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हम कांग्रेस के खिलाफ सड़क से अदालत तक मोर्चा खोलने को तैयार: जयराम ठाकुर

हम कांग्रेस के खिलाफ सड़क से अदालत तक मोर्चा खोलने को तैयार:  जयराम ठाकुर

हिमाचल प्रदेश में भाजपा के अहम खिलाड़ी माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अंशुमान आनंद के साथ हुए साक्षात्कार में बताया कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद बदले की भावना के साथ कार्य की शुरुआत की है। प्रस्तुत हैं इस साक्षात्कार के महत्वपूर्ण अंश-

आपकी सरकार द्वारा लिए गये बड़े निर्णयों तथा कांग्रेस सरकार द्वारा उन निर्णयों में बदलावों के पीछे का क्या कारण है?
मैं जनमत से आई नई सरकार का स्वागत करता हूं। सत्ता में कांग्रेस की सरकार बनी है भले ही मतों के प्रतिशत का अंतर काफी कम हो। क्योंकि 0.9 प्रतिशत वोटों का बहुमत कांग्रेस को मिला। मेरा मानना था कि हिमाचल में सरकार विकास के लिए आगे बढ़कर काम करेगी, मिलकर काम करेगी पर सरकार के काम करने का तरीका कुछ और ही नजर आ रहा है। बदले की भावना के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह बात हमने पांच वर्ष पहले कही थी और उस बात पर अमल भी किया था। हिमाचल की एक संस्कृति है और उसके अनुसार बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए।

हिमाचल में मैंने जो जनहित में निर्णय लिए थे, बहुत से इन्स्टीट्यूशन जो कि विकास के लिए अलग-अलग क्षेत्र में आवश्यक थे, उनको शुरु किया। हमने 1 अप्रैल 2022 को खोले गए मेडिकल इंस्टीट्यूसन के भी फैसले को रिव्यू करने की बात की है, ना कि उसे सरकार द्वारा रद्द करने की बात कही। उस वक्त सरकार के हाथ में मेन्डेट्स था, और उसी मेंडेट्स के साथ उन्होंने काम भी किया। इंस्टीट्यूट की फंक्सनिंग, बच्चों के एड्मिसन और अलग-अलग स्टाफिंग भी की जा चुकी है तथा अब उसे रद्द करना गलत है। और हम उस बात का विरोध करेंगे और विरोध इस कदर करेंगे कि अगर कोर्ट में भी जाना पड़े तो हम कोर्ट में भी जाएंगे। बदले की भावना से किये जाने वाले कार्य अबर्दास्तपूर्ण होते हैं।

आपके द्वारा शुरु की गयी जन कल्याणकारी योजनाओं पर कांग्रेस क्यों चोट कर रही है?
जो नए मुख्यमंत्री हैं उन्हे पीछे से ड्राईव करने वाले कई लोग हैं, जो इसके भयावह परिणामों से पुरी तरीके से अनिभिज्ञ हैं। हमारी सरकार द्वारा शुरु की गयी जन कल्याणकारी योजनाओं के परिणामों को वे सहन नहीं कर पा रहे हैं। हिमाचल के लोग ये उम्मीद कर रहे थे कि सरकार शांति से काम करेगी पर बदले की भावना से किये जा रहे काम से लोग आक्रोशित हो चुके हैं। इसके चलते सभी लोग सड़कों पर आ चुके हैं। और खामियाजा भूगतने के लिए कांग्रेस पार्टी को इस बात के लिए तैयार रहना होगा। साथ ही मैं मुख्यमंत्री से निवेदन करता हूं कि स्वार्थी लोगों के कहने पर ना चलें, जो उन्हें भ्रमित करने के साथ-साथ सत्तामुक्त करना चाहते हैं। इससे सरकार को ताकत नहीं मिलेगी अपितु सरकार और भी ज्यादा कमजोर हो जाएगी।

कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को लेकर आपकी क्या सोच है?
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के केंन्द्रीय नेतृत्व का कोई योगदान नहीं है, इसके पीछे केवल प्रदेश के ही कुछ ऐसे लोग हैं जिनके मन की भावना यह है कि सुक्खू मुख्यमंत्री बन तो गए हैं पर ज्यादा चलेंगे नहीं। जो की स्वयं उन्हीं की पार्टी के हैं। मेरा मानना ऐसे में यह है कि उन्हें सोचना चाहिए तथा साथ ही साथ विचार करना चाहिए। मैं किसी व्यक्ति विशेष के बारे में तो नहीं कहुंगा पर हां, इसके पीछे प्रदेश के ही कुछ लोगों का हाथ है। और मुख्यमंत्री को उनके नजदीक के ही सलाहकार बर्बाद करेंगे।

आपके द्वारा किये गये विकास कार्यों को लेकर आपके मन में किस प्रकार की भावना है?
मूझे डरने कि कोई आवश्यकता नहीं है, हम निर्णयों के प्रति प्रतिबद्ध हैं। अगर किसी प्रकार की कोई भी समस्या आती है तो मैं उस चीज को संभालने तथा उसके प्रति सही समाधान करने की पूरी कोशिश करुंगा। अगर कोई भी बात होती है तो हम उसे जनमानस के बीच लेकर जायेंगे, जनआंदोलन भी खड़े करेंगे, और अधिक आवश्यकता हुई तो उस चीज को लेकर कोर्ट में भी जाएंगे और उसपर कानूनी कार्यवाही भी करवायेंगे।

कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में किये वायदों पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
चुनाव को लेकर सभी पार्टियां अपने-अपने मेनिफेस्टो निकालती है। जिसको लेकर सभी को उसपर फोकस करना चाहिए। तथा जो भी वादे किये हैं उसपर उन्हे फोकस होकर काम करना चाहिए। साथ ही उन वायदों को पूरा भी करना चाहिए। हिमाचल की कांग्रेस सरकार जो है वह इतने दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक(साक्षात्कार के समय तक) मंत्रीमंडल का गठन नहीं कर पाई है। कुछ लोग मंत्रीमंडल में आने के लिए डटे हुए हैं तो कुछ लोग डिप्टी सीएम बनने के लिए लगे हुए हैं। कांग्रेस पार्टी दिल्ली से बात कर रही हैं, सूची भेज रही हैं। किन्तु इतना समय बीत जाने पर राज्य में मंत्रीमंडल का गठन नहीं हो पाया है। सरकार बनाने के लिए पार्टी में धक्का-मुक्की हो रही है। ऐसी परिस्थिति में कभी भी कोई सरकार ठीक तरीके से काम नहीं कर सकती।

राज्य के विकास के मसले पर आपकी राय क्या है?
हिमाचल में अभी बहुत ऐसे मसले हैं जिनपर सरकार को ध्यान देना चाहिए। हम किस तरीके से हिमाचल में टूरिज्म सेक्टर में बदलाव और मजबूत कर सकते हैं, हम कैसे हिमाचल में कनेक्टिविटी को बढ़ा सकते हैं, किस तरीके से मेडिकल इन्फ्रास्टक्चर, ऐजुकेशन सेक्टर को डवलप कर सकते हैं। इस तरीके के तमाम ऐसे विषय हैं जिनपर सरकार को ध्यान देना चाहिए। निगेटिव नोट के साथ काम करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी स्थिति कांग्रेस पार्टी की कभी भी नहीं रही है। पूर्व में मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह के समय में भी कांग्रेस पार्टी की कभी ऐसी स्थिति नहीं थी। वीरभद्र जी पहले किसी भी चीज को रिव्यू करते थे, फिर उसपर किसी प्रकार का एक्शन लिया करते थे।

