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झुकने की वजह से कट्टरपंथियों और आतंकियों का हौसला बढ़ा

झुकने की वजह से कट्टरपंथियों और आतंकियों का हौसला बढ़ा

नई दिल्ली: भारत में पिछले कई सालों से बवाल मचाने की कोशिश की जा रही है। कभी CAA/NRC को लेकर, तो कभी तीन तलाक को लेकर, फिर ज्ञानवापी (Gyanvapi) का बहाना बनाया गया और ताजा मामला है भाजपा (BJP) के दो नेताओं द्वारा इस्लाम के कथित रुप से अपमान का।

झुकने से और  बिगड़ता जा रहा है मामला

पहले के मामलों और इस मामले में काफी फर्क है। जहां पहले के मामलों में देश के नीति नियंता झुकते हुए दिखाई नहीं दिए थे। भले ही शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में कई महीनों तक आंदोलन चला, दिल्ली (Delhi) को दंगों की आग में झोंक दिया गया, लेकिन सरकार अपने रुख पर अडिग रही। परंतु इस बार मामले ने अलग ही मोड़ ले लिया।

चंद छोटे मुस्लिम देशों के विरोध के बाद भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा (Nupur Sharma) को पार्टी से निलंबित कर दिया गया और दिल्ली के मीडिया प्रभारी नवीन कुमार जिंदल (Naveen Kumar Jindal) तो पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। लेकिन क्या मामला इतने से शांत हो गया। जवाब है बिल्कुल नहीं।

बल्कि सरकार के झुकने से कट्टरपंथियों के हौसले और बुलंद हो गए। हालत ये हो गई है कि-

  • हिंदुस्तान के हर शहर में बम धमाका करने की धमकियां दी जा रही हैं।
  • जजों और उनके परिवार को धमकी दी जा रही है।
  • दंगाइयों को बचाने के लिए खुलेआम फतवे जारी किए जा रहे हैं।
  • मुस्लिम देशों में भारत के उत्पादों का बायकॉट(Boycott of Indian products) रुक नहीं रहा है।  यानी मामला संभलने की बजाए बिगड़ता ही चला जा रहा है।

आतंकी संगठन अल-कायदा ने दी है बम धमाके की धमकी

दुनिया भर में कुख्यात आतंकवादी संगठन अल-कायदा (Al Qaeda) ने देश के हर कोने में बम धमाके करने की धमकी दी है।

उसने अपनी चिट्ठी में कहा है कि ‘वे न तो अपने घरों में और न ही अपनी कि‍लेबंद सेना की छावनियों में शरण पाएंगे। अगर हम अपने प्यारे पैगंबर का बदला नहीं लेते हैं तो हमारी माताएं हमसे वंचित हो जाएं। हम उन लोगों को मार देंगे जो हमारे पैगंबर का अपमान करते हैं और हम अपने शरीर और अपने बच्चों के शरीर के साथ विस्फोटक बांधेंगे, ताकि उन लोगों को उड़ाया जा सके, जो हमारे पैगंबर का अपमान करने की हिम्मत करते हैं। उन लोगों को कोई माफी या क्षमा नहीं मिलेगी, उन्हें शांति और सुरक्षा नहीं बचाएगी। यह मामला निंदा या दुख के किसी भी शब्द के साथ बंद नहीं होगा‘।

आतंकवादियों की इस चिट्ठी में दिल्ली, मुंबई(Mumbai), यूपी और गुजरात(Gujrat) का विशेष तौर पर जिक्र है। इन आतंकियों का संदेश बेहद साफ है कि चाहे आप कितना भी झुक जाएं, कितनी भी माफी मांग लें, लेकिन वो भारत को तबाह करने का अपना मंसूबा नहीं छोड़ेंगे।

कानपुर में दंगाइयों को बचाने के लिए धमकी

नुपुर शर्मा के बयान को बहाना बनाकर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर को दंगों (Kanpur Riots) की आग में जलाने की कोशिश की गई। हजारो कट्टरपंथी सड़क पर उतर आए और पत्थरबाजी करने लगे। मासूम लोगों को निशाना बनाया जाने लगा। खास बात थी कि जब दंगाइयों का उत्पात हो रहा था, उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(PM Modi) और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दोनों ही कानपुर में थे। जिनकी अगवानी में प्रशासनिक अमला व्यस्त था। इसका भरपूर फायदा दंगाइयों ने उठाया।

लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) जैसे संन्यासी मुख्यमंत्री का शासन है। वहां प्रशासन हरकत में आ गया 50 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। शहर की 147 बिल्डिंगों की पहचान की गई, जिसकी छतों से पत्थरबाजी की जा रही थी। इन पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है। इसमें से कई बिल्डिंगें पप्पू स्मार्ट, हाजी वसी जैसे हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की हैं। जिन्हें अपनी करतूत की सजा मिलने वाली है।

