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रेलवे की 29 एकड़ जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, हल्द्वानी में 4000 घरों में रह रहे लोगों ने किया था विरोध

रेलवे की 29 एकड़ जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, हल्द्वानी में 4000 घरों में रह रहे लोगों ने किया था विरोध

सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की ओर से हल्द्वानी के रेलवे की जमीन के  मामले में सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक उल्लेख किए जाने के बाद चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसए नजीर और पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा था कि, इस पर गुरुवार को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट आज उत्तराखंड के हल्द्वानी में 29 एकड़ रेलवे भूमि को खाली कराने के उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा। बता दें कि हल्द्वानी के जिलाधिकारी ने कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है।  साथ ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रणनीति बनाई जाएगी।  जमीन रेलवे की है, जिसके संदर्भ में उनकी तरफ से नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले इस इलाके में मुनादी भी कराई गई थी, तथा कानून व्यवस्था को बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

बता दें कि रेलवे की भूमि में बने 4,000 से ज्यादा घरों में रह रहे लोगों का विरोध प्रदर्शन पिछले कुछ दिनों से जारी है, उन्होंने अधिकारियों से तोड़फोड़ नहीं करने की प्रार्थना की है। हल्द्वानी में घरों के अलावा, लगभग आधे परिवार भूमि के पट्टे का दावा कर रहे हैं। इस क्षेत्र में चार सरकारी स्कूल, 11 निजी स्कूल, एक बैंक, दो ओवरहेड पानी के टैंक, 10 मस्जिद और चार मंदिर तथा और भी कई चीजें हैं।

जिला प्रशासन ने कई दिनों कानूनी लड़ाई के बाद 20 दिसंबर को कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अखबारों में नोटिस भी प्रकाशित किया था। प्रशासन ने लोगों से नौ जनवरी तक अपना सामान ले जाने को कहा है।अधिकारियों ने रेलवे की जमीन का निरीक्षण कियाजबकि हटाए जा रहे निवासियों ने बेदखली रोकने के लिए कैंडल मार्च भी निकाला और धरना दिया।

प्रदर्शनकारी एक ऐसे क्षेत्र में कार्रवाई के लिए बीजेपी सरकार को दोषी ठहरा रहे हैंक्योंकि यहां के अधिकांश निवासी मुस्लिम हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और नेता भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं।

Written by-Satvik Upadhyay

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