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टेंट सिटी में दिखेगा काशी का प्रतिबिंब, 13 जनवरी को होगा लोकार्पण, स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

टेंट सिटी में दिखेगा काशी का प्रतिबिंब, 13 जनवरी को होगा लोकार्पण, स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

वाराणसी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के काशी के पर्यटन को नया मुकाम देने जा रहे हैं। बता दें कि 13 जनवरी को उत्तर प्रदेश पर्यटन जगत  में नया अध्याय दर्ज होने जा रह है। वाराणसी के गंगा घाट के किनारे तम्बुओं के शहर यानि कि टेंट सिटी का लोकार्पण होने जा रहा है। बता दें कि टेंट सिटी में इस बार गंगा उस पार काशी के विहंगम दृश्य की अलौकिक क्षटा का प्रतिबिम्ब दिखेगा। टेंट का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि उसमे काशी के मंदिरों की आकृति का साक्षात दर्शन होगा।

 

क्या क्या रहेगा खास-

बता दें कि वाराणसी के गंगा घाट के उस पार बनाये गये टेंट सिटी में इस बार बनारस घराने के गीत संगीत की गंगा बहेगी। वहीं बनारस के प्रसिद्ध खाने-पीने की चीजों को भी पर्यटकों के सामने परोसा जाएगा। हाथ से बने सामानों के लिए वैसे तो बनारस विश्वप्रसिद्ध है तो उसके तर्ज पर बनारसी हस्त शिल्प के उत्पाद ख़ास हैंडीक्राफ्ट भी टेंट सिटी में देखने को मिलेगा। काशी के अद्भूत दृश्य को महसूस करने के लिए टेंट सिटी में पांच एलिमेंट का ख़ास ध्यान रखा गया है।

 

लाइव राग से होगी सुबह की शुरुआत

वाराणसी में बने तंबुओं के शहर में धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का पूरा संगम एक व्यापक  रूप में देखने को मिलेगा। कहावत के अनुसार- सुबहे बनारस का पूरा दृश्य देखने को मिलेगा। जिसमें सूर्य उदय के साथ घंटो, डमरु की आवाज के साथ ही गंगा आरती भी होगी और सुबह की शुरुआत लाइव राग के साथ होगी। साथ ही साथ अलग-अलग प्रकार के गीत संगीत का कार्यक्रम होगा। प्रसिद्ध बनारस घराने के लगभग सभी वाद्य यंत्रों की मधुर संगीत को पर्यटक सुन सकेंगे। जिसमें ख़ास तौर पर शहनाई, सारंगी, सितार, संतूर, तबला और जुगलबंदी भी यहां सुनने को मिलेगी।

वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिषेक गोयल ने बताया कि टेंट सिटी का काम अंतिम चरण में है। साल 2023 के 13 जनवरी को प्रस्तावित उद्घटान तक काम पूरा कर लिया जाएगा। टेंट सिटी में पर्यटकों के मांग को ध्यान में रखते हुवे उनके  सुविधा और सुरक्षा का ख़ास ध्यान रखा जाएगा।

आर्किटेक्ट नीरज उपाध्याय ने बताया कि तंबुओं के इस शहर को मंदिरों के शिखर का आकार दिया गया है। काशी के अलौकिक छवि को इसमें उतारने की पूरी कोशिश की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि, घाट किनारे टेंट से निकलते ही सर्वप्रथम सूर्य उदय, माँ गंगा और अर्धचन्द्राकार घाटों का नज़ारा तथा गंगा आरती के दर्शन होंगे।साथ ही यह भी कहा कि बनाए गये टेंट सिटी में चन्दन, गुलाब लैवेंडर की सुगंध महसूस करने को मिलेगी। काशी के विशेष खाने के विश्वप्रसिद्ध व्यंजनों तथा मिठाईयों का भी भारी मात्रा में पर्यटकों को दिया जाएगा। स्वाद में चार चांद लगाने के लिए मलइयो, ठंडई, चाट ,बनारसी पान और बनारस का ख़ास खस्ता कचौड़ी भी परोसा जाएगा। प्राकृतिक चीजों से बनी टेंट की फील व लग्जरी होटल की सभी सुविधा से पूर्ण रुप से युक्त है।

 

बता दें कि वाराणसी में बनाये गये इस अलौकिक टेंट सिटी में खाने- पीने, बनारस की संस्कृति, हस्त कलाकारी के साथ साथ भरपूर मात्रा में इनडोर तथा आउटडोर खेलकूद भी देखने को मिलेंगे जिसे पर्यटक पूरी तरह से उसका आनंद उठा सके।

वाराणसी में बनाये गये इस टेंट सिटी का मुख्य रुप से एक उद्देश्य यह भी है कि इसके कारण स्थानीय रोजगार में बढ़ोतरी होगी। साथ ही साथ रोजगार के नए आयाम सामने आयेंगे।

 

लेखक- सात्विक उपाध्याय

 

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