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इस्लामिक आतंकवाद: लव जिहाद

इस्लामिक आतंकवाद: लव जिहाद

श्रद्धा वालकर की जघन्य हत्या के बाद से पूरे देश में आक्रोश का माहौल है आफताब अमीन पूनावाला ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वालकर (27) की मई में कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी थी और उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए थे। जांच में सामने आया है कि आफताब ने शव के टुकड़ों को  करीब तीन सप्ताह तक दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने घर में 300 लीटर के फ्रिज में रखा था और कई दिनों तक उन्हें शहर के अलग-अलग हिस्सों में फेंका था। आफताब ने जिस तरह से श्रद्धा का कत्ल किया उससे हर कोई गुस्से में है। इस मर्डर केस में “लव जिहाद” का एंगल भी जोड़ा जा रहा है। इसको लेकर अब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर चर्चा करने की आवश्यकता है।

टाइम्स नाउ शिखर सम्मेलन में स्मृति ईरानी ने कहा, “कोई भी महिला को हीट ऑफ द मोमेंट में छोटे-छोटे टुकड़ों में नहीं काटता है। कोई भी उस महिला को लगातार पीटता नहीं है, जिसे वह प्यार करने का दावा करता है या उसके साथ रिश्ते में है।” स्मृति ईरानी ने आगे कहा कि तथ्य यह है कि दुर्व्यवहार निरंतर था और मदद के रूप में उसे बहुत कुछ नहीं मिल सकता था। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर बड़े पैमाने पर विस्तृत रूप से विचार करने की आवश्यकता है। लोग अपने घर की महिलाओं के खिलाफ ही बहुत हिंसा कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो में आक्रामक रूप से रिपोर्ट की जाती हैं। इसलिए,  जब हम महिला सुरक्षा की बात करते हैं तो साथ रह रहे पार्टनर्स भी जो महिलाओं के खिलाफ हिंसा करते हैं उन पर भी चर्चा करने की जरूरत है।”

आखिर कब तक देश में हिन्दुओं के साथ ऐसी घटनाए होती रहेगी ?

आखिर कब तक लव-जिहाद के नाम पर हिन्दू लड़कियों की बलि यूही दी जाती रहेगी ?

देश का हिन्दू कब तक यूं ही मौन रहेगा ?

बहरहाल अब कोई छद्म बुद्धिजीवी नहीं आएगा ऐसी घटनाओं के लिए आगे और तो और अब कोई अपना अवॉर्ड वापस नहीं करेगा। कभी -कभी तो ऐसे छद्म बुद्धिजीवियों पर मुझे बड़ा गुस्सा आता है,क्योंकि वह हर घटना को सिर्फ मुस्लिम नजरिये से देखने की कोशिश करते है।             लव जिहादः सिर्फ दो शब्दों का मेल नही है बल्कि अपने अदंर हैवानियत को क्रूर रूप कों समाए हुए है। लव जिहाद मसलन जब एक मुस्लिम पुरूष अपनी व्यक्तिगत पहचान छुपा कर किसी हिन्दू लड़की को अपने झूठे प्रेम प्रसंग में फसा कर शादी कर लेता है। तो ऐसी घटना को ही लव जिहाद कहते है। अमूनन ऐसी स्थिति में मुस्लिम पुरूष द्वारा अपनी व्यक्तिगत पहचान छुपाई जाती है अर्थात् वह अपने वास्तविक नाम युसूफ खान की जगह राहुल कुमार बता कर हिन्दू लड़की को अपने प्रेम के जाल में फसा लेता है। और उससे शादी कर लेता है कितुं जब उस हिन्दू लड़की को उस व्यक्ति (मुस्लिम पुरुष) की सच्चाई पता चलती है तब तक बहुत देर हो जाती है। और हिन्दू लड़की लव-जिहाद के चक्कर में फंस जाती है।

