ब्रेकिंग न्यूज़ 

अर्पिता मुखर्जी के दूसरे ठिकाने से फिर मिला करेंसी का ढेर

अर्पिता मुखर्जी के दूसरे ठिकाने से फिर मिला करेंसी का ढेर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नोटों का ढेर मिलने का सिलसिला अब तक जारी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी वरिष्ठ मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के एक और ठिकाने पर छापेमारी की गई। जहां से लगभग 30 करोड़ कैश बरामद हुआ है। यहां भी नोट गिनने के लिए मशीन लगानी पड़ी है। उधर पार्थ चटर्जी को ममता बनर्जी ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया है।

भारी मात्रा में कैश और गहने बरामद

प्रवर्तन निदेशालय ने अर्पिता मुखर्जी के दूसरे घर पर छापेमारी की। जहां से अरबों रुपए का खजाना मिला है। जिसकी गिनती के लिए मशीनें लगाई गई हैं। अभी तक 30 करोड़ कैश गिना जा चुका है। गिनती लगातार जारी है। अर्पिता का ये दूसरा घर कोलकाता के बेलघरिया टाउन क्लब में है। बुधवार को ईडी ने बेलघरिया स्थित अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट, कसबा राजडांगा, बारासात की साड़ी दुकान सहित छह ठिकानों पर छापा मारा। अर्पिता के बेलघरिया स्थित फ्लैट पर 15 अधिकारियों की टीम पहुंची। अर्पिता के बेलघरिया हाउसिंग में कुल दो फ्लैट हैं। ईडी कई और दूसरे ठिकानें पर भी छापेमारी कर रही है।

इससे पहले अर्पिता मुखर्जी के टालीगंज के डायमंड सिटी कांप्लेक्स वाले घर से लगभग 21 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मिली थी और कई महत्वपूर्ण कागजात भी हाथ लगे थे।

अब तक 50 करोड़ से ज्यादा बरामद

अर्पिता मुखर्जी के दोनों ठिकानों से अब तक लगभग 50 करोड़ कैश बरामद हो चुका है। पहले 21 करोड़ की रकम मिली और फिर 30 करोड़ बरामद हुए। इसके अलावा सोने चांदी के बर्तन, प्रॉपर्टी के कागजात, विदेशी करेंसी भी प्राप्त हुई है।

बेलघरिया टाउन क्लब स्थित अर्पिता मुखर्जी का फ्लैट बंद पड़ा था। अधिकारी इसमें ताला तोड़कर घुसे थे। वहां उन्होंने बाथरुम के पास पैसों का ढेर पाया। अर्पिता और पार्थ चटर्जी 3 अगस्त तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं। पार्थ चटर्जी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी हैं और उनकी कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री हैं। प्रवर्तन निदेशालय को शक है कि पार्थ चटर्जी जब राज्य के शिक्षा मंत्री थे। तब उन्होंने शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़ा किया। जिससे यह संपत्ति बनाई गई है। जो कि अर्पिता के घर पर रखी गई थी।

पार्थ से पीछा छुड़ाने की फिराक में ममता

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने नजदीकी पार्थ चटर्जी की बचाव नहीं कर पा रही हैं। क्योंकि उनके ठिकानों से भारी मात्रा में कैश बरामद हो रहा है। जिसका कोई उचित स्पष्टीकरण तृणमूल कांग्रेस नेताओं के पास नहीं है। गिरफ्तार होने के बाद पार्थ चटर्जी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से तीन बार बात करने की कोशिश की। लेकिन मुख्यमंत्री बनर्जी ने उनका फोन नहीं उठाया।

पार्थ की गिरफ्तारी के बाद ममता बनर्जी ने बयान दिया कि ‘मैं भ्रष्टाचार या किसी गलत काम का समर्थन नहीं करती। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे दंडित किया जाना चाहिए, लेकिन मेरे खिलाफ चलाये जा रहे दुर्भावनापूर्ण अभियान की मैं निंदा करती हूं। उन्होंने आगे कहा,’सच्चाई सामने आनी चाहिए, लेकिन एक समय सीमा के अंदर।’

अर्पिता मुखर्जी के बारे में पूछे जाने पर ममता बनर्जी ने बयान दिया कि ‘न ही सरकार और न ही पार्टी का उस महिला से कोई संबंध है, मैंने एक दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया था। तब वह महिला वहां मौजूद थी। मैंने सुना है कि वह पार्थ की फ्रेंड है। क्या मैं भगवान हूं जो मुझे पता हो कि कौन किसका दोस्त है?’

ये भी पढ़िए- अर्पिता मुखर्जी ने खोला पार्थ चटर्जी का राज 

Leave a Reply

Your email address will not be published.