ब्रेकिंग न्यूज़ 

हिन्दू शोभायात्रा पर सुनियोजित हमले

हिन्दू शोभायात्रा पर सुनियोजित हमले

राम नवमी के अवसर पर देश के कई राज्यों से हिन्दू संगठनों द्वारा निकाले गए शोभा यात्रा पर एक के बाद एक पथराव, आगजनी के साथ-साथ व्यापक हिंसा की खबरें हमारे सामने आ रही हैं जो बिल्कुल अमानवीय है और इस देश में बहुसंख्यक होने के बावजूद हिन्दू समुदाय अब असुरक्षित और भय में जीवन जी रहा है। इस देश में गंगा-जमुनी तहजीब के नाम पर हिन्दुओं के साथ इस प्रकार के अमानवीय व्यवहार और उनकी हत्या की जा रही है। हिन्दूू अपने त्योहारों में शोभायात्रा निकालते हैं तो कुछ कट्टरपंथियों का यह कहना है कि इस प्रकार की शोभायात्रा मुस्लिम इलाकों से निकली है और वहां पर जय श्रीराम के नारे लगे हैं, तो कहीं पर डीजे बज रहा है जो उन्हें उत्तेजित करता है, ये मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से निकले अर्थात मुसलमानों को पत्थर फेंकने, पेट्रोल बम फेंकने और आगजनी करने का लाइसेंस मिल जाता है। हिन्दूओं की हत्या लोकतंत्र की हत्या है। उन पर कार्रवाई करने की बजाय लुटियंस पत्रकार ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि भारत में मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। सेक्युलरिज्म के नाम पर आप देश को बांटने की राह पर चल पड़े हैं हिन्दुओं पर हमला करने वाले मुसलमानों कि आप पैरवी कर रहे हैं और दंगाइयों को विक्टिम बता रहे हैं। विक्टिम कार्ड खेलना बंद करें और देश में धर्म के नाम पर आतंक को बढ़ावा देकर आप मुसलमानों का भला नहीं बल्कि उन्हें नेपथ्य की ओर अग्रसर कर रहे हैं। क्या हिन्दुओं द्वारा रामनवमी में या दुर्गा पूजा में शोभा यात्रा निकालना एक अपराध है? क्या अब इस देश में लोकतंत्र नहीं है? क्या हिन्दूू अपने त्यौहार नहीं मना सकते, उसकी इजाजत भी इन कट्टरपंथियों से लेना होगा?

हिन्दुओं पर ऐसे लक्षित जानलेवा हमले इस देश के लिए त्रासदी पूर्ण घटना है जो भविष्य में देश के लिए घातक सिद्ध होगी। इस देश को कुछ कट्टरपंथी हिन्दूू-मुसलमान के नाम पर फिर से बांटना चाह रहे हैं अब कहां गई गंगा जमुनी तहजीब? यदि सच में इस देश में गंगा जमुनी तहजीब होती तो हिन्दूओं को उनके त्यौहारों को हर्षोल्लास से मनाने दिया जाता न कि उन पर जानलेवा हमले किए जाते। अत्यंत दुख के साथ यह कहा जा सकता है कि देश में अब राम का नाम लेना और उनकी शोभा यात्रा मुस्लिम क्षेत्रों से निकालना, भले ही इसकी इजाजत आपको सरकार दे रही है और इस देश में लोकतंत्र होने के बावजूद इनके इलाके से रैली निकलती है तो आप इनको भड़का रहे है, उत्तेजित कर रहे हैं। ये आप पर हमला कर सके है परन्तु इनके जुलूस कहीं से निकल सकते है। इस प्रकार के नरेटीव सेट  कर रहे हैं ये बुद्धिजीवी पत्रकार। देश में जो हिन्दू-मुसलमान भाईचारा है वह समाप्त हो जाए और देश पुन: बंटवारे और नरसंहार के लिए तैयार करने की पुरजोर कोशिश की जा रही है अन्यथा सभी एकमत से हिन्दुओं पर दंगाइयों द्वारा पथराव और आगजनी की भर्त्सना करते न कि उनका समर्थन।

