ब्रेकिंग न्यूज़ 

International Yoga Day: भारत के स्वाभिमान का दिन

International Yoga Day: भारत के स्वाभिमान का दिन

नई दिल्ली: दुनिया आज 8 वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। इस बार की थीम है ‘मानवता के लिए योग’। जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐलान किया है। इस बार के कार्यक्रम का केन्द्र दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक के मैसूर में है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार के कार्यक्रम से पहले ही ट्वीट करके बताया कि ’21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा, इस बार का आयोजन ‘मानवता के लिए योग’ थीम रखा गया है, आइए हम सब मिलकर इस सफल बनाएं और योग की लोकप्रियता को और बढ़ाए’।

पीएम मोदी ने कर दी थी घोषणा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “मन की बात” कार्यक्रम के 8वें योग दिवस के बारे में घोषणा करते हुए कहा था कि ‘इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए इस विषय को बहुत विचार-विमर्श/परामर्श के बाद चुना गया है और यह उचित रूप से चित्रित करता है कि कैसे कोविड-19 महामारी के चरम के दौरान, योग ने पीड़ा को कम करने में मानवता की सेवा की और कोविड के बाद उभरते भू-राजनीतिक परिदृश्य में भी, यह करुणा और दया के माध्यम से लोगों को एक साथ लाएगा, एकता की भावना को बढ़ावा देगा तथा दुनिया भर के लोगों के जीवन में आसानी लेकर आएगा’।

मैसूर में 8वें योग दिवस कार्यक्रम का वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

प्रधानमंत्री मोदी की सफल विदेश नीति का प्रतीक योग दिवस

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है। उन्होंने साल 2014 में देश के प्रधानमंत्री का पद संभालते ही इस दिशा में कोशिश शुरु कर दी थी और आखिरकार संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाए जाने को मंजूरी दे दी। खास बात ये रही कि पीएम मोदी के इस प्रस्ताव को पूरी दुनिया से समर्थन हासिल हुआ है।

हालांकि संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठन से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए मंजूरी दिलाना कोई आसान कार्य नहीं था। क्योंकि साल 1980 से UNGA यानी संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस तरह के प्रस्ताव तभी पास किए जाते हैं जब सभी सदस्य देश उसका समर्थन करें। ऐसे में भारत की सांस्कृतिक परंपरा को पूरी दुनिया से मंजूरी दिलाना एक बेहद कठिन कार्य था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका बीड़ा उठाया और सफलतापूर्वक संपन्न भी कराया।

21 जून को योग दिवस मनाने के लिए पीएम मोदी का भगीरथ प्रयास

योगाभ्यास को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित किया जाना प्रधानमंत्री के एजेन्डे में सबसे उपर था। जिसके लिए उन्होंने देश का प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद से ही जीतोड़ कोशिश शुरु कर दी थी। उन्होंने कुछ इस प्रकार योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई-

– साल 2014 में प्रधानमंत्री पद संभालने के कुछ ही महीने बाद सितंबर 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पहला संबोधन देते हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा।

– पीएम मोदी ने अपने इस मिशन को कामयाब बनाने के लिए कूटनीतिक प्रयास शुरु किया। जिसमें भारत के पारंपरिक दोस्तों के साथ दुश्मन देशों का भी साथ मिला।

– योग दिवस के पीएम मोदी के प्रस्ताव के समर्थन के लिए चीन, अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और जापान ने सक्रिय सहयोग दिया। यही नहीं इस्लामी देश (OIC) के 56 देशों में से 48 देशों ने भारत के प्रस्ताव का समर्थन किया। जिसमें से मिस्र, नाइजीरिया, सेनेगल, तुर्की, इराक, ईरान और इंडोनेशिया ने आगे बढ़कर भारत का सहयोग किया।

– हालांकि सऊदी अरब, मलेशिया, ब्रुनेई, और पाकिस्तान ने भारत के प्रयासों में अड़ंगा डालने की कोशिश की। लेकिन ब्राजील, मेक्सिको, कोलंबिया, अर्जेंटीना  जैसे दूर के देशों के साथ साथ  हमारे नजदीकी पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, भूटान और म्यांमार, श्रीलंका और नेपाल ने आगे बढ़कर भारत का सहयोग किया।

– प्रधानमंत्री मोदी के UNGA में प्रस्ताव रखे जाने के मात्र 75 दिनों के अंदर यानी 11 दिसंबर, 2014 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने पर सहमति बन गई। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 देशों में से 177 ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।

– इतने भारी समर्थन को देखते हुए इस प्रस्ताव का विरोध करने वाले देशों की हिम्मत नहीं हुई कि वो योग दिवस मनाए जाने के विरोध में वोटिंग करें। इसलिए योग दिवस के विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा। विरोधी देशों ने वोटिंग से अनुपस्थित रहने में अपनी भलाई समझी। इस नजरिए से UNGA में योग दिवस का प्रस्ताव ऐतिहासिक रहा।

– इसके बाद 21 जून, 2015 को पहली बार दुनिया के लगभग सभी देशों में विश्व योग दिवस का आयोजन हुआ। भारतीय संस्कृति के वाहक योगाभ्यास को पूरी दुनिया ने पहचाना और मान्यता दी। करोड़ो अरबों की संख्या में लोगों ने एक साथ योग मुद्राएं प्रदर्शित कीं। यह पूरी दुनिया पर भारतीय संस्कृति की बहुत बड़ी छाप थी।

21 जून को योग दिवस मनाया जाना पूरी दुनिया पर भारत की सांस्कृतिक विजय का प्रतीक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.