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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामला : आज कोर्ट में पेश करनी है शाही ईदगाह की सर्वे रिपोर्ट

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामला : आज कोर्ट में पेश करनी है शाही ईदगाह की सर्वे रिपोर्ट

मथुरा : अयोध्या राम मंदिर तथा वाराणसी के ज्ञानवापी मामले के बाद बीते कुछ दिनों से मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि ईदगाह का मामला इन दिनों चर्चा में है। बता दें कि  कृष्ण जन्मभूमि ईदगाह मामले में आज मथुरा के जिला एवं सत्र न्यायालय में अहम सुनवाई होनी है। इस पूरे मामले में प्रतिवादी पक्ष की ओर से अदालत से इस बात की गुहार लगाई गई थी कि अमीनी रिपोर्ट के मामले में उनकी नहीं सुनी गई और एकतरफा आदेश जारी कर दिया गया।  प्रतिवादी पक्ष की ओर से  वकील ने कहा कि सबसे पहले हम मेंटेनेबिलिटी पर अदालत से चर्चा करेंगे और जहां तक अमीनी रिपोर्ट की बात है उस पर भी अदालत के सामने अपना पक्ष रखेंगे। दूसरी तरफ वादी पक्ष से हिंदू सेना के विष्णु गुप्ता ने कहा कि हम अदालत से इस बात की गवाह करेंगे और जल्द से जल्द वह अमीनी रिपोर्ट को कोर्ट में पेश कर आए और बकायदा इसके लिए आदेश जारी करें।

मथुरा के जिला एवं सत्र न्यायालय ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि एवं शाही ईदगाह विवाद को लेकर वाराणसी के ज्ञानवापी मामले की तरह ही यहां भी हिंदू सेना के दावे पर ईदगाह का अमीन सर्वेक्षण करने का आदेश दिया है।  बता दें की वाराणसी का ज्ञानवापी मामला तथा मथुरा का यह मामला एक तो नहीं पर लगभग एक जैसा ही है। जिसे लेकर सनातन धर्म तथा मुस्लिम पक्ष हमेशा की तरह एक-दूसरे के सामने हैं।  तथा इस विवादित मामले में अपने पक्ष को रख रहे हैं।

 

ईदगाह के अमीन द्वारा सर्वेक्षण कर 20 जनवरी तक यानी कि आज रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।  इस संबंध में पहले 22 दिसंबर को अदालत में सुनवाई होनी थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से ऐसा नहीं हो सका।  बता दें की  कोर्ट शुक्रवार यानि की 20 जनवरी को इस मसले पर सुनवाई करेगा। इस मामले से संबंधित, पिछले साल 8 दिसंबर को सीनियर सिविल डिवीजन थर्ड की कोर्ट में नया वाद दाखिल किया गया था। जिस दावे पर सीनियर सिविल डिविजन थर्ड ने सर्वे आर्डर दे दिया था।

वादी के अधिवक्ता  ने बताया कि आठ दिसंबर को दिल्ली निवासी हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता एवं उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह यादव ने सिविल जज सीनियर डिवीजन  की न्यायाधीश सोनिका वर्मा की अदालत में यह दावा किया था।  इसमें कहा गया है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन पर औरंगजेब द्वारा मंदिर तोड़कर ईदगाह तैयार कराई गई थी।  उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर मंदिर बनने तक का पूरा इतिहास अदालत के समक्ष पेश किया।  उन्होंने वर्ष 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ बनाम शाही ईदगाह के बीच हुए समझौते को भी अवैध बताते हुए निरस्त किए जाने की मांग की है।

लेखक- सात्विक उपाध्याय 

 

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