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‘मैं समंदर हूं, लौट कर जरुर आऊंगा’

‘मैं समंदर हूं, लौट कर जरुर आऊंगा’

मुंबई: महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री के लिए आज का दिन बेहद व्यस्त रहेगा। क्योंकि एक दिसंबर 2019 को उन्होंने जो कसम खाई थी, वो अब पूरी होने वाली है।

महाराष्ट्र में भाजपा मना रही है जश्न

बुधवार 29 जून की रात उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाइव पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। जिसके बाद रात में 11.45 बजे वह खुद कार चलाकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने पहुंचे और अपना इस्तीफा लिखित रुप में उन्हें सौंप दिया।

ये खबर मिलते ही महाराष्ट्र भाजपा में जश्न शुरु हो गया। भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल समेत सभी भाजपा नेता देवेन्द्र फडणवीस के पास इकट्ठा हुए और एक दूसरे को मिठाइयां खिलाई। सभी विधायकों ने अपने नेता फडणवीस को बधाई दी। जो कि मंगलवार की रात को ही राज्यपाल कोश्यारी से मुलाकात करके उन्हें अपने समर्थक विधायकों की लिस्ट सौंप चुके थे।

महाराष्ट्र का नया किंग देवेन्द्र फडणवीस

खास बात ये है कि महाराष्ट्र में भाजपा में मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई संशय नहीं है। सबको मालूम है कि मुख्यमंत्री बनने के लिए देवेन्द्र फडणवीस से बेहतर कोई और नेता नहीं है। सभी विधायक और नेता उनके साथ एकजुट हैं।
पिछले ढाई सालों में महाविकास अघाड़ी की सरकार के दौरान भी देवेन्द्र फडणवीस शांत नहीं बैठे थे। बल्कि एक सशक्त विपक्ष के तौर पर उन्होंने हमेशा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सही राह दिखाई और उन्हें दबाव में रखा। राज्य सरकार की हर कमी को उजागर किया।

इसलिए भाजपा के सभी विधायक फडणवीस के नेतृत्व में पूरी तरह एकजुट हैं। सभी को 1 दिसंबर 2019 का वो दिन याद है, जब शिवसेना के धोखे की वजह से फडणवीस को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। भाजपा विधायकों ने साफ तौर पर कहा है कि ‘फडणवीस हमेशा कहते थे कि वह सदन में लौटेंगे, अब, समय आ गया है। वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में वापसी करेंगे।’

लौट रहा है देवेन्द्र नाम का समंदर

‘मेरा पानी उतरता देखकर किनारे पर घर मत बना लेना, मैं समंदर हूं लौटकर जरुर आऊंगा’। महाराष्ट्र विधानसभा में देवेन्द्र फडणवीस की खाई हुई ये कसम 30 जून 2022 को पूरी हो रही है। उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के साथ ही महाराष्ट्र में फडणवीस के फिर से लौटना महज औपचारिकता रह गई है।

उद्धव के इस्तीफे के साथ ही देवेंद्र फड़णवीस के मुख्यमंत्री पद तक का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है. उनको अब बस राज्यपाल के सामने बहुमत साबित करना है। जो कि उनके बाएं हाथ का खेल है। क्योंकि संख्याबल उनके पक्ष में है।

देवेन्द्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा में जो कसम खाई थी उसका वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

ये है देवेन्द्र फडणवीस के पक्ष में विधायकों की संख्या

भारतीय जनता पार्टी- 113 विधायक
बागी शिवसेना – 40 से ज्यादा विधायक
निर्दलीय – 16 विधायक
कुल विधायकों की संख्या- 169

288 विधायक संख्या वाली महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत के लिए 144 विधायक चाहिए। जबकि देवेन्द्र फणडवीस के पक्ष में 169 विधायक हैं। यानी बहुमत से 25 विधायक ज्यादा। ऐसे में फडणवीस पूरी तरह निश्चिंत होकर अगले 2.5 साल तक मुख्यमंत्री पद संभाल सकते हैं। उनकी सरकार के लिए कोई खतरा नहीं है।

बागी शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के साथ उनकी निजी तौर पर गहरी दोस्ती है। जो कि राज्य के उप मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। ऐसे में महाराष्ट्र को एक बेहतर शासन व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।

 

अंशुमान आनंंद

 

 

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