ब्रेकिंग न्यूज़ 

देश के कई राज्यों में भारी बारिश से तबाही

देश के कई राज्यों में भारी बारिश से तबाही

नई दिल्ली: देश के कई पहाड़ी इलाकों में बारिश की वजह से तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। उत्तरांचल, हिमाचल, कश्मीर और राजस्थान और ओडिशा के पहाड़ी इलाकों में लगातार भारी बरसात के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।

हिमाचल में हाहाकार

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ से रेलवे का चक्की पुल शनिवार 20 अगस्त को बह गया। इसके अलावा डीहार पंचायत के डोल गदयाडा गांव में बैजनाथ-सरकाघाट सड़क भी बह गई है।

भारी बारिश की वजह से चंबा जिले में दंपत्ति और उनके बेटे की मौत हो गई है। कांगड़ा के भनाला की गोरडा (शाहपुर) में एक मकान गिरने से 12 साल के बच्चे की जान चली गई। जबकि मंडी के सराज, गोहर और द्रंग में बादल फटने से पांच की मौत हो गई है। जबकि 15 से 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हिमाचल के तीनो राष्ट्रीय राजमार्ग यानी मंडी से पठानकोट, मंडी से कुल्लू और मंडी से जालंधर वाया धर्मपुर को भारी बारिश की वजह से बंद करना पड़ा।

कांगड़ा जिले में बारिश के बाद भूस्खलन से एक स्कूल ढह गया है। वहीं, बनोंई के साथ लगती सड़क पर आवाजाही बंद है। लंबागांव के रिट में भी लाहट-कोटलू सड़क पर पूली बह गई है। हिमाचल में बारिश और तबाही ला सकती है। क्योंकि मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार और रविवार को कांगड़ा, चंबा, बिलासपुर, सिरमौर और मंडी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड में बारिश से बर्बादी

शनिवार 20 अगस्त को उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश से भारी तबाही हुई है। देहरादून के पास मालदेवता सरखेत, टिहरी और यमकेश्वर इलाके में बादल फटने से जबरदस्त बर्बादी हुई है। इन इलाकों के सात लोग लापता बताए जा रहे हैं। जबकि तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हैं।

उत्तराखंड में भूस्खलन की वजह से फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई है । आपदा में लापता लोगों की खोजबीन को लेकर एनडीआरएफ और एसटीएफ के लगातार अभियान चला रहे हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाढ़ प्रभावित मालदेवता इलाके का दौरा किया।

उत्तराखंड में बादल फटने के कारण नदी और जलाशयों में पानी भर गया है। जिसकी वजह से गांवों में पानी घुस रहा है। टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद तमसा नदी उफान पर है। मंदिर के भीतर पानी घुस गया है। नदी पर एक पुल था जो पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।भारी बारिश से सोंग, जाखन और सुसवा नदी पूरे उफान पर आ गई हैं।

कुमाऊं के खटीमा में सबसे अधिक 152 मिमी और देहरादून के सहस्रधारा इलाके में 97.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान तीन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

कश्मीर में बारिश का कहर

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में भारी बारिश की वजह से मकान गिर गया। जिसकी वजह से दो बच्चों की मौत हो गई। जिला प्रशासन ने बताया कि सूचना मिलने के बाद बचाव दल मौके पर पहुंचे और ढहे हुए घर के मलबे से शवों को बरामद किया। यह मकान मिट्टी का बना हुआ था। यह उधमपुर के मुत्तल क्षेत्र के समोले गांव की है।

राजस्थान के माउंट आबू में तबाही

राजस्थान के पहाड़ी स्थल माउंट आबू में तेज बारिश होने से वाहनकर नाके के पास सड़क धंस गई है। इसके अलावा सर्वे ऑफ इंडिया के पीछे की कालोनी में एक मकान की दीवार ढह गई। इसी तरह से ढुंढाई में एक मकान के ऊपर के टीन पतरे उड़ गए। म्युनिसिपालिटी कालोनी में लक्ष्मी देवी मेघवाल का घर ढह गया। कुम्हारवाड़ा में भी सोनी आदिवाल के घर की दीवार ढह गई।

ओडिशा में बारिश लाई आफत

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल जाने के चलते ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की संभावना है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवात की आंशका को खारिज किया है। गहरे दबाव के क्षेत्र के कारण तट के पास 60 से 65 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है जिसके आगे बढ़ने पर कमजोर पड़ने की संभावना है। उत्तरी ओडिशा और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।

ओडिशा में बाढ़ से राज्य के 13 जिलों में 71 प्रखंडों के 2066 गांवों में करीब पांच लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 470 गांवों में 2,55,325 लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। ओडिशा के 190 राहत केंद्रों में एक लाख लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है और 90,000 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

ये भी पढ़ें- इस साल भीषण गर्मी और अब जबरदस्त बारिश 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.