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बड़े आर्थिक घोटाले में फंस सकते हैं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमेत सोरेन, करीबियों पर ED का छापा

बड़े आर्थिक घोटाले में फंस सकते हैं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमेत सोरेन, करीबियों पर ED का छापा

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बड़े आर्थिक घोटाले में फंसने की आशंका है। उनके कई करीबियों पर शुक्रवार यानी 7 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय ने छापे डाले हैं। मुख्यमंत्री सोरेन के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा समेत उनके निकटवर्ती लोगों पर छापा डाला गया।

खनन घोटाला और काला धन का मामला

हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के साहेबगंज निवास पर छापा डाला गया है। उनके अलावा दर्जन भर और जगहों पर शुक्रवार को सुबह पांच बजे से ही प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी शुरु हुई।

रांची, साहिबगंज, राजमहल और बरहेटा में ईडी की टीमों ने एक साथ छापा मारा। ये छापे पंकज मिश्रा के रांची और साहिबगंज के ठिकाने, करीबी साहिबगंज के मिर्जाचौकी पर बिजनेसमैन राजू, पतरु सिंह और ट्विंकल भगत, साहिबगंज में फेरी सेवा जहाज के संचालक राजेश यादव उर्फ दाहू यादव, बड़हरवा में पत्थर व्यवसायी कृष्णा समेत तीन और लोगों पर छापा डाला गया। इसके अलावा कुछ होटलों में भी ईडी का छापा पड़ा है।

ईडी की टीमें सबूत इकट्ठे करने में जुटी हैं। इसके लिए सघनता से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई राज्य में खनन घोटाले और मनी लांड्रिंग से जुड़े मामले में की जा रही है।

फंस सकते हैं मुख्यमंत्री सोरेन

प्रवर्तन निदेशालय ने जिस पंकज मिश्रा को निशाने पर लिया है। वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बेहद करीबी हैं। क्योंकि मुख्यमंत्री ने झारखंड के साहेबगंज जिले के बरहेटा सीट से विधानसभा चुनाव जीता था। जिसके बाद उन्होंने पंकज मिश्रा को अपना प्रतिनिधि बना रखा है। जो कि मुख्यमंत्री के बेहद करीबी हैं।

पंकज मिश्रा के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

ऐसी आशंका है कि पंकज मिश्रा ही मुख्यमंत्री के काले धन के कारोबार को ठिकाने लगाने में जुटे हुए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने पंकज मिश्रा के खिलाफ पहले ही काला धन सफेद करने के मामले में केस दर्ज कर रखा है। पंकज मिश्रा मुख्यमंत्री सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय सचिव के पद पर भी हैं।

मुख्यमंत्री सोरेन को चुनाव आयोग का नोटिस

आरोप लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद को ही खनन पट्टा दे डाला और पत्नी के नाम जमीन आवंटित कर दी। मुख्यमंत्री के विधायक भाई बसंत सोरेन को पहले ही निर्वाचन आयोग से नोटिस मिल चुका है। बसंत दुमका से विधायक चुने गए हैं। वह खनन पट्टा के मामले में आरोपी हैं। चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नोटिस भेजकर उनके खिलाफ आरोपों पर सफाई मांगी है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रघुबर दास ने हेमंत सोरेन के करीबी पंज मिश्रा पर मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया था।

पूजा सिंघल पर कार्रवाई के बाद घोटाले की परतें खुली

मई के महीने में आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के खिलाफ काला धन मामले में बड़ी कार्रवाई हुई थी। उनके घर पर छापेमारी के दौरान करोड़ों की नकद रकम बरामद हुई थी। खनन सचिव के पद पर तैनात पूजा सिंघल गिरफ्तार हैं। उनसे खनन पट्टों के आवंटन में गड़बड़ी और अवैध खनन के मामले में जांच चल रही है। पूजा सिंघल का नेटवर्क झारखंड तक सीमित नहीं था। बल्कि उनके बिहार, बंगाल और पंजाब के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी। यहां तक कि पूजा सिंघल के चार्टर्ड एकाउंटेन्ट के घर से 18 करोड़ की नकदी बरामद की गई थी।

पूजा मिश्रा और उनके पास से बरामद कैश

पूजा सिंघल से पूछताछ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी पंकज मिश्रा का नाम खुला था। जिन्हें खनन के पट्टे दिए गए थे। इसके बाद ईडी के शक की सुई पंकज मिश्रा और उनके करीबियों की तरफ घूम गई। शुक्रवार को हुए छापे इसी जांच की अगली कड़ी है।

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