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दुनिया में छाएगी मंदी, लेकिन राज करेगा भारत

दुनिया में छाएगी मंदी, लेकिन राज करेगा भारत

नई दिल्ली: रूस यूक्रेन की जंग की वजह से पूरी दुनिया पर आर्थिक मंदी का खतरा मंडरा रहा है। लेकिन भारत अपने सुशासन और बेहतर वित्तीय प्रबंध की वजह से इस वैश्विक आर्थिक संकट से बचा रहेगा। दुनिया की कई जानी मानी एजेंसियों ने भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति का अनुमान लगाया है।

दुनिया के मुकाबले भारत में तेज विकास दर

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा होल्डिंग्स (Nomura Holdings) का अनुमान है कि अगले 12 महीने के भीतर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं मंदी की चपेट में आ जाएंगी। इसमें दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका (US) के साथ-साथ यूरोपीय यूनियन (EU) के देश, ब्रिटेन (UK), जापान (Japan), दक्षिण कोरिया (South Korea), ऑस्ट्रेलिया (Australia) और कनाडा (Canada) जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।

लेकिन नोमुरा का मानना है कि दुनिया में सबसे तेज ग्रोथ रेट वाला देश भारत (India) वैश्विक मंदी के इस दौर में भी अछूता रह सकता है। यही नहीं भारत की विकास दर भी उल्लेखनीय गति से बढ़ती रहेगी।

चीन से आगे भारत की अर्थव्यवस्था

विश्व बैंक ने भी जून महीने की अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि चीन की विकास दर इस साल 4.3 प्रतिशत रहेगी, जबकि भारत की विकास दर 7.5 प्रतिशत पहुंच जाएगी। आइएमएफ की रिपोर्ट भी चीन के मुकाबले भारत के विकास दर की रफ्तार तेजी से बढ़ने का संकेत दे रही है।

ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि भारत की आर्थिक विकास दर चीन के मुकाबले काफी ज्यादा रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि आर्गेनाइजेशन फॉर इकोनमिक को-आपरेशन एंड डेवलपमेंट (OECD) ने भारत की विकास दर के अनुमान को 8.1 प्रतिशत से घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है। लेकिन विश्व बैंक के मुताबिक भारत की विकास दर 7.5 प्रतिशत रह सकती है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF ने अप्रैल में अनुमान लगाया था कि साल 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ सकती है। हालांकि पहले इसके 9 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा था। यानी भारत को वैश्विक मंदी का नुकसान तो हो सकता है। लेकिन उसकी मात्रा बेहद सीमित रहेगी।

मई 2022 में संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आर्थिक निगरानी शाखा के प्रमुख हामिद राशिद ने वर्ल्ड इकोनॉमिक सिचुएशन एंड प्रॉस्पेक्ट्स (WESP) ने बताया था कि ‘हम उम्मीद करते हैं कि अगले साल निकट अवधि में और दो साल भारतीय रिकवरी मजबूत रहेगी।’

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी उत्साहित

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी भारत के बेहतर आर्थिक हालातों का आकलन किया है। हालांकि दुनिया पर यूक्रेन-रूस युद्ध का बुरा असर दिखाई देने लगा है। लेकिन रिजर्व बैंक का मानना है कि भारत की घरेलू इकोनॉमी के आधारभूत तत्व काफी मजबूत हैं और ये खराब होते अंतरराष्ट्रीय माहौल के बावजूद बेहतर प्रदर्शन की क्षमता रखते हैं।

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