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भगवा कपड़े पहनकर कमाल और आदिल ने दरगाह में आग लगाई, कांवड़ियों को बदनाम करने की कोशिश

भगवा कपड़े पहनकर कमाल और आदिल ने दरगाह में आग लगाई, कांवड़ियों को बदनाम करने की कोशिश

बिजनौर: मजहबी कट्टरपंथियों से देश की शांति नहीं देखी जा रही है। वह किसी भी कीमत पर देश में दंगे की आग भड़काना चाहते हैं। इसी वजह से उत्तर प्रदेश के बिजनौर में कमाल और आदिल नाम के दो लड़कों ने भगवा पगड़ी और कपड़े पहनकर एक मजार में तोड़ फोड़ की और वहां चढ़ाई हुई चादरों में आग लगा दी।

दंगा भड़काने की साजिश

कमाल और आदिल ने रविवार को शेरकोट थाना क्षेत्र के घोसियावाला गांव में भूरे शाह और जलाल शाह की मजार पर तोड़ फोड़ की और वहां चढ़ाई हुई चादरों में आग लगा दी। बिजनौर पुलिस ने बताया कि उसे रविवार की शाम 4.30 बजे सूचना मिली कि भगवा कपड़े पहने हुए कुछ लोग मजार में तोड़ फोड़ कर रहे हैं। जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय लोगों ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस की मदद की।

गिरफ्तार हुए आरोपियों ने बताया कि वह कई और मजारों में तोड़ फोड़ करने की तैयारी कर रहे थे। कमाल और आदिल ने पूरे गांव के लोगों के सामने मजार तोड़ने की बात कबूल की और बताया कि वह और मजारों में तोड़ फोड़ करने वाले हैं।

कांवड़ियों को बदनाम करने की योजना

सावन के महीने की शुरुआत के साथ पूरे देश में कांवड़ यात्रा चल रही है। श्रद्धालु भगवा कपड़े पहनकर गंगाजल से भरे बर्तन लेकर आ रहे हैं। आदिल और कमाल ने शायद इसीलिए भगवा कपड़े पहनकर मजार में तोड़ फोड़ करने की साजिश रची। जिससे कि भगवा कपड़े पहने लोगों के देखकर लोगों को लगे कि कांवड़िए मजार में तोड़-फोड़ और आगजनी कर रहे हैं।

आदिल और कमाल ने सैकड़ों साल पुरानी दरगाहों को अपना निशाना बनाया था। जिससे आस पास के इलाके के लाखों लोगों की श्रद्धा जुड़ी हुई है। ये दरगाह भूरे शाह बाबा, जलालशाह बाबा और तीसरी क़ुतुब शाह नाम के प्रसिद्ध सूफी संतों की है। जहां पर लोग चादरें चढ़ाकर मन्नतें मांगने जाते हैं। लेकिन आदिल और कमाल ने दंगे भड़काने की नीयत से इन दरगाहों को तबाह कर दिया और आग लगा दी।

प्रशासन की सतर्कता से हादसा टला

दरगाह में आगजनी की सूचना मिलते ही बिजनौर प्रशासन सतर्क हो गया। जिले के डीएम और एसपी समेत सभी उच्च प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने तुरंत दोनों आरोपियों आदिल और कमाल को गिरफ्तार कर लिया। उन दोनों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है। ये दोनों शेरकोट इलाके के ही रहने वाले हैं। आरोपी कमाल सऊदी अरब, कुवैत सहित कई देशों की यात्रा भी कर कर चुका है. अब जांच एजेंसी इस एंगल से भी पूछताछ करेगी।

फिलहाल प्रशासन ने क्षतिग्रस्त मजारों की मरम्मत का काम करवा दिया है। फिलहाल इस मामले को देखते हुए पूरे जिले में सतर्कता बरती जा रही है। अगर पुलिस इस बात का खुलासा नहीं करती कि दरगाह में आग लगाने वाले कमाल और आदिल हैं तो शायद इलाके के लोग इसे कांवड़ियों की हरकत मानते। जिसकी वजह से दंगा भड़कने की आशंका थी। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की सतर्कता से दंगा भड़काने की बड़ी योजना विफल हो गई।

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