लेकिन इन अपराधियों और दंगाइयों को बचाने के लिए लिए कानपुर का शहर काजी मौलाना अब्दुल कुद्दुस हादी सामने आ गया। उसने बयान दिया है कि अगर कानपुर में बुलडोजर चला तो लोग सर पर कफन बांधकर बाहर निकल आएंगे।

यहां भी संदेश स्पष्ट है कि अगर अपराधियों और दंगाइयों को उनकी करतूतों के लिए सजा दी जाती है तो फिर से दंगा भड़काया जाएगा।

यूपी में पहले भी दंगाइयों और अपराधियों पर बुलडोजर चले हैं। लेकिन इस तरह की सार्वजनिक धमकी देने की हिम्मत किसी मौलाना की पहले नहीं हुई। लेकिन इस बार सरकार के झुक जाने से उनका हौसला बढ़ गया है। उन्हें लगता है कि वो कुछ भी कर सकते हैं।

न्यायाधीशों को दी जा रही है धमकी

मजहबी कट्टरपंथियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वो न्यायाधीशों को भी धमकी देने से हिचक नहीं रहे हैं। जिसकी वजह से उनकी सुरक्षा में इजाफा करना पड़ रहा है। वाराणसी (Varanasi) के ज्ञानवापी (Gyanvapi) में सर्वेक्षण का आदेश देने वाले वरिष्ठ सिविल जज रवि कुमार दिवाकर को ‘इस्लामिक आगाज मूवमेन्ट’ की तरफ से धमकी भरी चिट्ठी लिखी गई है।

उन्हें यह पत्र मंगलवार की दोपहर को रजिस्टर्ड डाक से भेजा गया। दो पन्ने की इस चिट्ठी में अपरोक्ष रुप से जज और उनके परिवार को निशाना बनाने की धमकी दी गई है।

ये चिट्ठी दिल्ली के बहादुरशाह जफर मार्ग के पते से भेजी गई है। इस मामले की जांच डीसीपी ए.सतीश गणेश को सौंपी गई है और जज साहब की सुरक्षा में नौ पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।

ये वाकया एक बानगी है कि कैसे सरकार के एक कदम पीछे हटने से कट्टरपंथियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वो न्यायपालिका को भी निशाने पर लेने लगे हैं।

भारत को पूरी तरह घुटने पर लाने के फिराक में इस्लामी देश

हालांकि भाजपा ने नुपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल के खिलाफ कार्रवाई कर दी है। लेकिन इस्लामी देश इतने से ही संतुष्ट नहीं है। वो भारत सरकार को नीचा दिखाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि भारत सरकार ने सऊदी अरब (Saudi Arab) और कतर (Qatar) जैसे देशों को ये कहकर संतुष्ट करने की कोशिश की है कि ‘यह किसी भी तरह से भारत सरकार के विचार को नहीं दर्शाती है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा चुकी है।’

लेकिन इस्लामिक देश अब भी मानने के लिए तैयार नहीं है। सऊदी अरब, ईरान(Iran), बहरीन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार, जॉर्डन, ओमान, मालदीव और मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) लगातार भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं।

ये सभी भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करके देश को आर्थिक रुप से कमजोर बनाने की साजिश कर रहे हैं। खास बात ये है कि नुपुर और नवीन पर कार्रवाई के बाद भी इन सभी देशों और संगठनों की मुहिम शांत नहीं हुई है।

मुस्लिम नेता भी सरकार के बैकफुट पर आने से उत्साहित हैं। ओवैसी और उनके जैसे दूसरे लोग नुपुर और नवीन को गिरफ्तार करके उन्हें प्रताड़ित करने की फिराक में हैं।

सोशल मीडिया पर नुपुर और नवीन का सिर काटने से लेकर गैंगरेप तक के फतवे दिए जा रहे हैं। लगातार हैशटैग चलाए जा रहे हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस उन्हें सुरक्षा दे रही है। लेकिन किसी तरह की अनहोनी की आशंका लगातार बनी हुई है।

आप खुद सोचिए कि ऐसी हठधर्मी लोगों के सामने झुकना क्या उचित था? भारतीय जनता पार्टी ने अपने समर्पित कार्यकर्ताओं की बलि सिर्फ इसलिए चढ़ा दी ताकि विवाद शांत हो सके।

लेकिन कट्टरपंथियों के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं। क्योंकि उनका मकसद विवाद को शांत करना नहीं बल्कि दंगा भड़का कर देश को संकट में डालना है।

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