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कानपुर दंगे के पीछे थी सुनियोजित साजिश, धीरे धीरे खुल रही हैं परतें

कानपुर दंगे के पीछे थी सुनियोजित साजिश, धीरे धीरे खुल रही हैं परतें

कानपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President of India) की उपस्थिति में कानपुर में दंगा भड़काया गया। 3 जून को हुए इस दंगे के पीछे गहरी साजिश थी। इसकी परतें अब जाकर खुल रही हैं। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक केरल के चरमपंथी संगठन PFI ने दंगा भड़काने के लिए फंडिंग की थी। इस दंगे का मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी पुलिस की गिरफ्त में है। उसके मोबाइल से कई राज खुल रहे हैं।

दो दिन पहले इकट्ठा किया गया पेट्रोल

कानपुर दंगों(Kanpur Riots) में पेट्रोल बमों का जमकर इस्तेमाल किया गया। इसके लिए 48 घंटे पहले से पेट्रोल जमा किया जा रहा था। पेट्रोल पंपों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच से यह बात सामने आई है कि उपद्रव के आरोप बोतलों में पेट्रोल पंपों से पेट्रोल खरीद रहे हैं। इसे देखते हुए पेट्रोल पंपों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। क्योंकि बोतलों में पेट्रोल बेचना गैरकानूनी है।

कानपुर के 37 पेट्रोल पंपों के सीसीटीवी फुटेज जमा किए जा रहे हैं। इसी जमा किए गए पेट्रोल से कानपुर में 50 से ज्यादा धमाके किए गए थे। पेट्रोल पंपों की जांच के लिए SIT का भी गठन किया गया है। जिन पेट्रोल पंपों से तेल इकट्ठा किया गया था उन सभी को फिलहाल सील कर दिया गया है।

मुख्य अभियुक्त के फोन से खुले कई राज

कानपुर हिंसा का मुख्य अभियुक्त हयात जफर हाशमी फिलहाल पुलिस(Kanpur Police) की गिरफ्त में है। उसका मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिया है। इस फोन में व्हाट्सएप्प के 141 ग्रुप मिले हैं। जिसमें बाजारबंदी और दंगे को लेकर बातचीत की गई है। इन सभी ग्रुप्स से जुड़े लोग हर पल का अपडेट मुख्य आरोपी हयात तक पहुंचा रहे थे।
दंगा भड़कने के बाद हयात फरार हो गया था। उसे लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। जहां से वो दंगाइयों के ग्रुप का संचालन कर रहा था और दंगे के वीडियो और फोटो साझा करने पर उन्हें शाबासी दे रहा था।
हयात ने खुद भी कई ग्रुप में पोस्ट किया था। वहीं कई दूसरे ग्रुप्स में हयात की पत्नी भी सक्रिय थी और दंगों की फोटो और वीडियो साझा कर रही थी। वो खुद भी कई ग्रुप्स की एडमिन है।

कानपुर पुलिस इन ग्रुप्स के एक एक मैसेज को चेक कर रही है और उनके बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। जब्त किए गए 6 मोबाइल फोनों की जांच से पता चला है कि उनके जरिए 15 हजार से ज्यादा मैसेज भेजे गए थे।

FIR में 1000 से ज्यादा नामजद

कानपुर दंगों के मामले में अब तक 3 FIR दर्ज की गई हैं। जिसमें 40 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है और 1000(एक हजार) अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। इस मामले में अभी तक 35 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 9 दिन पहले से ही कानपुर में हिंसा की आग भड़काने की साजिश रची गई थी। लेकिन इसके लिए खास दिन तब चुना गया, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद खुद कानपुर में मौजूद थे। दंगाइयों को लगता था कि देश के सबसे बड़े नेताओं की मौजूदगी में दंगा भड़काने से ज्यादा मीडिया कवरेज मिलेगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की सुरक्षा में पुलिस और प्रशासन व्यस्त रहेगा। जिसकी वजह से उन्हें दंगा भड़काने के लिए ज्यादा मौका मिलेगा।

फिलहाल जफर हयात हाशमी समेत 4 मुख्य आरोपी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं। इन सभी को दंगा भड़कने के दूसरे दिन यानी शनिवार 4 जून को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस इन सभी को रिमांड पर लेने की कोशिश कर रही है। इस मामले में जफर हयात हाशमी के अलावा जावेद अहमद खान, मोहम्‍मद राहिल और मोहम्‍मद सुफियान फिलहाल गिरफ्तार किए गए हैं।

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