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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ खत्म, 25 जुलाई को फिर पेशी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ खत्म, 25 जुलाई को फिर पेशी

नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से गुरुवार यानी 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ खत्म हो चुकी है। सोनिया ने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया था, जिसकी वजह से उनसे दो ही घंटे पूछताछ की गई। जिसके बाद उनको छुट्टी दे दी गई है।

कांग्रेसियों का हंगामा

नेशनल हेराल्ड मनी लांड्रिंग मामले में सोनिया गांधी से पूछताछ हुई है। सोनिया गुरुवा को दोपहर 12 बजे के बाद पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंची थीं।

सोनिया गांधी और उनके परिवार पर हजारों करोड़ के घोटाले का आरोप है। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। सोनिया गांधी से पूछताछ का विरोध करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। सोनिया गांधी से अपनी नजदीकी दिखाने के लिए कांग्रेस के सभी बड़े नेता, सांसद और मुख्यमंत्री सड़कों पर उतर आए हैं। जिसकी वजह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कानून और व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो गई।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हंगामे को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। इसके अलावा सोनिया के समर्थन में प्रदर्शन करने उतरे लोकसभा और राज्यसभा के 75 सांसदों को हिरासत में लिया गया।

सोनिया के साथ प्रियंका भी पहुंचीं

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जब प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंचीं तो उनके साथ उनकी बेटी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी थीं। प्रियंका को ईडी मुख्यालय में ठहरने की अनुमति दी गई थी ताकि स्वास्थ्य समस्या खड़ी होने की स्थिति में वह अपनी मां के साथ रहें और उन्हें दवाएं दे सकें। लेकिन उन्हें पूछताछ वाले कमरे से दूर रखा गया था।

सोनिया गांधी से पूछताछ के दौरान होने वाले हंगामे को देखते हुए प्रशासन ने बहुत एहतियात बरता था। सोनिया के घर 10 जनपथ से प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर की दूरी सिर्फ एक किलोमीटर की ही है। लेकिन इस रास्ते पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। इसके अलावा पूरे इलाके के आसपास यातायात पर भी प्रतिबंध था।

सोनिया और उनके परिवार पर क्या है आरोप

गांधी परिवार ने साल 2010 में एक कंपनी बनाई, जिसका नाम था यंग इंडियन लिमिटेड यानी YIL। इस कंपनी को 5 लाख की पूंजी(Paid-up Capital) से शुरु किया गया। इस कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में सोनिया गांधी(Congress President Sonia Gandhi), राहुल गांधी(Rahul Gandhi) और प्रियंका वाड्रा(Priyanka Vadra) शामिल थे। जिनके पास कंपनी के 76 फीसदी शेयर थे।
बाकी के 24 फीसदी शेयर गांधी परिवार के करीबियों मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नान्डीज के पास थे। इन दोनों का अब निधन हो चुका है। जिसके बाद YIL को कोलकाता की एक मुखौटा कंपनी(Shell Company) से एक करोड़ रुपए का लोन मिला। जिसमें से 50 लाख रुपए देकर गांधी परिवार की कंपनी यंग इंडियन लिमिटेड(Young Indian Limited) ने असोसिएट जर्नल लिमिटेड(AJL) पर कब्जा कर लिया। जिसके पास 800 करोड़ रुपए की बेशकीमती जमीन थी। यानी सिर्फ 50 लाख रुपए देकर आठ अरब की संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया। इस मामले में काला धन को सफेद करने के आरोप की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है।

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