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भारतीय सेना के आधुनिकतम हथियार देखकर उड़ जाएंगे चीन-पाकिस्तान के होश

भारतीय सेना के आधुनिकतम हथियार देखकर उड़ जाएंगे चीन-पाकिस्तान के होश

नई दिल्ली: चीन पाकिस्तान के साथ दो मोर्चों की जंग को देखते हुए भारतीय सेना ने आधुनिकीकरण की योजना तैयार कर ली है। जिसे देखकर हमारे दुश्मनों के होश उड़ जाएंगे।

वायुसेना के लिए 114 फायटर जेट

भारतीय सेना(Indian Army) के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया जारी है। चीन और पाकिस्‍तान(China Pakistan) से लगातार मिल रही चुनौती से निपटने के लिए वायुसेना को जल्दी ही 114 नए फायटर जेट मिलने वाले हैं। इसके लिए भारत ने मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट(Multi Role Fighter Aircraft) खरीदने की योजना बनाई है। खास बात ये है कि भारत को फायटर जेट बेचने के लिए स्वीडन, अमेरिका और फ्रांस की दिग्गज हथियार कंपनियां बेताब हो रही हैं।

इस डील के लिए अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन(Lockheed martin) और बोइंग (Boing) के साथ फ्रांस की राफेल(Rafael) कंपनियों में होड़ चल रही है। भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) अपनी जरुरत के हिसाब से बोइंग कंपनी के F-15EX, एफ-18 और लॉकहीड मार्टिन के एफ-21 लड़ाकू विमानों की खरीदारी पर विचार कर रही है। इसके अलावा फ्रांस की राफेल कंपनी से भी और लड़ाकू विमानों की आपूर्ति पर भी चर्चा हो रही है।

मेक इन इंडिया को बढ़ावा

किसी भी देश के लिए 114 लड़ाकू विमानों की खरीदारी एक बड़ी डील है। इसकी खास बात ये है कि इसमें मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया जा रहा है और टेक्नोलॉजी ट्रांस्फर की शर्त भी रखी गई है।

भारत 114 फायटर विमानों की इस डील को दो हिस्सों में करना चाहता है। जिसके तहत 18 बने बनाए विमान खरीदे जाएंगे, जबकि 36 विमानों को ज्वाइंट वेंचर के तहत भारत में ही बनाया जाएगा। जिसके बाद बाकी बचे 60 विमानों को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया जाएगा।

रूस से जारी रहेगी S-400 मिसाइल डिफेन्स सिस्टम की आपूर्ति

रूस के के राजदूत डेनिस अलीपोव ने बताया है कि उनके देश से भारत को S-400 मिसाइल डिफेन्स सिस्टम(S-400 missile system) की आपूर्ति जारी रहेगी। इसके पहले आशंका जताई जा रही थी कि यूक्रेन से युद्ध के कारण रूस से S-400 मिलने में देर हो सकती है। लेकिन रूसी राजदूत ने इस चिंता को दूर कर दिया.

रूस ने दिसंबर 2021 से S-400 मिसाइल सिस्टम की पहली रेजिमेंट की आपूर्ति शुरु की थी। जिसके बाद अप्रैल 2022 में दूसरी रेजिमेंट की आपूर्ति की गई। रूस से आए इस आधुनिक डिफेन्स सिस्टम को तैनात भी कर दिया गया है। फिलहाल इसे उत्तर में चीन से लगी सीमा पर तैनात किया गया है। जहां से यह पाकिस्तान और चीन दोनों से निपट सकता है।

अमेरिकी विरोध का भारत पर असर नहीं

यूक्रेन पर रूस के हमले की वजह से अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंध लगा रखा है। माना जा रहा था कि इसकी वह से रूस से S-400 मिसाइल डिफेन्स सिस्टम की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। लेकिन रूस ने पहले ही यह बता दिया था कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद वह भारत को S-400 मिसाइल डिफेन्स सिस्टम की आपूर्ति जारी रखेगा।

भारत ने 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर में रूस से S-400 मिसाइल डिफेन्स सिस्टम खरीदने का समझौता अक्टूबर 2018 में किया था। उस समय भी अमेरिका ने इसमें अड़ंगा लगाने की कोशिश की थी। यहां तक कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत पर प्रतिबंध लगाने की भी धमकी दी थी। लेकिन भारत ने झुकने से इनकार कर दिया।

रूस के साथ S-400 मिसाइल डिफेन्स सिस्टम की डील भारत की विदेश नीति की मजबूती का एक अहम संकेत है। जब भारत ने अपनी रक्षा जरुरतों की पूर्ति के लिए अमेरिका और रूस जैसे दो दुश्मन देशों को एक साथ साध रखा है और दोनों से हथियार खरीद रहा है।

भारत को मिल रहे 114 लड़ाकू विमान और S-400 मिसाइल डिफेन्स सिस्टम हमारी फौजी ताकत को एक नए मुकाम पर ले जाएंगे। फिर चीन और पाकिस्तान हमारा मुकाबला करने का हालत में नहीं रहेंगे।

 

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