मुस्लिम लड़को से शादी के बाद हिन्दू लड़की के नाम को परिवर्तित कर मुस्लिम कर दिया जाता। मसलन सिर्फ उसका धर्म ही नही बदलता बल्कि उसकी व्यक्तिगत पहचान ही समाप्त हो जाती है। हिन्दू लड़की लव जिहाद के जाल में फंस कर सिर्फ मुस्लिम बच्चों को पैदा करने वाली मशीन बन कर रह जाती है। लव जिहाद का सिर्फ यही एक रूप नही है। बल्कि इसके अन्य रूप तों इससे भी ज्यादा डरावने और भयावह है। “मसलन जों मुस्लिम पुरूष बहला फुसला कर हिन्दू लड़की से शादी कर उसका धर्म परिवर्तन कर उसे मुस्लिम बना देता है, इस्लाम के धर्मावलम्बियों द्वारा उस मुस्लिम पुरूष को सम्मानित किया जाता है”। लव जिहाद के जाल में लड़की ऐसी फसती है कि धीरे-धीरे वह अपने धर्म, घर-परिवार, और समाज से बिल्कुल अलग हो जाती है। अर्थात वह सुनीता से कब फातिमा खान बन जाती है उसे भी पता नहीं चलता।

मसलन अब समय आ गया है कि श्रद्धा जैसी लड़कियों को लव जिहाद से बचाने के लिए केंद्र सरकार को कठोर कानून लाना चाहिए। पिछले पांच साल में श्रद्धा और निकिता जैसी 300 से ज्यादा लड़कियों की जान ली जा चुकी है। हिंदू लड़कियों को इस तरह के मामलों से बचाने के लिए सामाजिक जागरूकता पैदा करने की भी जरूरत है।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय जॉइंट जनरल सेक्रेटरी डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि श्रद्धा के अपराध को केवल एक अपराध की दृष्टि से नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि आफ़ताब की महिला दोस्तों की पूरी सूची में केवल हिंदू लड़कियां ही शामिल थीं। इससे यह साबित होता है कि वह एक साजिश के अंतर्गत हिंदू लड़कियों को निशाना बना रहा था। उन्होंने कहा कि इस मामले को ध्यान में रखते हुए जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तक आठ राज्यों में लव जिहाद जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून बनाया जा चुका है, लेकिन पूरे देश में इस तरह का कोई कानून नहीं है। उन्होंने कहा कि एक कठोर केंद्रीय कानून लाकर ही ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि केरल हाइकोर्ट ने लव जिहाद और अवैध धर्मांतरण को एक साथ जोड़कर देखा था। सरकार को भी दोनों चीजों को एक साथ देखकर कानून बनाना चाहिए। इसलिए अब समय आ गया है कि हम लव जिहाद और धर्म परिवर्तन को अलग अलग नही बल्कि एक ही रूप में देखें। क्योंकि लव जिहाद का मूल सार धर्म परिवर्तन में ही छुपा हुआ है। इसलिए हमें घर-घर जाकर लव जिहाद के क्रूर रूप से हिन्दू परिवारों को सावधान करने की जरुरत है ताकि फिर कोई हिन्दू बेटी लव-जिहाद के जाल में ना फ़स जाये ! मसलन यह पुरे प्रकरण कों देखकर एक ही बात जहन में आती है की पुरे विश्व में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहाँ जनसंख्या में ज्यादा होना ही हिन्दुओं के लिए नुकसान का कारण बन गया है। क्योंकि जब कभी हिन्दुओं के साथ सोची समझी रणनीति के तहत कोई घटना अर्थात् (मॉब लिचिंग) घटित होती है तो ये घटना तथाकथित बुद्विजीवियों के लिये कोई सामान्य सी घटना बन जाती है l मसलन सेकुलरिज्म के नाम पर ऐसी घटनाओं को होने दिया जाता है। लेकिन वही यदि कोई सामान्य सी घटना भी मुसलमानों के साथ घटित होती है तो यह तथाकथित बुद्धिजीवी पूरे भारत में सेकुलरिज्म को लेकर ढोल पीटने लगते है कि भारत में मुसलमान सुरक्षित नही है, सामान्य सी घटना को मॉब लिंचिंग के रूप में परिभाषित करके विश्व में भारत को लेकर यह प्रचार करते है कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नही है।

लव जिहाद और संस्कृति से अनभिज्ञता

लव जिहाद के लिए कही न कही हमारें परिवार भी जिम्मेदार है क्योंकि आज हम आधुनिकता के नाम पर अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे है। हमारे घर की लड़कियों को परिवारिक मूल्य का ज्ञान न होने के कारण ही समाज में ऐसी घटनाएं देखने को मिलती है, जिनकी संख्या लगातार बढती ही जा रही है। इसलिए अब समय आ गया है कि हम अपने बच्चों को परिवारिक मूल्य,संस्कृति से अवगत कराए ताकि उन्हें सही और गलत का स्पष्ट अंतर पता चल सके।

 

डॉ. प्रीती, अस्सिस्टेंट प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय

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