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NIA की गिरफ्त में शातिर मोहसिन, टेक्नोलॉजी के जरिए देता रहा चकमा

NIA की गिरफ्त में शातिर मोहसिन, टेक्नोलॉजी के जरिए देता रहा चकमा

नई दिल्ली : आजादी के जश्न से पहले दिल्ली के जामिया इलाके से एक संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी की गई है। मोहसिन अहमद नाम का यह लड़का इंजीनियरिंग का स्टूडेन्ट है। लेकिन इसका ध्यान पढ़ाई से ज्यादा आतंकवाद में लगता था। जांच में पता चला है कि मोहसिन अफगानिस्तान और सीरिया के खूंखार आतंकियों के संपर्क में था और उनके लिए फंडिंग जुटाता था।

कट्टर आतंकी संगठन का सक्रिय सदस्य

मोहसिन अहमद अफगानिस्तान और सीरिया में मौजूद आईएसआईएस के कमांडरों से संपर्क में था और उनको क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंड भेजता था। NIA के अधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेन्स करके जानकारी दी है कि मोहसिन अहमद ISIS के लिए भारत में बैठकर फंड इकट्ठा करने का काम करता था।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी हुई हैं कि मोहसिन को क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के जरिए कहां कहां से पैसे मिले हैं। इसका हैंडलर कौन है और कहां बैठा है? जांच एजेन्सियां आतंकवादी नेटवर्क के साजिश की पूरी तार जोड़ रही हैं। वह जानना चाहती हैं कि मोहसन आगे किसके पास पैसा भेजा जा रहा था।

25 जून को दर्ज हुई थी FIR

मोहसिन अहमद के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 25 जून को ही एफआईआर दर्ज की थी। जिसके बाद उसे गिरफ्तार करके 7 अगस्त को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद एनआईए ने रविवार एक प्रेस कांफ्रेन्स की। जिसमें जारी किए गए एक बयान में कहा कि आरोपी मोहसिन अहमद आईएसआईएस का कट्टर और सक्रिय सदस्य है। उस पर आईएस (IS) मॉड्यूल के तहत फंडिंग इकट्ठा करने का भी आरोप है।

साथी छात्रों ने कराया गिरफ्तार

मोहसिन अहमद बेहद खतरनाक कट्टरपंथी सोच रखता था। वह अपने साथी छात्रों को भी कट्टरपंथी बनने के लिए उकसाता था। उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए दिल्ली के जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों ने जांच एजेंसियों को मोहसिन के बारे में सूचना दी थी। जिसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।

मोहसिन ने कई छात्रों को इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश की। इन्हीं छात्रों की सूचना पर ही मोहसिन की गिरफ्तारी संभव हुई है। एनआईए के अनुसार, मोहसिन से फिलहाल पूछताछ की जा रही है कि वह कब ISIS में शामिल हुआ और उसके साथी कौन थे। एनआईए ने मामले की आगे जांच करने के लिए मोहसिन को सात दिन के रिमांड पर लेने की भी मांग की।

सोशल मीडिया एक्सपर्ट है मोहसिन

मोहसिन अहमद ISIS के कई व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा हुआ था। बाटला हाउस में जिस जगह वो रह रहा था वहां उसके पड़ोसियों ने बताया कि वो लगभग एक महीने पहले ही यहां शिफ्ट हुआ है। वह ज्यादातर अपने कमरे के अंदर ही रहता था जब कभी दिखाई देता था तो हाथ में लैपटॉप लिए रहता था। मोहसिन टेक्निकल एक्सपर्ट है और इसी वजह से अब तक गिरफ्तारी से बचता रहा है।

मोहसिन की गिरफ्तारी पर कट्टरपंथियों का विलाप शुरु

जांच एजेन्सियों ने मोहसिन को पूरे सबूतों के साथ गिरफ्तार किया है। उसे पकड़ने से पहले पूरी छानबीन की गई। लेकिन ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानुल्लाह ने मोहसिन को बिना किसी पड़ताल के क्लीन चिट दे दी। अमानतुल्ला ने मोहसिन को बेकसूर बताया है और उसकी जल्द रिहाई की मांग की है। अमानतुल्ला ने ट्वीट कर कहा, ‘एनआईए द्वारा जामिया के छात्र मोहसिन की गिरफ्तारी सरासर गलत और असंवैधानिक है।’

अमानुल्लाह ने सबूतों के साथ पकड़े गए मोहसिन की बजाए भाजपा और आरएसएस पर सवाल उठाया और कहा कि ‘BJP और RSS ने आईएसआईएस के नाम पर मुसलमानों को बदनाम और परेशान करने का नया तरीका निकाला है। मोहसिन बेकसूर है और उसका किसी भी असामाजिक तत्व के साथ कोई संबंध नहीं रहा है। मोहसिन को जल्द रिहा किया जाए।’

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