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इस्लामी देश दिखा रहे थे भारत को आंख, जब भूख ने सताया तो याद आई औकात

इस्लामी देश दिखा रहे थे भारत को आंख, जब भूख ने सताया तो याद आई औकात

नई दिल्ली: पूर्व भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद इस्लामिक देशों में तूफान उठ खड़ा हुआ था। कतर, इंडोनेशिया, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश भारत के खिलाफ बढ़ चढ़कर बयान दे रहे थे। यही नहीं कई इस्लामी देशों में तो भारतीय उत्पादों का बहिष्कार(Boycott Indian Products) भी होने लगा था। लेकिन अब जब इन देशों की जनता खाने के लिए तरसने लगी है, तो वे भारत के आगे गेहूं निर्यात के लिए गिड़गिड़ाने लगे हैं।

लेकिन पैगंबर विवाद के बाद भारत ने भी समझ लिया है कि इस्लामी देश(Islamic countries) कभी भी भरोसेमंद साबित नहीं हो सकते। जिसे देखते हुए केन्द्र सरकार(Govt of India) तेल के लिए अरब देशों पर निर्भरता कम कर रही है।

ईरान, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बहरीन, मालदीव, इंडोनेशिया जैसे 16 देशों ने भारत के विरोध में सारी हदें पार कर दी थीं।

इस्लामी देशों ने भारत के आगे फैलाया हाथ

रूस-यूक्रेन युद्ध(Russia Ukraine war) की वजह से भारत सरकार ने पिछले दिनों गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिससे कि घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। लेकिन इसकी वजह से दुनिया के कई हिस्सों में खाने की कमी हो गई है।

दुनिया के सबसे बड़े अनाज आयातकों में से एक इंडोनेशिया और बांग्लादेश सहित पांच इस्लामिक देशों ने गेहूं भेजने के लिए भारत सरकार के आगे हाथ फैलाया है। भारत को इंडोनेशिया, बांग्लादेश ,ओमान , संयुक्त अरब अमीरात और यमन से गेहूं के निर्यात के लिए अनुरोध प्राप्त हुए हैं। ये वही देश हैं जहां नुपुर शर्मा के बयान के बाद सबसे ज्यादा विरोध प्रदर्शन हुए थे।

केन्द्र सरकार ने अभी इन देशों की मांग का कोई जवाब नहीं दिया है। फिलहाल घरेलू बाजार में गेहूं की जरुरत और बाजार में इसकी उपलब्धता की समीक्षा कर रही है। जिसके बाद ही फैसला किया जाएगा कि इन देशों को गेहूं भेजा जाए या नहीं।

रूस यूक्रेन की लड़ाई से दुनिया में गेहूं की किल्लत

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कई महीनों से लड़ाई छिड़ी हुई है। जिसकी वजह से दुनिया में गेहूं की किल्लत हो गई है। रूस और यूक्रेन दोनों ही गेहूं के सबसे बड़े निर्यातक देश हैं। लेकिन इन दोनों की लड़ाई की वजह से फसल बर्बाद हो गई है और तैयार खाद्यान्न बाजार तक नहीं पहुंच पा रहा है।

उधर इस जंग के लंबा खिंचने के डर से भारत सहित दुनिया के कई देशों ने खाद्यान्न और ईंधन सहित जरुरी चीजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि भारत में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हमारा देश लगभग 105 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन करता है। जबकि हमारी घरेलू जरुरतों के लिए 30 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं पर्याप्त है। यानी भारत के पास हर फसल के बाद 75 मिलियन मीट्रिक टन सरप्लस गेहूं मौजूद होता है।

लेकिन पिछले दिनों इस्लामी देशों ने नुपुर शर्मा के एक छोटे से बयान के बाद जिस तरह भारत को आंख दिखाई थी। उसकी वजह से भारत की सहानुभूति इन देशों से खत्म हो गई है। भारत का गेहूं खरीदने के लिए पूरी दुनिया लाइन लगाकर खड़ी हुई है। क्योंकि भारत का गेहूं दुनिया में सबसे सस्ता और अच्छी गुणवत्ता वाला होता है। इसकी कीमत बाजार भाव से 40 फीसदी कम है। इसलिए भारतीय गेहूं की पूरी दुनिया में डिमांड है।

तेल के लिए अरब देशों पर निर्भरता घटा रहा है भारत

नुपुर शर्मा विवाद ने यह साबित कर दिया है कि इस्लामी देश कभी भी भारत के सगे नहीं हो सकते हैं। जिसे देखते हुए भारत ने अरब देशों पर तेल के लिए निर्भरता घटाने का फैसला किया है। भारत ने अब सऊदी अरब से तेल का आयात घटा दिया है। जिसकी वजह से भारत को तेल निर्यात करने वाले देशों की सूची में सऊदी अरब तीसरे पायदान पर खिसक गया है।

भारत ने अपनी ईंधन की जरुरतों को पूरा करने के लिए रूस पर ज्यादा भरोसा करने का फैसला किया है। सेंटर फ़ॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर यानी CREA की रिपोर्ट के मुताबिक रूस से भारत को ईंधन का आयात मई महीने में बढ़कर 2.2 करोड़ बैरल हो गया है। जो कि कुल आयात का 18 फीसदी है। जबकि पहले यानी 2020 और 2021 में भारत रूस से सिर्फ 1 फीसदी तेल खरीदता था। यानी रूस से भारत का तेल आयात 18 गुना बढ़ गया है।

रूस से तेल आयात बढ़ने की वजह से सऊदी अरब खिसक कर तीसरे नंबर पर आ गया है।

अभी भी सुधर नहीं रहे हैं कट्टरपंथी

हालांकि इस्लामी देश भोजन के लिए भारत पर निर्भर हैं। लेकिन उनकी कट्टरता अभी भी कम नहीं हो रही है। इजरायल से हमेशा मार खाने वाले आतंकी मुल्क फिलीस्तीन में 10 जून को हिंदू विरोधी रैली का आयोजन किया गया।

द मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (MEMRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-अक्सा मस्जिद में रैली के दौरान फिलीस्तीन के मौलवी निधाल सियाम ने भारत और हिंदुओं को खुलेआम गाली दी। इस कट्टरपंथी मौलाना ने पाकिस्तान से मांग की है कि वो भारत पर हमला करे।

निधाल सियाम ने अल अक्सा मस्जिद पर मौजूद लोगों के सामने कहा कि ‘हम अल अक्सा मस्जिद से मुस्लिमों की सेनाओं को संबोधित कर रहे हैं. मिस्र, तुर्की, जॉर्डन और सभी मुस्लिम देशों में हम कहते हैं, तुम कहां हो? क्या यह तुम्हारे धर्म और पैगंबर मोहम्मद का समर्थन करने का सही समय नहीं है? क्या यह सही समय नहीं है कि आप अपने देशों को आजाद कराएं? पाकिस्तान के लोगों, आपकी हिंदुओं का मुकाबला करने में अन्य किसी की तुलना में अधिक जिम्मेदारी है।’

कट्टरपंथी मौलाना निधाल सियाम का बयान यहां क्लिक करके जरुर सुनें। जिससे आपको ये पता चलेगा कि ये इस्लामी मुल्क भारत और हिंदुओं के बारे में कितने गंदे विचार रखते हैं।

 

अंशुमान आनंंद

 

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