ब्रेकिंग न्यूज़ 

मोदी क्यों?

मोदी क्यों?

 

 

 

दीपक कुमार रथ
(editor@udayindia.in)

भारत में इन दिनों एक नई प्रवृत्ति देखी जा रही है, देश में आर्थिक, राजनीतिक या विदेशी मामलों में जो भी गतिविधि हो, उसे मोदी से जोड़ दिया जाता है। बौद्धिक वर्ग हो या आम आदमी, हर कोई मोदी के नाम की माला जप रहा है, कुछ निंदा में तो कुछ समर्थन में। हाल ही में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारतीय जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की और भारत की जांबाज सेना ने उन्हें माकूल जवाब दिया और हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखा। दरअसल मोदी विकसित भारत के सफल प्रतीक बन गए हैं। अरुणाचल प्रदेश में हुई घटना पर विपक्ष ने हंगामा शुरु कर दिया कि मोदी सरकार हमारी सीमाओं की रक्षा चीन से करने में विफल रही। लेकिन मोदी की छवि पर कीचड़ उछालने की विपक्ष की यह मुहिम नाकाम रही। क्योंकि आम जनता को मोदी सरकार की नीतियों और गुड गवर्नेन्स के उनके तरीके पर पूरा भरोसा है। भाजपा कार्यकर्ता अक्सर एक नारा लगाते हैं ‘मोदी है तो मुमकिन है’। यह नारा अब जोर पकड़ने लगा है। क्योंकि रेहड़ी पटरी वाले और रिक्शा चालक जैसे आम लोगों को भी यह मालूम है कि कोई भी भारत की एक इंच जमीन पर भी कब्जा नहीं कर सकता है। वो समय निकल चुका है, जब चीन नेहरु काल की तरह भारत पर हावी होने का सपना देखता था। यह इतिहास में दर्ज है कि चीन के साथ सन् 1962 में हुई जंग में क्या हुआ था। कांग्रेस के पास मोदी सरकार की मुखालफत करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। क्योंकि पीएम मोदी के कार्यकाल में ऐसा कुछ नहीं हुआ, जिससे देश की छवि को धक्का लगे। देश की जनता यह देख चुकी है कि कैसे मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाया। हालत यह है कि पाकिस्तान के आम लोग भी सोशल मीडिया पर मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हैं। हम देख रहे हैं कि कैसे कश्मीर में स्थितियां ठीक हो रही हैं, हालांकि वहां हालात सामान्य होने के लिए कुछ और कदम उठाए जाने की जरूरत है। लेकिन मेरा यह मानना है कि नरेन्द्र मोदी की वजह से देश में सुरक्षित माहौल देखने को मिल रहा है। दूसरी तरफ मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस का दुष्प्रचार जोर नहीं पकड़ पा रहा है। उदाहरण के तौर पर तवांग में चीन फौज की करतूत के मसले पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरने की जबरदस्त कोशिश की। लेकिन इस अभियान की हवा तब निकल गई, जब गृहमंत्री अमित शाह ने राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी दूतावास से पैसा मिलने को लेकर कांग्रेस को फटकार लगाई।

फिलहाल पड़ोसी देशों के साथ भारत के बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को कोई भी देख सकता है। जी-20 की अध्यक्षता मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की भूमिका बेहद अहम हो गई है। पीएम मोदी ने जी-20 के सदस्य देशों को वैश्विक आपूर्ति प्रणाली दुरुस्त कराने का भरोसा दिलाया है और उन्हें सलाह दी है कि वह युद्ध से दूर रहें और शांति बरकरार रखें। दूसरे शब्दों में मैं यह कहना चाहता हूं कि सच्चाई यह है कि मोदी एक सफल नेता हैं, जिनपर देश की जनता को यह भरोसा है कि वह किसी भी परिस्थिति को संभाल सकते हैं। क्योंकि उनकी सोच सबसे हटकर है। वह देश में सुशासन लाने के लिए बुद्धिमत्तापूर्ण फैसले लेते हैं। मोदी जमीन से जुड़े नेता हैं। अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव की वजह से वह अच्छी तरह जानते हैं कि देश की नौकरशाही को कैसे सक्रिय किया जा सकता है। जिससे कि विकास और अंत्योदय के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। यह सच है कि व्यवस्था परिवर्तन में समय तो लगता ही है। लेकिन वास्तविक अमृतकाल अब जाकर शुरु हुआ है। मोदी कोई जादूगर नहीं, जो कि अपनी छड़ी घुमाकर रातों-रात गरीबी हटा दें, प्रति व्यक्ति आय बढ़ा दें और औद्योगिक तरक्की कर दें। देश की समस्याओं की जिम्मेदारी उन सरकारों पर ज्यादा है, जिन्होंने आजादी के बाद ज्यादातर समय तक भारत पर राज किया। यह उनकी नीतियों का ही परिणाम है कि भारत आज कई जरुरी वस्तुओं के लिए चीन पर निर्भर है। चीन से हमारा आयात लगातार बढ़ता जा रहा है, जो कि भारत की मजबूरी है। पीएम मोदी की आत्मनिर्भर भारत की नीति का परिणाम आने में अभी समय लगेगा। तब तक चीन पर निर्भर रहना हमारी मजबूरी है। लेकिन अच्छी बात यह है कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत ने जबरदस्त प्रगति की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घोषणा की है कि साल 2025 तक भारत पूरी तरह रक्षा उत्पादों का आयात बंद कर देगा। भारत को आत्मनिर्भरता पथ पर आगे बढ़ाने का श्रेय नितिन गडकरी की भी जाता है, जिनके नेतृत्व में भारत दुनिया में सबसे तेज गति से सड़क निर्माण करने वाला देश बना। उपरोक्त सभी बातें मेरे इस तर्क को सही साबित करने के लिए पर्याप्त हैं कि मोदी अब भारत में एक ब्रांड के रुप में स्थापित हो गए हैं। मोदी के पास राजनाथ सिंह, अमित शाह और नितिन गडकरी के रूप में एक सक्षम टीम भी मौजूद है, जो देश को विकसित बनाने में दिन-रात लगी हुई है। भारत के पास ऊर्जावान युवा आबादी भी मौजूद है। जिसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारत को विश्वगुरु बनने से अब कोई रोक नहीं सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.