कांग्रेस सरकार के चुनाव जीतने के बाद इसके आक्रामक तरीके का क्या कारण हो सकता है?
अभी तो यह शुरुआत है आने वाले दिनों में और भी बहुत कुछ देखने व सुनने को मिल सकता है। आने वाले दिनो में जब हम कांग्रेस की सरकार पर अटैक करेंगे तो उस चीज के लिए कांग्रेस की सरकार को तैयार रहना होगा कि किस प्रकार से हम उनकी धज्जियां उड़ाएंगे। वर्तमान सरकार में जो भी उनके ऊपर किसी भी प्रकार की कोई भी सलाह दे रहे रहे हैं या कोई भी दबाव डाल रहे हैं उसपर उन्हें सोचने की आवश्यकता है। साथ ही सकारात्मकता के साथ कांग्रेस पार्टी को काम करने की जरुरत है।

राजस्थान में गैस के मूल्य में कटौती, तथा हिमाचल में भी इसी प्रकार की मूल्य में कटौती किये जाने पर बीजेपी पर 2024 के चुनाव में क्या असर होगा?
भविष्य में इस विषय को लेकर किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत बीजेपी को नहीं आयेगी। राजस्थान में अगला चुनाव जब भी होगा वहां कांग्रेस ढ़ुंढ़ने से नहीं मिलेगी। राजस्थान की सरकार के खिलाफ जनता में एक आक्रोस का माहौल है। साथ ही कम मार्जिन से बीजेपी की हार के बारे में बात करें तो हम उस बात को लेकर सजग हैं साथ ही साथ फीडबैक के माध्यम से उस मसले का हल निकालेंगे।

बागी विधायकों के चुनाव में खड़े होने पर पार्टी पर किस प्रकार का असर पड़ा ?
मेरा मानना है कि निश्चित तौर पर इस चीज का असर चुनाव तथा पार्टी पर पड़ता है। और बागियों के चुनाव में खड़े होने पर हम कई जगहों पर चुनाव हारे भी हैं।

पिछली बार सत्ता में आने पर आपके द्वारा दिये गये बयान- “हम बदले की भावना में यहां काम नहीं करेंगे क्योंकि ये दिव्य हिमाचल है” पर आपकी क्या राय है?
मैंने जो बात कही थी उसपर अमल भी किया था तथा बिना बदले की भावना के 5 सालों तक काम किया। सत्ता में आने के बाद हर किसी का मन करता है कि उसका ये नुकसान करुँ उसका वो नुकशान करुँ , परन्तु हमने ये काम नहीं किया। किसी का नुकशान करके और खास तौर पर विकास कार्यों को रोक करके, रद्द करके प्रदेश को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है ।

दिल्ली आने पर तथा आपका पार्टी के लोगों से मिलने और अन्य विषयों पर आपकी क्या राय है?
मैं शिष्टाचार के नाते प्रधानमंत्री जी से मिलने आया था। और चुनाव को लेकर चर्चा भी हुई थी। फिलहाल हुए चुनाव को लेकर चूक और आने वाले चुनाव में किस प्रकार के सुधार हो सके, उस बात को दृष्टीगत दृस्टीगत रखते हुए कई निर्णय ले सकते हैं। मेरी मुलाकात पार्टी के अन्य सदस्यों से भी हुई तथा 2024 के लोक सभा चुनाव में हिमाचल की 4रों सीटों को जीतने का क्या रोडमैप बन सकता है हम उसपर भी विचार कर रहे हैं। मेरा मानना है कि निश्चित ही 2024 की सरकार भाजपा की होगी , जिसका नेतृत्व माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा होगा तथा हम एक पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगें। कांग्रेस की सरकार के आपसी विवाद के मुद्दे को जनता के बीच ले जाएंगे। मेरा यह मानना है कि सुक्खू जी को सरकार में मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला है मैं इस बात की उन्हे बधाई देता हूं पर कांग्रेस पार्टी के अंदर जो भी चीजे हो रही हैं वह बिल्कुल भी ठीक नहीं हो रही हैं।

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