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अग्निपथ योजना पर क्यों हो रहा है बवाल, जबकि इससे सबको है फायदा

अग्निपथ योजना पर क्यों हो रहा है बवाल, जबकि इससे सबको है फायदा

नई दिल्ली: भारतीय सशस्त्र सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना की शुरुआत की गई है। लेकिन इससे हंगामे का पिटारा खुल गया है। देश के कई हिस्सों में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें लगता है कि इस नई भर्ती योजना से उन्हें नुकसान होगा। लेकिन ये सच नहीं है। अग्निपथ योजना बेहद खास है। इससे सेना के साथ साथ युवाओं को भी कई तरह का फायदा होगा। आइए बताते हैं अग्निपथ योजना को लेकर किस तरह के भ्रम फैलाए जा रहे हैं और इसका क्या जवाब है।

ऐसा आरोप लगाया जा रहा है कि मात्र साढ़े पांच साल के लिए सेना में नौकरी के करने के बाद जब अग्निवीरों को रिटायर कर दिया जाएगा तो उनका भविष्य असुरक्षित हो जाएगा।

मुफ्त में मिलेगा कीमती सैन्य प्रशिक्षण

रिटायरमेंट के बाद अग्निवीरों के पास कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सबसे पहली बात तो उनके पास साढ़े पांच(5.5) साल सेना में काम करने का अनुभव होगा। जो कि सबसे कीमती है।

साढ़े पांच(5.5) वर्षों का सैन्य अनुभव रखने वाले शख्स को कोई भी कंपनी अपने साथ लेने में गर्व महसूस करेगी। क्योंकि साढ़े पांच साल की सैन्य ट्रेनिंग कोई भी प्राईवेट संस्थान दे नहीं सकता। यह सभी अभ्यर्थियों को मुफ्त में प्राप्त होगी। जो कि उनके पूरे जीवन की उपलब्धि होगी।

यह ट्रेनिंग उनके करियर का सबसे कीमती प्रोफेशनल स्किल साबित होगी। अग्निवीरों के सैन्य प्रशिक्षण पर सेना लाखों रुपए खर्च करेगी, जो कि कहीं और नहीं मिल सकता है।

लाखों पुलिस बलों की भर्ती में अग्निवीरों को वरीयता

पूरे देश के अलग-अलग राज्यों के पुलिस बल में बीस लाख इक्यानबे हजार चार सौ अट्ठासी(2091488) यानी लगभग 21 लाख लोग काम करते हैं। फिलहाल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश ने ऐलान कर दिया है कि उनके राज्यों के पुलिस बलों की भर्ती में अग्निवीरों को वरीयता दी जाएगी। धीरे धीरे देश के सभी राज्य अग्निवीरों को ही अपने यहां के पुलिस में भर्ती करेंगे। क्योंकि वह पहले से मिलिट्री ट्रेनिंग लेकर आए होंगे।

पूरे देश में पुलिस बलों की संख्या को देखते हुए उसमें भर्ती के लिए जितने अग्निवीरों की जरुरत होगी। उतने उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। फिर असुरक्षा किस बात की।

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पैरा मिलिट्री फोर्स में अग्निवीरों के लिए बहुत से मौके

देश में सात पैरा मिलिट्री फोर्स हैं, जिसमें सीआरपीएफ(CISF), बीएसएफ(BSF), सीआईएसएफ(CISF), इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस(ITBP), सशस्त्र सीमा बल(SSB), असम रायफल्स(AR), नेशनल सिक्योरिटी गार्ड(NSG) आते हैं। इसमें दस लाख से ज्यादा जवान और अधिकारी काम करते हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय(Ministry of Home Affairs) ने यह स्पष्ट कर दिया है। पारा मिलिट्री जवानों की भर्ती में अग्निवीरों को वरीयता दी जाएगी। यह एक तरह से जॉब सिक्योरिटी ही तो है। इससे दोहरा फायदा होगा कि पहला तो अग्निवीरों को रिटायरमेन्ट के बाद तुरंत दूसरी नौकरी मिल जाएगी। दूसरा कि पैरा मिलिट्री फोर्स में सेना से ट्रेनिंग पाए जवानों के शामिल होने से वो और बेहतर सेवा दे पाएंगी।

अग्निवीरों को आर्थिक सुरक्षा

रिटायरमेन्ट के बाद अग्निवीरों के पास एकमुश्त 10 लाख रुपए से ज्यादा उपलब्ध होगा। इसके अलावा उन्हें बैंक लोन मिलने में भी प्राथमिकता दी जाएगी। जिसकी वजह से वह अपना कोई भी व्यवसाय खड़ा कर सकते हैं।

