के कई सारे संसाधन उपलब्ध होंगे। यदि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को अन्य राज्यों के समक्ष एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करने योग्य बना देते है, तो इसमें कोई संदेह नहीं की वह एक दिन राष्ट्रीय स्तर के नेता के रूप में उभरेंगे।

 


दीपक कुमार रथ
(editor@udayindia.in)

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.