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केरल में RSS दफ्तर पर बम से हमला

केरल में RSS दफ्तर पर बम से हमला

तिरुअनंतपुरम: केरल के कन्नूर में स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पर बम से हमला किया गया है। इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। लेकिन हमला बेहद घातक था।

रात में किया गया हमला

सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच करने पर पता चलता है कि कन्नूर जिले के पय्यानूर इलाके में यह हमला सोमवार की रात 12.30 बजे किया गया। हमलावरों ने बेहद शक्तिशाली बम का इस्तेमाल किया था। लेकिन रात होने की वजह से वहां कोई उपस्थित नहीं था। इसलिए बम की चपेट में कोई नहीं आ पाया।

शुरुआती जांच में पता चला है कि हमले में इस्तेमाल किया गया बम स्थानीय रुप से हाथ से तैयार किया गया था। जिसमें बारुद के साथ कीलें और शीशे के टुकड़े भरे गए थे। अगर कोई भी शख्स इस बम की चपेट में आ जाता तो उसकी जान बचनी मुश्किल हो जाती। लेकिन रात का समय होने की वजह से आरएसएस कार्यालय में कोई भी मौजूद नहीं था।

घटना की जांच जारी

देर रात किए गए इस हमले के दौरान धमाके की गूंज इतनी ज्यादा थी कि पूरा इलाका दहल गया था। इस घटना के बाद RSS दफ्तर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय पदाधिकारियों के मुताबिक इस हमले के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बेलगाम गुंडे जिम्मेदार है। जो कि ये हमला करके संघ कार्यकर्ताओं को दिल में दहशत पैदा करना चाहते हैं।

मात्र 100 मीटर की दूरी पर पुलिस स्टेशन

केरल के कन्नूर जिले के पय्यानूर इलाके में स्थित आरएसएस के इस दफ्तर से पुलिस स्टेशन की दूरी सिर्फ 100 मीटर है। तब भी वामपंथी गुंडों की हिम्मत इतनी थी कि उन्होंने संघ कार्यालय पर हमले का दुस्साहस कर डाला।

भाजपा नेता टॉम वडक्कन ने इसी विसंगति की तरफ इशारा करते हुए कहा है कि ‘जहां पुलिस स्टेशन 100 मीटर दूर है, ऐसे में तो सुरक्षा और भी चाक चौबंद होनी चाहिए। RSS कार्यालयों को विशेष रूप से कन्नूर जैसे संवेदनशील जिले में संरक्षित किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। राज्य सरकार को राज्य में किसी भी राजनीतिक कार्यालय को नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।’

संघ कार्यकर्ताओं पर कट्टरपंथियों की नजर

केरल में आरएसएस के स्वयंसेवक पर अक्सर वामपंथी और मजहबी कट्टरपंथी हमला करते रहते हैं। फरवरी 2022 में अनस पीके नाम के एक पुलिस अधिकारी को जासूसी के आरोप में नौकरी से हटाना पड़ा था। वह आरएसएस कार्यकर्ताओं से संबंधित डाटा चरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंड ऑफ इंडिया (PFI) को लीक कर रहा था।

आरोपी अनस पीके केरल के करीमन्नूर पुलिस स्टेशन में तैनात था। उसने पुलिस के डाटाबेस में मौजूद 200 आरएसएस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं से संबंधित जानकारियां PFI को सौंप दी थी। ऐसी आशंका है कि इस जानकारी का इस्तेमाल आरएसएस कार्यकर्ताओं पर हमले के लिए किया जा सकता है।

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