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क्या सचमुच नीतीश कुमार के पेट में दांत है?

क्या सचमुच नीतीश कुमार के पेट में दांत है?

पटना: नीतीश कुमार को अगर कोई सबसे अच्छी तरह पहचानता हैं तो वो हैं लालू यादव। दोनों पुराने मित्र रहे हैं और एक दूसरे की रग-रग से वाकिफ हैं। नीतीश के बारे में लालू यादव का एक चर्चित बयान है। जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘नीतीश कुमार के पेट में दांत है’। यानी नीतीश कुमार दिखाते कुछ और हैं और करते कुछ और हैं। लालू यादव की यह बात एक बार फिर सही साबित हुई है। नीतीश कुमार ने फिर से पलटी मारते हुए भाजपा से पीछा छुड़ा लिया है और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव के साथ सरकार बना ली है।

‘नीतीश बीमार हों तो समझिए कर रहे हैं साजिश’

नीतीश कुमार के बारे में लालू यादव का एक और प्रसिद्ध बयान है। जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘नीतीश कुमार जब बीमार पड़ जाए तो समझो कि खतरनाक काम में लगा हुआ है’। इस बार भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ।

साल 2017 में जब नीतीश कुमार ने लालू यादव की पार्टी को धोखा देकर भाजपा के साथ सरकार बना ली थी तब लालू ने पटना के गांधी मैदान में रैली के दौरान यह बयान दिया था। उस वक्त भी नीतीश कुमार ने बीमारी का बहाना बनाकर लालू यादव से बात करने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने राजद से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया था।

नीतीश ने फिर से वही कहानी दोहराई

साल 2017 के बाद जुलाई 2022 के आखिरी हफ्ते में एक बार फिर नीतीश कुमार के बीमार पड़ने की खबर आई। बताया गया कि मुख्यमंत्री महोदय को कोरोना हो गया है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद ललन सिंह ने 26 जुलाई को बताया कि ‘नीतीश जी को पिछले 4 दिनों से बुखार है। जांच कराने पर कोरोना की पुष्टि हुई है।’

कोरोना होने की वजह से नीतीश कुमार ने सबसे मिलना जुलना बंद कर दिया। गृहमंत्री अमित शाह की पटना यात्रा के दौरान नीतीश कुमार से उनकी मुलाकात नहीं हुई।
इसके बाद जब नीतीश कुमार बीमारी से लौटे तो एक बार फिर वही कहानी दोहराई गई। यानी उन्होंने अपनी पुरानी राजनीतिक सहयोगी भाजपा से पल्ला झाड़ लिया।

पीएम मोदी से भी नीतीश की दूरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12 जुलाई को बिहार विधानसभा का दौरा किया था। मौका था बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह का। इस कार्यक्रम के लिए विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने पीएम मोदी को निमंत्रित किया था।

इस कार्यक्रम के दौरान भी पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के बीच दूरियां साफ दिखाई दीं। दोनों नेता आस पास ही कुर्सियों पर बैठे थे। लेकिन उनके बीच ज्यादा बातचीत नहीं हुई थी। तभी से भाजपा-जदयू के रिश्तों में तल्खी की खबरें जोर पकड़ने लगी थीं।

भाजपा से दूरी राजद से नजदीकी

पिछले एक साल से नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल के प्रति नर्म रवैया दिखाना शुरु कर दिया था। वह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर सीधा हमला करने से बचते थे।

साल 2022 की शुरुआत में ईद की इफ्तार पार्टी नीतीश ने बेहद गर्मजोशी से तेजस्वी यादव का स्वागत किया था और उन्हें विदा करने के लिए सीएम हाउस के दरवाजे तक गए थे।

जातिगत जनगणना के मुद्दे पर नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को साथ में दिल्ली ले जाकर पीएम से मुलाकात की थी।

हाल ही में सीबीआई ने लालू यादव के करीबी भोला यादव को गिरफ्तार किया था। लेकिन नीतीश ने किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार किया था।

 

अंशुमान आनंद

 

 

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