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Jammu Kashmir: अवंतीपोरा में आतंक का खात्मा, मारा गया कैसर कोका

Jammu Kashmir: अवंतीपोरा में आतंक का खात्मा, मारा गया कैसर कोका

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में आतंकियों का खात्मा जारी है। सोमवार को दोपहर बाद हुई एक मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया गया है। जिसमें से एक की पहचान जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैसर कोका के रुप में हुई है।

पुलवामा में हुई मुठभेड़

आतंकियों की तलाश में सुरक्षा बलों ने पुलवामा जिले के अवंतीपोरा इलाके के वांडकपोरा गांव में अभियान चलाया था। जिसमें छिपे हुए आतंकवादियों का पता चला। सुरक्षा बलों ने सुबह 10 बजे ही आतंकियों को घेर लिया था। जिसके बाद कायर आतंकी ग्रामीणों की आड़ लेकर छिपे हुए थे। सुरक्षा बलों का घेरा कसता गया। उन्होंने आतंकियों को सरेंडर करने को कहा, तो उन्होंने गोलीबारी शुरु कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आतंकी ढेर कर दिए गए।

भारी मात्रा में हथियार बरामद

कैसर कोका एक कुख्यात आतंकी था। वह चार साल पहले यानी साल 2018 से आतंकी घटनाओं में लिप्त था। मारे गए आतंकियों के पास से अमेरिका में बनी एक राइफल (M-4 कार्बाइन), एक पिस्तौल, गोला-बारूद समेत अन्य हथियार बरामद किए गए हैं।
इस इलाके में अभी भी सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है। क्योंकि आशंका है कि यहां अभी भी आतंकी छिपे हो सकते हैं।

बेहद शातिर था कैसर कोका

जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी कैसर कोका बेहद खतरनाक और शातिर आतंकवादी था। उसके पाकिस्तानी आकाओं ने पूरे इलाके में आतंकी रंगरूटों की भर्ती और उन्हें ट्रेनिंग के लिए सरहद पार भेजने का जिम्मा सौंपा था। पिछले 4 सालों में उसे कई बार सुरक्षा बलों ने घेरा था। लेकिन हर बार वह बचकर निकल भागने में कामयाब हो जाता था। उसका मुख्य इलाका अवंतीपोरा का ही था। वह यहां के कई युवाओं को बरगला कर या धमकी देकर आतंकी बनाने का काम कर रहा था। लेकिन कोका की मौत के बाद यहां के युवाओं को आतंकवादी बनने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी।

अब तक 125 आतंकी ढेर

साल 2022 का साल जम्मू कश्मीर के आतंकियों के लिए बेहद बुरा जबकि देश के लिए बेहद अच्छा साबित हुआ है। इस साल जुलाई तक हुई 55 मुठभेड़ों में 125 आतंकियों को मार गिराया गया है। जबकि पिछले साल यानी 2021 में पूरे साल में 146 आतंकवादी मारे गए थे।
जम्मू कश्मीर में पिछले दिनों आतंकवादियों ने जिस तरह आम नागरिकों, खास तौर पर कश्मीरी पंडितों, सरकारी कर्मचारियों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया था। उसके बाद से सुरक्षा बल चौकन्ने हो गए थे। इस बारे में गृह मंत्री ने खुद कमान अपने हाथ में ली थी और सुरक्षा बलों को निर्देश दिया था कि आतंकियों को बख्शा नहीं जाए। जिसके बाद आतंकवाद के खात्मे में तेजी आ गई।

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