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नई शिक्षा नीति से बदलता भारत का भविष्य

नई शिक्षा नीति से बदलता भारत का भविष्य

किसी देश ने कितना विकास किया अगर हमें यहाँ जानना है तो हमें वहां के शिक्षा के स्तर को देखना होगा मसलन शिक्षा किसी देश के विकास का आधार हो सकती है। इसीलिए जब नई शिक्षा नीति-2020 लागू हो रही तो इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, 21वीं सदी के भारत को एक नई दिशा देने जा रही है और हम उस क्षण का हिस्सा बन रहे हैं जो हमारे देश के भविष्य के निर्माण की नींव रख रहा है। उन्होंने कहा कि इन तीन दशकों में शायद ही हमारे जीवन का कोई भी पहलू एकसमान बना रहा हो लेकिन हमारी शिक्षा प्रणाली अब भी पुरानी व्यवस्था के तहत चल रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति नए भारत की नई आकांक्षाओं और नए अवसरों को पूरा करने का एक साधन है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनईपी 2020 देश के हर प्रदेश क्षेत्र, हर कार्यक्षेत्र और हर भाषा के लोगों की पिछले 3 से 4 साल की कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन से वास्तविक कार्य शुरू हुआ है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020-21वीं सदी के भारत को एक नई दिशा देने जा रही है और हम उस क्षण का हिस्सा बन रहे हैं जो हमारे देश के भविष्य के निर्माण की नींव रख रहा है। उन्होंने कहा कि इन तीन दशकों में शायद ही हमारे जीवन का कोई भी पहलू एकसमान बना रहा हो लेकिन हमारी शिक्षा प्रणाली अब भी पुरानी व्यवस्था के तहत चल रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति नए भारत की नई आकांक्षाओं और नए अवसरों को पूरा करने का एक साधन है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनईपी 2020 देश के हर प्रदेश क्षेत्र, हर कार्यक्षेत्र और हर भाषा के लोगों की पिछले 3 से 4 साल की कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन से वास्तविक कार्य शुरू हुआ है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 का स्थान लेगी, एक समावेशी ढांचा है जो देश में शिक्षा के प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक केंद्रित है।

चूकि किसी भी शिक्षा प्रणाली का उद्Þदेश्य बच्चों को लाभान्वित करना है ताकि कोई भी बच्चा जन्म या पृष्ठभूमि की परिस्थितियों के कारण सीखने और उत्कृष्टता प्राप्त करने का कोई अवसर न खोए, एनईपी-2022 का लक्ष्य स्कूली शिक्षा में 100 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात का है 2030 नीति इस बात की पुष्टि करती है कि स्कूली शिक्षा में पहुंच, भागीदारी और सीखने के परिणामों में सामाजिक अंतराल को पाटना सभी शिक्षा क्षेत्र के विकास कार्यक्रमों के प्रमुख लक्ष्यों में से एक बना रहेगा। एनईपी देश में शिक्षा क्षेत्र को बदल देगी क्योकि यह शिक्षा को सुलभ, न्यायसंगत, समावेशी बनाने पर केंद्रित है

 

नई शिक्षा नीति 2020

नई शिक्षा नीति के तहत सरकार ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम भी बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया।

नई शिक्षा नीति में कई तरह के बदलाव किये गये लेकिन इसमें सबसे अहम बदलाव 10+2 हुआ है और इसे बदलकर अब 5+3+3+4 के फॉर्मेट में कर दिया गया है। अब आप को समझाते है क्या है यह नया 5+3+3+4 का फॉर्मेट? नई शिक्षा प्रणाली के तहत पहले 5 साल में प्री प्राइमरी व प्राइमरी के तीन साल होंगे और कक्षा 1- 2 शामिल होगी फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 तक में विभाजित किया गया है इसके बाद और तीन साल कक्षा 6 से 8 के लिए निर्धारित किया गया है जबकि अंतिम के 4 साल कक्षा 9 से 12 के लिए बनाए गये हैं।

नई शिक्षा नीति के तहत अब 12 तक की पढ़ाई को 4 भागों पर विभाजित कर दिया गया है और सभी का अपना अपना महत्व भी तय किया गया है जबकि इससे पहले सिर्फ 10वीं और 12वीं को ही महत्त्व दिया जाता था और बच्चे सिर्फ दो ही परीक्षाओं को सबसे महत्तवपूर्ण मानते थे। नई शिक्षा नीति के तहत अब छात्रों को खुद के पसंदीदा विषय पढ़ने की आजादी मिलेगी और वह विज्ञान व कला के बाहर भी अपना भविष्य बना सकेगा जबकि इससे पहले सिर्फ विज्ञान की पढ़ाई करने वाले को ही समाज में उचित स्थान मिलता था जबकि कला और बाकी का अध्ययन करने वाले को समाज कमजोर  नजर से देखता था।

नई शिक्षा नीति ना हमें शिक्षित करेगी बल्कि हमारे शिक्षा को रोजगार उनमुखी भी बनाएगी।

 

 

डॉ. प्रीती

(लेखिका दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं)

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