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“राहुल गांधी 2020 से अब तक 113 बार तोड़ चुके सिक्योरिटी प्रोटोकॉल…” :CRPF

“राहुल गांधी 2020 से अब तक 113 बार तोड़ चुके सिक्योरिटी प्रोटोकॉल…” :CRPF

राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस की ओर से गृह मंत्री अमित शाह को पत्र दिया गया था। शिकायत में कहा गया था कि 24 दिसंबर को दिल्ली में भारत जोड़ो‘ यात्रा के दौरान राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक हुई थी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा,देश की राजनीति को फिर से परिभाषित करने का एक साहसिक प्रयास है। अब नौ दिनों के ब्रेक पर यह 3 जनवरी को दिल्ली से कश्मीर के श्रीनगर की ओर फिर से शुरू होगी। यह 7 सितंबर को कन्याकुमारी में शुरू हुआ और 2,800 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका है। अपने भाषणों और बातचीत के माध्यम से, उन्होंने भारतीय राजनीती में एक नया अध्याय तैयार करने की कोशिश की है जो तात्कालिक चुनावी गणित से अलग बताया जा रहा है।  लेकिन, यह भुलावा तब समाप्त हुआ जब अंततः राजनीति हावी हो गई। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस राहुल गांधी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह से विफल रही है जब यह यात्रा राजधानी से होकर गुजरी थी। पार्टी ने नेता के लिए उचित सुरक्षा की मांग की, जो जेड + कवर का आनंद लेते हैं, जब यात्रा पंजाब और जम्मू और कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश करेगी।

अब इसे ही हम राजनीति कहते हैं। दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, जिसके प्रमुख अमित शाह हैं। अब ये तो जगजाहिर है कि कांग्रेस और उसके युवराज मोदी और शाह के लिए क्या फीलिंग रखते हैं. और वे यहां क्या करने की कोशिश कर रहे हैं, यह भी सभी जानते हैं। लेकिन यह बिल्कुल अलग मामला है, उस पर फिर कभी विचार करेंगे। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे राहुल गांधी अपने साथ साथ पार्टी और …… के लिए भी खतरा हैं। केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ, जो भारत के इस वीआईपी की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है, ने कांग्रेस पार्टी के दावे का खंडन किया और कहा कि राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दिल्ली चरण के दौरान कई मौकों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ा।

सीआरपीएफ ने अपने खंडन में कहा है कि राहुल गांधी के लिए सुरक्षा व्यवस्था सीआरपीएफ द्वारा राज्य पुलिस और अन्य एजेंसियों के समन्वय से की जाती है। बल ने कहा कि 24 दिसंबर के कार्यक्रम के लिए दो दिन पहले एक अग्रिम सुरक्षा संपर्क (एडवांस सिक्योरिटी लिएसोनिंग) आयोजित किया गया था। एक अग्रिम सुरक्षा संपर्क एक प्रमुख घटना के लिए वीआईपी की सुरक्षा की योजना बनाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की एक बैठक को संदर्भित करता है।

सीआरपीएफ ने कहा कि मार्च के दिन सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया और दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों की पर्याप्त तैनाती की गई है।  सुरक्षा प्रोटोकॉल को बार-बार तोड़ने पर राहुल गांधी के बारे में प्रमुख सुरक्षा एजेंसी का क्या कहना है। अर्धसैनिक बल ने कहा कि श्री गांधी ने 2020 से 113 बार प्रोटोकॉल तोड़ा है।
राहुल गांधी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उन्हें दिए गए नियमों और सलाह की आदतन धज्जियां उड़ाते हैं। आपको याद होगा जब एसपीजी को उनकी सुरक्षा से हटा दिया गया था। कांग्रेस ने इस पर इतना होहल्ला किया लेकिन एसपीजी को हटाने के फैसले के कारण राहुल को एसपीजी द्वारा दी गई सुरक्षा सलाह को नजरअंदाज करने की आदत थी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 2015 से मई 2019 के बीच राहुल गांधी ने अकेले दिल्ली में 1,892 बार बुलेट-रोधी वाहनों के इस्तेमाल को ठुकराया।  सूत्रों का दावा है कि लगभग हर दिन ऐसी ही एक घटना होती थी। दिल्ली के बाहर यात्रा के लिए गैर-बुलेट प्रूफ वाहनों के इस्तेमाल की लगभग 250 घटनाएं भी हुई हैं। सरकारी सूत्रों ने राहुल गांधी के विदेश दौरों के दौरान उल्लंघनों की भी एक लम्बी फेहरिस्त भी बताई ।

 

 

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