इससे देश में स्वरोजगार(Entrepreneurship) को बढ़ावा मिलेगा। अग्निवीर चार साल सेना की नौकरी करने के बाद कई लोगों को रोजगार देने की स्थिति में आ जाएंगे। वह अपनी कंपनी खड़ी कर सकते हैं, अपने पारिवारिक व्यवसाय को और मजबूत बना सकते हैं और अपने साथ साथ कई और लोगों का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।

बेहद कम उम्र से कमाई शुरु

अग्निपथ योजना युवाओं को बेहद कम उम्र से कमाई शुरु करने का मौका देता है। इसमें मात्र 17.5 साल का युवा 30 से 40 हजार का पैकेज पाने लगेगा।

इसके ठीक विपरीत मैनेजमेन्ट या दूसरे प्रोफेशनल कोर्स करने के बाद 20 या 21 साल की उम्र में युवाओं को मात्र 12 से 15 हजार की नौकरी मिलती है। जिसमें बेहद गलाकाट प्रतिस्पर्धा भी होती है। उससे तुलना की जाए तो अग्निपथ योजना युवाओं को काफी बेहतर और सुरक्षित भविष्य देती है।

अग्निवीरों की पढ़ाई रुकेगी नहीं

ऐसा आरोप लगाया जा रहा है कि अग्निपथ योजना की वजह से युवाओं की आगे की पढ़ाई रुक जाएगी और वो हायर एजुकेशन में नहीं जा पाएंगे। यह बिल्कुल सच नहीं है क्योंकि अग्निवीर बनने के बाद युवाओं को 12वीं के समकक्ष सर्टिफिकेट दिया जाएगा और आगे की पढ़ाई के लिए ब्रिजिंग कोर्स की सुविधा मिलेगी।

अग्निपथ योजना से सेना में रोजगार के अवसर तीन गुना ज्यादा

विरोधियों का आरोप है कि अग्निपथ योजना की वजह से सेना में भर्तियों के मौके कम होंगे। जबकि सच इसके ठीक उल्टा है।
अग्निवीर योजना में जवान कम उम्र में ही नौकरी पाएंगे और जल्दी ही रिटायर हो जाएंगे। जिसकी वजह से नौकरियों के मौके बढ़ जाएंगे। आंकड़े बताते हैं कि अग्निपथ योजना की वजह से सेना में भर्ती के मौके सामान्य से तीन गुना ज्यादा बढ़ जाएंगे।

सेना की कार्यक्षमता बढ़ेगी

आरोप लगाया जा रहा है कि अग्निपथ योजना की वजह से भारतीय सेना कमजोर होगी और इससे सशस्त्र बलों की प्रभावशीलता को नुकसान पहुंचेगा। लेकिन यह सबसे बड़ा झूठ है क्योंकि चार साल की सेवा के बाद 25 फीसदी अग्निवीरों को सेना में स्थायी रुप से रखा जाएगा। इससे सेना की कार्यक्षमता और बढ़ेगी। क्योंकि उसे चार साल की सेवा के बाद जांचे परखे विश्वसनीय सैन्य अधिकारी मिलेंगे। जिससे सेना और मजबूत होगी।

सच्चाई तो ये है कि अग्निवीर योजना जैसी अल्पकालिक सैन्य भर्ती योजना अमेरिका, ब्रिटेन, इजरायल जैसे कई देशों में पहले से चल रही है और काफी सफल रही है। अग्निवीर योजना देश की बुनियाद को मजबूत बनाने वाली है। इससे कम उम्र के युवाओं को सैन्य ट्रेनिंग, आर्थिक मजबूती, बेहतर करियर जैसे कई फायदे होने वाले हैं। लेकिन विपक्ष ने इसे भी राजनीति का हथियार बनाकर भ्रम फैलाना शुरु कर दिया है।

बहुत सोच विचार करके लागू की गई है योजना

अग्निपथ योजना को ऐसे ही लांच नहीं कर दिया गया है। इसके लिए पिछले दो सालों में सशस्त्र बलों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से व्यापक विचार विमर्श किया गया। वास्तव में अग्निपथ योजना का खाका वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने ही तैयार किया है। केन्द्र सरकार ने सिर्फ इसकी घोषणा की है। कई पूर्व सैन्य अधिकारियों ने इसका स्वागत किया है।

देश में जगह जगह हंगामा मचा रहे युवाओं को विपक्ष के झांसे में आने से बचना चाहिए। जो कि उन्हें राजनीति का हथियार बनाकर केन्द्र सरकार के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं। वास्तव में यह योजना उनका भविष्य सुधारने की तरफ एक बड़ा कदम है।

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