ब्रेकिंग न्यूज़ 

राहत की खबर, देश में बढ़ी नौकरियां

राहत की खबर, देश में बढ़ी नौकरियां

नई दिल्ली: देश के युवाओं के लिए राहत की खबर है। कोरोना संकट के बाद देश में नौकरियों पर मंडरा रहा संकट अब कम होता हुआ दिख रहा है। बेरोजगारी की दर में कमी देखी गई है।

EPF के आंकड़ों से खुलासा

कोरोना संकट के बाद देश में नौकरियों पर मंडराते हुए संकट के बादल अब छंट रहे हैं। देश में आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। जिसकी वजह से युवाओं को नई नौकरियों के अवसर मिल रहे हैं।

यह खुलासा प्रोविडेंट फंड के आंकड़ों के जरिए हुआ है। जो यह बताता है कि EPF सब्सक्राईबर्स की संख्या में 1.2 करोड़ की रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई है। यानी 1.2 करोड़ नए लोगों को रोजगार मिला है। यह पिछले वित्त वर्ष यानी साल 2020-21 की अपेक्षा 55.7 गुना ज्यादा है। यह आंकड़े उत्साह बढ़ाने वाले हैं।

कोरोना ने रोजगार के मौके छीन लिए थे

आंकड़े बताते हैं कि देश में रोजगार के मौके कोरोना काल से बाद लगभग दोगुने हो गए हैं। कोरोना संकट काल में देश की अर्थव्यवस्था बेहद बुरी स्थिति में पहुंच गई थी। कई फैक्ट्रियां और कंपनियों के बंद होने से रोजगार के अवसर लगातार कम होते जा रहे थे।

लेकिन कोरोना संकट बीतने के बाद प्रतिबंध हटाए गए। जिसकी वजह से कंपनियां और फैक्ट्रियों में काम शुरु हो गया और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने लगे। EPF की रिपोर्ट ये बताती है कि इस बार पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ी है।

युवाओं को नौकरियों के ज्यादा मौके

कोरोना संकट बीतने के बाद 22 से 25 साल के लोगों को ज्यादा रोजगार के मौके मिले हैं। आंकड़े बता रहे हैं कि मार्च 2022 तक इस आयुवर्ग के 4.1 लाख नए लोग EPF में जुड़े हैं। इससे पता चलता है कि पहली बार नौकरी करने वालों की तादाद काफी ज्यादा हुई है।

वहीं 29-35 साल की आयु सीमा वाले युवाओं को भी नौकरियां मिली हैं। ये उस आयुवर्ग के लोग हैं जो कि पहले नौकरी करते थे। लेकिन कोरोना संकट के दौरान उनकी नौकरियां चली गई थी। लेकिन अब वो वापस नौकरी पर लौट रहे हैं। इस आयुवर्ग के 3.2 लाख नए सब्सक्राईबर जुड़े हैं।

सबसे ज्यादा नौकरियां महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा और दिल्ली में लोगों को मिली हैं। जहां पर लगभग 10.1 लाख नए सब्सक्राइबर EPF में शामिल हुए हैं। इन राज्यों से लगभग 66 फीसदी लोग EPF में शामिल हुए हैं।

आगे भी उज्जवल है भविष्य

नौकरियां पाने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। फिलहाल जो आंकड़े दिए गए हैं, वह मार्च 2022 तक के हैं। लेकिन नौकरियां देने का सिलसिला लगातार जारी है। औद्योगिक संस्थान फिक्की के मुताबिक कंपनियां लगातार भर्ती की प्रक्रिया में जुटी हुई हैं और नए नए लोगों को मौका दे रही हैं।

फिक्की के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2022-23 में 53 फीसदी कंपनियां अपने यहां लोगों को नौकरियां देने की तैयारी कर रही हैं।

इसके अलावा केन्द्र सरकार ने भी ऐलान किया है कि जल्दी ही वह केन्द्रीय संस्थानों में 10 लाख लोगों की भर्ती करेगी। जिसे देखकर लगता है कि देश में बेरोजगारी का संकट जल्दी ही दूर हो जाएगा।

ये भी पढ़ें- केन्द्र सरकार लाखों लोगों को नौकरी देने की तैयारी कर रही है

Leave a Reply

Your email address will not be published.