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खतरनाक साजिश में लगा है चीन, बेहद सावधान रहने की जरुरत

खतरनाक साजिश में लगा है चीन, बेहद सावधान रहने की जरुरत

नई दिल्ली: चीन की शरारतें बढ़ती जा रही हैं। पिछले दिनों खबर आई कि चीन की मोबाइल कंपनियां (Chinese Mobile Companies) भारतीयों का निजी डाटा इकट्ठा कर रही हैं। इसके बाद भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिकी जनरल ने चेतावनी दी है कि भारतीय सीमा(Indo China Border) पर चीन की गतिविधियां सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।

भारतीय सीमा पर चीन की हरकतें खतरनाक

अमेरिकी सेना (American Army) के पैसिफिक कमांडिंग जनरल चार्ल्स ए फ़्लिन चार दिनों के दौरे पर भारत पर आए हैं। उन्होंने सेनाध्यक्ष मनोज पांडेय (Army Chief Manoj Pandey) से मुलाकात की है। उन्होंने गुरुवार को कोलकाता में भारतीय सेना की पूर्वी कमान का दौरा किया।

जनरल चार्ल्स ने बुधवार को भारत को चेतावनी दी है कि भारत के साथ लगी सीमा पर चीन ने जो इन्फ़्रास्ट्रक्चर विकसित किया है, वह चिंता पैदा करने वाला है। चीन की सेना तरह की सैन्य गतिविधियाँ कर रही है, वो भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है। मई में खबर मिली थी कि चीन भारतीय सीमा के पास पूर्वी लद्दाख (eastern Laddakh) में दूसरा पुल बना रहा है।

अमेरिकी जनरल का मानना है कि चीन अपना सैन्य शस्त्रागार लगातार बढ़ा रहा है। आखिर इसकी जरुरत क्या है। चार्ल्स फ्लिन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक जैसी सोच रखने वाले देशों को चीन को जवाब देने के लिए साथ काम करने की ज़रूरत है। उनका इशारा भारत अमेरिका सैन्य सहयोग की तरफ था।

खास बात ये है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA)यानी चीनी सेना की पश्चिमी थिएटर कमान भारत की सीमा से जुड़ी हुई है। भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिकी जनरल ने चेतावनी दी है कि चीन की कथनी और करनी में फर्क है। चीन के नेता जो बयान देते हैं वह अलग बात है। लेकिन चीन की सेना जिस तरह का व्यवहार कर रही है वो चिंताजनक है। जनरल चार्ल्स फ्लिन मंगलवार यानी 6 जून को भारत पहुंचे थे.

चीन की हरकतों पर भारत की कड़ी निगाह

भारतीय सीमा पर चीन की गतिविधियों से भारत अनभिज्ञ नहीं है। दो दिन पहले ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर (Foreign Minister S Jaishankar) ने कहा था कि भारत अपनी सीमा पर यथास्थिति बदलने के किसी भी एकतरफ़ा प्रयास को स्वीकार नहीं करेगा। उनका इशारा साफ तौर पर चीन की तरफ था।

जयशंकर मोदी सरकार के 8 साल पूरे होने के मौके पर प्रेस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि “हमारी सीमाओं की सुरक्षा ज़रूरी है और हम यथास्थिति में एकतरफ़ा तरीक़े से बदलाव करने की कोशिशों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। जो चीज़ें पहले तय हैं, उनसे अलग कुछ हुआ तो वैसी ही प्रतिक्रिया मिलेगी।”

भारतीय सेना भी है मुस्तैद

भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने नौ मई को साफ तौर पर चीन का नाम लेकर कहा था कि ‘चीन सीमा से जुड़े विवाद को ज़िंदा रखना चाहता है। अगर चीन सीमा पर यथास्थिति को बदलने की कोई भी कोशिश करेगा तो भारत जवाबी कार्रवाई करेगा।

जनरल मनोज पांडे के मुताबिक ” भारत की पहली और सबसे महत्वपूर्ण चुनौती अप्रैल-मई 2020 से चली आ रही सीमाओं की स्थितियों का समाधान करना है। जहाँ तक ​​पूर्वी लद्दाख की बात है तो, हमारा उद्देश्य और इरादा यहाँ अप्रैल 2020 से पहले की यथास्थिति को बहाल करना है। हमारा इरादा दोनों पक्षों में विश्वास और शांति को फिर से स्थापित करना है।”

पूर्वी लद्दाख में चीन एक पुल बना रहा है। इस पुल के जरिए चीन के सैनिकों को लद्दाख में जल्दी पहुँचाया जा सकता है। चीन की सेना भारतीय सीमा पर सड़क के अलावा रहने के लिए कई बंकरों का भी निर्माण कर रहा है। जो कि चिंताजनक है।

भारतीय नागरिकों की जासूसी कर रहा है चीन

जहां भारत की सीमा पर चीनी सेना की हरकतें जारी हैं। वहीं चीन की कंपनियां भारत के लोगों की जासूसी कर रही हैं। एक समाचार पत्र के मुताबिक चीन की मोबाइल कंपनी शाओमी भारतीयों का निजी डाटा इकट्ठा कर रही है। ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बड़ा खतरा साबित हो सकता है। क्योंकि इस डेटा का इस्तेमाल करके चीन की सेना भारत के खिलाफ रणनीति तैयार कर सकती है।

शाओमी कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कई वरिष्ठ सदस्य भी शामिल हैं। शाओमी(Xiomi) समेत कई चीनी कंपनियों पर कर चोरी और फर्जी वित्तीय लेनदेन को लेकर भारतीय एजेंसियां जांच में जुटी हुई हैं। इसी दौरान इस बात का खुलासा हुआ है।

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