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युवाओं को अनिवार्य सैनिक सेवा देने की तरफ बढ़े कदम, सेना में भर्ती होंगे ‘अग्निवीर’

युवाओं को अनिवार्य सैनिक सेवा देने की तरफ बढ़े कदम, सेना में भर्ती होंगे ‘अग्निवीर’

नई दिल्ली: केन्द्र सरकार ने मंगलवार को एक विशेष सैन्य भर्ती योजना का ऐलान किया है। जिसके तहत 17.5 से 21 साल के युवाओं को शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत सेना में भर्ती किया जाएगा। इन सैनिकों को अग्निवीर के नाम से जाना जाएगा। इस नई भर्ती योजना को अग्निपथ योजना(Agneepath Scheme) का नाम दिया गया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया ऐलान

अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को सिर्फ चार साल तक सशस्त्र बलों(Armed Forces) में अपनी सेवा देनी होगी। अभी सेना से रिटायरमेंट लेने वाले सैनिकों की औसत उम्र 32 साल है। जो कि इस योजना के बाद घटकर 24 से 26 साल रह जाएगी।

इस योजना का ऐलान करते समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह(Defence Minister Rajnath Singh) के साथ थल सेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे, वायुसेनाध्यक्ष वीआर चौधरी, नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार मौजूद थे।

रक्षा मंत्री ने बताया कि अग्निपथ योजना का लक्ष्य सैन्य सेवा की प्रोफाइल को यूजफुल बनाना है। इससे युवाओं का स्वास्थ्य और फिटनेस लेवल अच्छा रहेगा। इस योजना के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और यह योजना जीडीपी ग्रोथ में भी सहायक होगी। अग्निपथ योजना को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (Cabinet Committee on Security) ने मंजूरी दे दी है। जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(PM Modi) हैं।

 

रक्षा मंत्री द्वारा अग्निपथ योजना के बारे में बताते हुए पूरा वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें-

क्या है अग्निवीरों की भर्ती की प्रक्रिया और सुविधाएं

– अग्निवीरों की भर्ती की उम्र 17.5 साल से 21 साल के बीच होगी।

– अग्निवीरों को कम से कम 10th और 12th पास होना अनिवार्य होगा।

– 10वीं पास करके आए अग्निवीरों को 12वीं का सर्टिफिकेट देने के लिए एक सिस्टम तैयार किया जाएगा।

– अग्निवीरों को 40 हजार रुपए प्रतिमाह और कई अन्य भत्ते दिए जाएंगे।

– जवानों को पहले साल 4.76 लाख सालाना का पैकेज मिलेगा

– हर साल उनके पैकेज में तरक्की होगी, जो कि चौथे साल में बढ़कर 6.92 लाख हो जाएगा।

– वेतन के अलावा अग्निवीरों को रिस्क एंड हार्डशिप तथा दूसरे तरह के भत्ते दिए जाएंगे।

– 4 साल की सेवा अवधि पूरी होने के बाद रिटायरमेन्ट के समय अग्निवीरों को 11.7 लाख रुपए मिलेंगे। जो कि पूरी तरह ब्याजमुक्त होगा।

-रिटायरमेन्ट सेवा निधि में योगदान के लिए वेतन से 30 फीसदी रुपए कटेंगे जबकि बाकी 30 फीसदी सरकार जमा करेगी।

– ड्यूटी के दौरान शहीद होने पर परिजनों को रिटायरमेन्ट सेवा निधि के अलावा 1 करोड़ रुपए प्रदान किए जाएंगे और बाकी की सेवा अवधि का वेतन दिया जाएगा।

– ड्यूटी के दौरान गंभीर रुप से घायल या दिव्यांग होने की स्थिति में अग्निवीरों को 44 लाख रुपए मिलेंगे साथ ही उसे रिटायरमेन्ट सेवा निधि की राशि और बाकी सेवा अवधि का वेतन मिलेगा।

रिटायरमेन्ट के बाद नौकरी मिलने में आसानी

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए जवानों में से 20 फीसदी जवानों को चार साल बाद भी सेवा जारी रखने का मौका दिया जाएगा। इसके अलावा चार साल की सेवा अवधि पूरी करके रिटायर होने वाले अग्निवीरों को एक सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। जिससे उन्हें दूसरी नौकरी ज्वाइन करने में वरीयता मिलेगी। इसके अलावा सेवा अवधि में जवानों को भविष्य की तैयारी के लिए पढ़ाई करने की भी सुविधा दी जाएगी।

अग्निपथ योजना का उद्देश्य

अग्निपथ योजना का पहला उद्देश्य तो ये है कि देश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण की प्रक्रिया से गुजारना है। जिससे कि उनमें देश प्रेम और सैन्य अनुशासन बढ़े। अग्निवीर की ट्रेनिंग पाए युवा किसी भी मुश्किल हालात में हमेशा सैन्य सेवा देने के लिए उपलब्ध रहेंगे। इससे देश का रिजर्व सैन्य बल मजबूत होगा।

अग्निपथ योजना का दूसरा उद्देश्य देश की सेना को युवा, तकनीक की जानकारी रखने वाली मार्डर्न फायटिंग फोर्स बनाना है। इस योजना की वह से युवा उम्र में ही जवानों को सेना में काम करने का मौका मिलेगा। इस सैन्य अनुशासन की छाप उनपर पूरी जिंदगी रहेगी।

इस योजना का तीसरा उद्देश्य कम उम्र में ही युवाओं को अच्छा वेतन प्रदान करके उन्हें आर्थिक रुप से स्वावलंबी बनाना है। अग्निपथ योजना का हिस्सा बनने के बाद 21 साल की उम्र का युवा के पास अच्छी खासी धनराशि होगी जिससे वह स्वावलंबी होकर आगे बड़े काम कर सकता है।

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