स्वतंत्र भारत में हिन्दू संगठनों द्वारा निकाले गए शोभा यात्रा पर पथराव और आगजनी की घटना कई राज्यों और जेएनयू जैसे शैक्षिक संस्थान में भी हुई। पहले राजस्थान उसके बाद मध्य प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल और झारखंड आदि राज्यों में राम नवमी के अवसर पर जो शोभायात्रा निकाली गई उस पर दंगाइयों द्वारा हमले किए जा रहे हैं। यहां तक कि अब शैक्षणिक संस्थान भी इससे अछूते नहीं रहे। जेएनयू जैसे विश्वविद्यालयों में रामनवमी के दिन हिन्दू विद्यार्थियों के पूजा और हवन को बाधित किया गया। शिक्षण संस्थान में इस घटना की निंदा की जानी चाहिए वही इस घटना के बचाव में लोग कह रहे हैं कि शिक्षण संस्थान में पूजा करने की क्या आवश्यकता है?

वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के खरगोन और सेंधवा में रामनवमी की शोभा यात्रा जेसे ही खरगोन के तालाब चौक में पहुंची तभी दंगाई मुस्लिमों की भीड़ ने पथराव, आगजनी और पेट्रोल बम फेंकने आरंभ कर दिए। सूत्रों के मुताबिक तुरंत बाद ही, अलग-अलग क्षेत्रों में भी पत्थरबाजी शुरू हो गई। कुछ घरों में आगजनी की गई वही शीतला माता मंदिर में तोडफ़ोड़ किया गया। खरगोन हिंसा में घायल शिवम की हालत नाजुक बताई जा रही है क्या गलती है उस मासूम की? शिवम के भाई ने बताया कि लोग बुर्का पहनकर पत्थरबाजी कर रहे थे। इनके घर पर अचानक ही सौ से डेढ़ सौ लोगों ने हमला कर दिया सभी लोग डरे और सहमे हुए हैं। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायर भी किए लेकिन दंगाइयों ने दूसरे क्षेत्रों में आगजनी शुरू कर दी। घरों और वाहनों पर पेट्रोल बम फेंके गए। मंदिरों और हिन्दुओं के कुछ घरों में आग लगा दी गई। 3 से ज्यादा दुकानें जला दी गई। पूरे खरगोन शहर में कफ्र्यू की घोषणा की गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जो वीडियो सामने आ रहे हैं उसमें दंगाई हाथ में तलवार और पत्थरबाजी करते लोग नजर आ रहे हैं दूसरे वीडियो में पेट्रोल बम चलाते दिख रहे हैं दंगाई। मध्य प्रदेश के 13 स्थानों पर पथराव और आगजनी की घटना सामने आई है इससे यह साफ हो जाता है कि यह सब अचानक तो नहीं हो सकता, छत पर पत्थर और पेट्रोल बम पहले से मौजूद थे तो यह कहा जा सकता है कि यह सब सुनियोजित प्लान के तहत किया गया। झारखंड के लोहरदगा और बोकारो में भी रामनवमी के दिन शोभायात्रा पर पथराव और आगजनी की घटना सामने आई है। रांची से दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस पर भी पत्थर फेंके गए। गुजरात में साबरकांठा स्थित हिम्मतनगर के छपरिया में भी रामनवमी के जुलूस पर पथराव किया गया। दंगाइयों ने पुलिसकर्मियों के वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया इसके बाद इन्होंने कई दुकानों और मकानों में आग लगा दी। इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी शोभायात्रा जब हावड़ा रामकृष्णपुर घाट पर पहुंची तब शिवपुर थाना के अंतर्गत आने वाले पीएम बस्ती इलाके में दंगाइयों ने श्रद्धालुओं पर अचानक हमला कर दिया। नवरात्रा के पहले दिन भी राजस्थान के करौली में बाइक रैली पर पत्थर फेंके गए और आगजनी की गई उसके बाद, कई हिन्दुओं के मकान को लूटा गया और फिर उसमें आग लगा दिया गया।

क्या इस तरह देश में दंगा फैला कर शांति की कल्पना की जा सकती है? कट्टरपंथी नेता और लुटियंस पत्रकार इन सभी दंगाइयों और आतंकी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं। मुस्लिम समुदाय को सोचने की आवश्यकता है कि वह अपने बच्चों के हाथ में किताब देना चाहते हैं या पत्थर। क्योंकि यही उनके भविष्य को तय करेगा कि वे प्रकाश की ओर जाना चाहते हैं या नेपथ्य।

 

प्रेरणा कुमारी

Leave a Reply

Your email address will not be published.