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गुरु गोविंद सिंह जयंती आज, धर्म की रक्षा के लिए परिवार ने दी थी बलिदानी।

गुरु गोविंद सिंह जयंती आज, धर्म की रक्षा के लिए परिवार ने दी थी बलिदानी।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी गुरु गोबिंद सिंह जी को श्रद्धांजलि

लेखक- सात्विक उपाध्याय

सिख्खों के 10वें व अंतिम गुरु गोविंद सिंह की जंयती आज 29 दिसंबर दिन गुरुवार को पुरे देश में मनाई जा रही है। उनकी जयंती को गुरु प्रकाश पर्व के नाम से भी जानते हैं। इस अवसर पर देश के तमाम हिस्सों के सभी गुरुद्वारों में भजन, अरदास, कीर्तन, लंगर आदी का आयोजन किया जाता है। बता दें की सिखों के गुरु गोविंद सिंह जी ने पांच ककार का नियम भी बनाया जिसे आज भी माना जाता है, जो कि – केश, कंघा, कड़ा, कच्छा, कृपाण है।  साथ ही साथ खालसा पंथ की स्थापना भी की। वैसे तो गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म 22 दिसंबर 1666 को हुआ था। पर तिथि के अनुसार पौष शुक्ल सप्तमी को उनका जन्म हुआ था। इसी कारण से उनकी जयंती दिसंबर या जनवरी में मनाई जाती है।

 

गुरु गोविंद सिंह जी अपने तथा समाज के सम्मान के लिए, आपसी भाईचारे के लिए, भेदभाव कम करने के लिए, तथा कुरीतियों को खत्म करने के लिए सदैव साहस के साथ लड़ते थे। गुरु गोविंद सिंह जी तथा उनका पुरा परिवार त्याग और बलिदान का सच्चा प्रतीक था।

बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह कि जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विचारों को एक ट्वीट के माध्यम से साझा करते हुए कहा की-

गुरु गोविंद सिंह जी अपने तथा समाज के सम्मान के लिए, आपसी भाईचारे के लिए, भेदभाव कम करने के लिए, तथा कुरीतियों को खत्म करने के लिए सदैव साहस के साथ लड़ते थे। गुरु गोविंद सिंह जी तथा उनका पुरा परिवार त्याग और बलिदान का सच्चा प्रतीक था।

बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह कि जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विचारों को एक ट्वीट के माध्यम से साझा करते हुए कहा की-

 गुरु गोबिंद सिंह का अद्वितीय साहस आने वाले वर्षों में लोगों को प्रेरित करता रहेगा और गुरु की प्रशंसा करते हुए उन्होंने अपने एक पुराने भाषण की वीडियो भी साझा की। जिसमें उन्होंने कहा था कि सिख्ख गुरु परंपरा केवल आस्था और आध्यात्म की परंपरा ही नहीं है, ये एक भारत श्रेष्ठ भारत के विचार का भी प्रेरणा पुंज है। आप गुरु गोविंद सिंह जी की जीवन यात्रा को भी देखिये , उनका जन्म पूर्वी भारत में पटना में हुआ,उनका कार्य क्षेत्र उत्तर पश्चिमी भारत के पहाड़ी अंचलों में रहा। मोदी जी ने उस वीडियो में यह भी कहा है कि उनकी जीवन यात्रा महाराष्ट्र में पुरी हुई। गुरु के पंच प्यारे भी देश के अलग अलग हिस्सों से थे। उन्होंने कहा की मूझे तो गर्व है कि पहले पंच प्यारों ने एक उस धरती से भी था, गुजरात से जहां मूझे जन्म लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मोदी जी ने कहा की व्यक्ति से बड़ा विचार ,विचार से बड़ा राष्ट्र , राष्ट्र प्रथम का ये मंत्र गुरु गोविंद सिंह जी का अटल संकल्प था। नेशन फस्ट को सर्वोपरी रखने की ये परंपरा हमारे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है

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