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जेल में बंद माफिया सरगना मुख्तार अंसारी पर सख्ती, ठिकानों पर छापेमारी

जेल में बंद माफिया सरगना मुख्तार अंसारी पर सख्ती, ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली: पूर्वी उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के कई ठिकानों पर छापेमारी हुई है। गुरुवार 18 अगस्त को सुबह मुख्तार के खिलाफ कार्रवाई  हुई । मुख्तार के ठिकानों पर सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए थे।

दिल्ली, लखनऊ, गाजीपुर,मऊ में छापेमारी

जेल में बंद मुख्तार अंसारी के कई ठिकानों पर आज छापे डाले गए। मुख्तार और उसके सांसद भाई अफजाल अंसारी के कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा डाला है। ईडी के अधिकारियों ने एक साथ दिल्ली, लखनऊ, मऊ और गाजीपुर में छापेमारी की। इसमें से यूपी के मोहम्मदाबाद में अंसारी परिवार का घर भी शामिल है। ईडी के अधिकारियों ने सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ की टीम के साथ छापेमारी की है। उनके साथ यूपी पुलिस का दस्ता भी शामिल है।

क्यों पड़ा मुख्तार पर छापा

प्रवर्तन निदेशालय ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने एक जुलाई 2021 को मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। मुख्तार पर एक सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने और उसे गलत तरीके से किराए पर देने का आरोप है। इससे मुख्तार को हर साल 1.7 करोड़ रुपए मिलते थे। इस मामले में मुख्तार के भाइयों और बेटे का नाम भी शामिल है। क्योंकि जिस प्राईवेट कंपनी ने यह जमीन किराए पर ली थी। उससे मुख्तार के रिश्तेदार भी जुड़े हुए है। इस मामले में मुख्तार के अलावा उसके भाई अफजाल अंसारी को भी आरोपी बनाया गया है।

इस मामले में पूछताछ के लिए मुख्तार के सांसद भाई अफजाल अंसारी को प्रवर्तन निदेशालय ने 9 मई को बुलाया था और लगभग 10 घंटे तक पूछताछ की थी। मुख्तार और उसके भाई पर भ्रष्टाचार, विधायक निधि गबन और आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

इन मामलों में मुख्तार अंसारी और उनके भाई अफजाल अंसारी समेत पूरे परिवार, रिश्तेदार और करीबियों की संपत्तियों की छानबीन की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने मुख्तार और अफजाल के अलावा मुख्तार की पत्नी आफशां, बेटे अब्बास और उमर के साथ ही अतीफ रजा पुत्र जमशेद रजा समेत उसके सहयोगियों और करीबी व्यापारियों को ब्यौरा मंगाया है। मुख्तार के सात बैंक खाते, अफजाल के 3 बैंक खातों की तलाशी प्रवर्तन निदेशालय पहले भी ले चुकी है।

मुख्तार के करीबियों पर शिकंजा

प्रवर्तन निदेशालय ने मुख्तार अंसारी के करीबियों पर भी शिकंजा कस दिया है। जिसमें कई बड़े व्यापारी शामिल हैं-

– विक्रम अग्रहरि गाजीपुर में यह बड़े जूलरी दुकान के मालिक हैं। उन्हें मुख्तार अंसारी का करीबी माना जाता है। विक्रम अग्रहरि ने मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के टिकट पर गाजीपुर नगर पालिका चेयरमैन का चुनाव लड़ चुके हैं।

– गणेश दत्त मिश्रा उत्तर प्रदेश के बड़े प्रॉपर्टी डीलर हैं। उनका प्रॉपर्टी डीलिंग का कारोबार गाजीपुर से लखनऊ तक फैला हुआ है। बताया जाता है कि मुख्तार की वैध अवैध संपत्तियों की जिम्मेदारी गणेश दत्त मिश्रा के हवाले ही रहती है। मुख्तार से संपर्क के चलते प्रशासन की टेढ़ी नजर इनपर पहले से पड़ी हुई है। पिछले साल गाजीपुर में इनका चार फ्लोर का मकान ध्वस्त किया जा चुका है। मऊ में भी इनके मकान की कुर्की की गई थी।

– मुश्ताक खां गाजीपुर के मशहूर ट्रेवलर हैं। उनकी कई बसें चलती हैं। मुश्ताक खां का नाम मुख्तार अंसारी के करीबियों में शुमार होता है। मुश्ताक के खिलाफ पहली बार कार्रवाई हुई है।

मुख़्तार अंसारी के खिलाफ प्रयागराज की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में कुल 19 मुक़दमे लम्बित हैं। उसके खिलाफ 9 मुकदमों में 6 में इन दिनों गवाही के साथ ट्रायल चल रहा है। जबकि एक मुकदमें में फैसला आना बाकी है।

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