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अर्पिता ने खोला ममता के मंत्री का राज, पार्थ चटर्जी का ही था पैसा

अर्पिता ने खोला ममता के मंत्री का राज, पार्थ चटर्जी का ही था पैसा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नजदीकी मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी जांच एजेंसियों के पूछताछ से सामने टिक नहीं पाईं। उन्होंने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।

पार्थ चटर्जी का ही था पैसा

अर्पिता मुखर्जी ने जांच एजेन्सियों के सामने यह स्वीकार किया है कि उनके घर से बरामद हुआ रुपयों का ढेर पार्थ चटर्जी का ही था। उनके निर्देश पर ही यह पैसा अर्पिता के घर पर रखा हुआ था। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों से पूछताछ में अर्पिता ने यह बताया कि यह पैसा उनके पास एक-दो दिनों के लिए ही आया था। जल्दी ही उसे ठिकाने लगा दिया जाता। लेकिन इसके पहले ही अधिकारियों ने छापा डालकर सारी योजना पर पानी फेर दिया।

जांच एजेन्सियों को पूछताछ में यह भी पता चला कि जिस जगह से यह 20 करोड़ कैश बरामद हुआ है। उस प्रॉपर्टी के मालिक अर्पिता और पार्थ चटर्जी संयुक्त रुप से थे। इसे पार्थ चटर्जी ने साल 2012 में खरीदा था।

फर्जी कंपनियां चलाती थीं अर्पिता

प्रवर्तन निदेशालय का जांच में यह भी पता चला है कि अर्पिता मुखर्जी ने पार्थ चटर्जी के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए 12 शेल कंपनियां बना ली थीं। इन कंपनियों का इस्तेमाल भ्रष्टाचार के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था। अर्पिता को प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेजा गया था। जहां उनसे लगातार पूछताछ की गई। अर्पिता के घर से भारी मात्रा में नकद के अलावा जमीन के कागजात, सोना चांदी और विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई थी। अर्पिता मुखर्जी फिलहाल 3 अगस्त तक की हिरासत में हैं।

कई और लोगों पर शक

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को शक है कि अर्पिता मुखर्जी के जरिए पार्थ चटर्जी के काले कारोबार में कई और लोग भी जुड़े हुए थे। इसमें बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री के भी कई लोग शामिल हैं। अर्पिता मुखर्जी भी पहले बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री में काम करती थीं। उनके फिल्म इंडस्ट्री में कई नजदीकी संपर्क हैं। ईडी के अधिकारियों को शक है कि एक कम पहचाने जाने वाले अभिनेता के साथ-साथ ओडिशा एवं तमिलनाडु के अलग अलग प्रोड्क्शन हाउस के लोगों भी इसमें शामिल हैं। अर्पिता मुखर्जी ने भी कई बंगाली और उड़िया फिल्मों में काम किया है।

स्वास्थ्य खराब होने का बहाना कर रहे हैं पार्थ चटर्जी

उधर घोटाले के आरोप में फंसे पार्थ चटर्जी लगातार तबीयत खराब होने का बहाना बना रहे हैं। लेकिन उनकी पोल खुल गई है। कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के डॉक्टरों ने पार्थ चटर्जी की जांच की है। जिसकी मेडिकल रिपोर्ट भी आ गई है। जिसके मुताबिक पार्थ चटर्जी गंभीर रुप से बीमार नहीं हैं। उनको अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है। पार्थ की उनकी बारीकी से निगरानी की जा रही है। पार्थ चटर्जी को भुवनेश्वर से कोलकाता के सीजीओ कॉम्प्लेक्स ले जाया गय है। उनको शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में कोर्ट ने 3 अगस्त तक की हिरासत में भेजा है। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय ने अस्पताल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए चटर्जी को 10 दिनों के लिए हिरासत में देने का अनुरोध किया है।

मंत्री पार्थ चटर्जी की जमानत याचिका खारिज करते हुए बैंकशाल कोर्ट में ईडी की विशेष अदालत के न्यायाधीश जीबोन कुमार साधू ने मंत्री तथा उनकी करीबी माने जाने वाली अर्पिता मुखर्जी को तीन अगस्त तक के लिए जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया है।

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