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गांधी परिवार से जुड़े नेशनल हेराल्ड मामले में ED की छापेमारी

गांधी परिवार से जुड़े नेशनल हेराल्ड मामले में ED की छापेमारी

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के सर्वेसर्वा गांधी परिवार से जुड़े नेशनल हेराल्ड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ED) सोनिया और राहुल गांधी से कई राउंड की पूछताछ की। इसके बाद मंगलवार यानी 2 अगस्त को ED ने दिल्ली स्थित नेशनल हेराल्ड के दफ्तर सहित 12 ठिकानों पर छापा मारा है।

मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत तलाशी

नेशनल हेराल्ड केस से जुड़ी कई जगहों पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने छापेमारी की है। जिसमें दिल्ली के 12 ठिकाने शामिल हैं। ईडी के सूत्रों के मुताबिक ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की आपराधिक धाराओं के तहत यह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ईडी ने यह रेड इसलिए डाली है, जिससे कि मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले से जुड़े और ज्यादा सबूत जुटाए जा सकें।
ईडी के अधिकारियों ने दिल्ली के व्यस्त आईटीओ चौरारे के पास बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित ‘हेराल्ड हाउस’ ऑफिस की भी तलाशी ली है। इसका एड्रेस एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसी दफ्तर से नेशनल हेराल्ड अखबार छापा जाता था।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली, मुबई और कोलकाता समेत 10 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की है।

सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार ED ने एकाउंट सेक्शन के दो पुराने अधिकारियो से आरंभिक पूछताछ की है। उनसे हेराल्ड हाऊस में साल 2010 से 2015 तक के खातों के बारे में पूछा गया। ईडी अधिकारियों की टीम एकाउंट सेक्शन ने कांग्रेस से आए लोन वाली फाइल की तलाश कर रही है।

गांधी परिवार से हो चुकी है पूछताछ

मंगलवार को छापेमारी की कार्रवाई से पहले सोनिया और राहुल गांधी से कई राउंड की पूछताछ खत्म हो गई है। पिछले दिनों सोनिया गांधी से ED ने अलग-अलग दिन 12 घंटे पूछताछ की थी। उनसे 100 से अधिक सवाल पूछे थे।

सोनिया गांधी पहली बार 21 जुलाई को ED दफ्तर में पेश हुई थीं। उनसे 3 घंटे पूछताछ की गई थी। सोनिया की अगली पेशी 26 जुलाई को हुई। जब उनसे 6 घंटे तक सवाल किए गए थे। इसके बाद 27 जुलाई यानी बुधवार को भी ईडी ने सोनिया से 3 घंटे पूछताछ की थी।

प्रवर्तन निदेशालय के सवालों के जवाब में सोनिया गांधी अपनी पार्टी के इसी रुख पर कायम रहीं कि एसोसिएट जर्नल लिमिटेड (एजेएल)- यंग इंडियन करार में कोई निजी संपत्ति नहीं बनाई गई और इसके दिन-प्रतिदिन का काम दिवंगत मोतीलाल वोहरा सहित पार्टी पदाधिकारी देखते थे। इस मामले से उनका निजी तौर पर कोई लेना देना नहीं है।

मोतीलाल वोरा का अब निधन हो गया है। इसके पहले ईडी के अधिकारी कांग्रेस नेता पवन बंसल और मल्लिकार्जुन खड्गे से पूछताछ कर चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किया गया और ऑडियो-वीडियो मोड पर बयान दर्ज किया गया।

नेशनल हेराल्ड मामले में अब तक हुई है ये कार्रवाई

– साल 2016 में प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ काला धन शोधन का मामला दर्ज किया। ये केस केन्द्रीय जांच ब्यूरो(CBI) में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित था।

– 2016 में ही ईडी ने अपनी जांच में इस केस में कालाधन शोधन का भी मामला पाया। क्योंकि AJL को कांग्रेस ने 90 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। लेकिन जब गांधी परिवार की कंपनी यंग इंडियन लिमिटेड ने AJL पर कब्जा कर लिया तो मात्र 50 लाख रुपए के एवज में 90 करोड़ का यह कर्ज माफ कर दिया गया।

– 3 दिसंबर 2018 को ईडी ने पंचकूला में AJL के एक प्लॉट को अटैच कर लिया। जिसकी बाजार के हिसाब से कीमत 65 करोड़ रुपए थी। जिसपर गांधी परिवार की कंपनी यंग इंडियन लिमिटेड ने कब्जा कर रखा था।

– साल 2022 में ईडी ने यंग इंडियन और सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत इसके पदाधिकारियों व शेयरहोल्डरों के खिलाफ एक और जांच शुरू की।

– 11-12 अप्रैल 2022 को ईडी ने कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन बंसल से पूछताछ की।

– जून के महीने में सोनिया और राहुल गांधी को इस मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा गया।

– सोनिया-राहुल से पूछताछ के बाद अब जाकर ईडी ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरु की है।

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