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इंदौर प्रवासी भारतीय सम्मेलन में प्रधानमन्त्री मोदी: विदेशी धरती पर आप हमारे राष्ट्रदूत हैं

इंदौर प्रवासी भारतीय सम्मेलन में प्रधानमन्त्री मोदी: विदेशी धरती पर आप हमारे राष्ट्रदूत हैं
 सोमवार की सुबह पीएम नरेंद्र मोदी ने इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया । जिसका थीम “अमृत काल में भारत के विश्वशनीय भागीदार” है।  इस सम्मेलन में 70 देश के 3500 से अधिक प्रवासी सामिल होंगे।
मोदी जी का संबोधन:
इस मौके पर उन्होंने इंदौर की व्याख्या करते हुए कहा कि वैसे हम सभी जिस शहर में हैं वो भी अपने आप में अद्भुत है। उनका कहना था कि लोग कहते हैं कि इंदौर एक शहर है लेकिन मैं कहता हूं इंदौर वर्तमान का एक दौर है। ये वो दौर है जो समय से आगे चलता है फिर भी हमारे विरासत को एकजुट करके रहता है। अपना इंदौर देश ही नहीं पूरी दुनिया में लाजवाब है।
साथ ही पीएम मोदी ने कहा की मैं इंदौर में प्रवासी दिवस सम्मेलन में 130 करोड़ भारतवासियों की तरफ से आपका स्वागत करता हूं। इस अद्भुत सम्मेलन में 70 देशों के प्रवासी भारतीय शिरकत कर रहे हैं। कहा कि करीब 4 वर्षों बाद प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन एक बार फिर से अपने मूल स्वरूप में हो रहा है। ये सम्मेलन मध्य प्रदेश के उस धरती पर हो रहा है जिसे देश का हृदय क्षेत्र कहा जाता है।
लाजवाब खाने का जिक्र:
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि। साबुतदाने की खिचड़ी, कचौड़ी, समोसे शिकंजी जिसने भी देखा उसका मुंह का पानी नहीं रुका, जिसने इसे चखा उसने कहीं और मुड़कर नहीं देखा। यही वजह है कि भारत में इंदौर को स्वच्छता के साथ साथ स्वाद की राजधानी भी कहते हैं। पीएम ने अतिथियों को संबोधित करते हुवे कहा कि मुझे विश्वास है कि आप यहां के अनुभव नहीं भूलेंगे और यहां के अनुभवों को वापस जाकर बताना भी नहीं भूलेंगे।
 आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर मजबूती की बात:
मोदी जी ने एक बात पर गौर करते हुवे कहा कि यह प्रवासी भारतीय दिवस कई मायनों में बहुत ही खास है क्योंकि अभी कुछ महीने पहले ही हमने भारत की आजादी के 75 साल मनाए हैं। उन्होंने अपने संबोधन में प्रवासी भारतीय सम्मेलन में लगाई गई झांकी जो की स्वतंत्रता संग्राम की कहानी को दर्शाता है के बारे में भी कहा । देश के गौरव के बारे में कहा की देश अमृत काल में प्रवेश कर चुका है, जिससे भारत की वैश्विक दृष्टि को मजबूती मिलेगी।
भारत के सुरक्षा शास्त्रों का भी जिक्र किया , साथ ही  कोविड के दौरान अलग अलग देशों में भेजे गए वैक्सीन की बात कही । और भारत की वैश्विक मजबूती का जिक्र किया।
मदर ऑफ डेमोक्रेसी  होने के गौरव की बात: 
मोदी जी ने साथ ही कहा कि दुनिया के इतने अलग-अलग देशों में जब भारत के लोग एक कॉमन फैक्टर की तरह दिखते हैं तो वसुधैव कुटुंबकम् की भावना के साक्षात दर्शन होते हैं। दुनिया के किसी एक देश में जब भारत के अलग-अलग प्रान्तों और क्षेत्रों के लोग मिलते हैं तो एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सुखद एहसास होता है। उन्होंने साथ ही भारत के गौरव बढ़ने पर कहा की ऐसे में मदर ऑफ डेमोक्रेसी होने का गौरव होता है।
भारत के G 20 अध्यक्षता का जिक्र :
इस वर्ष भारत दुनिया के G20 समूह की अध्यक्षता भी कर रहा है। भारत इस जिम्मेदारी को एक बड़े अवसर के रूप में देख रहा हैं। हमारे लिए ये दुनिया को भारत के बारे में बताने का अवसर है। हमारे इन प्रवासी भारतीयों के योगदान का विश्व आकलन करता है, तो उसे ‘सशक्त और समर्थ भारत’ की आवाज़ भी सुनाई देती है।
सम्मेलन के पहले दिन गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली, सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी, ऑस्ट्रेलिया की सांसद जेनेटा मैस्करेनहास शामिल रहीं । विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उद्घाटन संबोधन दिया।
लेखक – सात्विक उपाध्याय 

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