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यूपी सीएम ने दी मौनी अमावस्या की बधाई, सुरक्षा पर दिया जोर

यूपी सीएम ने दी मौनी अमावस्या की बधाई, सुरक्षा पर दिया जोर
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर उत्तर प्रदेश के लोगों को  बधाई दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लेते हुए लिखा, “मौनी अमावस्या के पावन पर्व की पूरे प्रदेश की जनता को हार्दिक बधाई।” सीएम ने संगम में पवित्र डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंचे श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और संतों का भी स्वागत किया। “इस अवसर पर प्रयागराज में पवित्र गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर स्नान करने आए सभी पूज्य संतों, कल्पवासियों और भक्तों को हार्दिक बधाई।” सीएम ने कहा कि सभी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।  साथ ही गंगा  में  स्नान के  लिए आवश्यक इंतजाम किये  गए हैं। हेलीकॉप्टर से निगरानी और फूल बरसा रहे हैं।
कहां कहां होता है यह स्नान :
मौनी अमावस्या के उत्सव के अवसर पर आज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और वाराणसी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। बता दें कि मौनी अमावश्या पर शनिवार को लाखों लोग मोक्षदायिनी गंगा की अविरल धारा में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। वाराणसी तथा प्रयागराज के गंगा घाटों पर  भोर से श्रद्धालुओं ने डुबकी लगानी शुरु कर दी। इस दौरान श्रद्धालु लोग मौन धारण कर स्नान किया। मौनी अमावश्या पर काशी तथा प्रयागराज के गंगा घाटों पर स्नान करने का विशेष महत्व बताया जाता है । बता दें की काशी के चौबेपुर स्थित बलुआ घाट पर आज मौनी अमावश्या के स्नान का अलग ही महत्व है। बताया जाता है की काशी के इस घाट पर गंगा की धारा पश्चिम की तरफ रहती है तो इस पश्चिम बाहिनी स्नान के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे में बलुआ स्थित इस घाट पर पुलिस सुरक्षा का कड़ा इन्तजाम किया  जाता है। तथा भाेर से ही वाराणसी तथा आस-पास के जिले के लोग यहां स्नान करने आते हैं। इस मौके पर  यहां के कई इलाकों में कुश्ती की प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाता है। साथ ही बड़ा मेला भी लगता है ।
प्रयागराज के जिलाधिकारी ने कहा, “अब तक लगभग 22 लाख श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। वाराणसी, सुल्तानपुर और लखनऊ से कई विशेष ट्रेनें आ चुकी हैं। हमने बस स्टैंडों पर पर्याप्त संख्या में बसों की व्यवस्था की है।” वाराणसी में भक्तों ने नदी में पवित्र डुबकी लगाई । गंगा और घाटों पर पूजा अर्चना की। उन्हें देवी लक्ष्मी, गणेश और सूर्य की पूजा करते हुए भी देखा गया और अपने पूर्वजों और परिवार की दिवंगत आत्माओं को याद किया।  बता दें कि महिलाएं भक्ति गीत गाती नजर आईं। साथ ही मिट्टी के दीपक जलाकर  उसकी मदद से अनुष्ठान भी किया ।
क्या है मौनी अमावश्या :
मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक शुभ दिन है। यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार माघ के महीने में आता है। इस दिन लोग मौन व्रत करते हैं।  जिसमें वे खुद को मूक रहने के लिए समर्पित करते हैं और अपने भीतर और भगवान को जोड़ने की कोशिश करते हैं। यह भी माना जाता है कि हिंदू मान्यताओं के अनुसार माघ महीने के दौरान नदी का पानी अमृत में बदल जाता है। इसलिए भक्त इस अमृत में स्नान करते हैं क्योंकि यह एक प्रबुद्ध जीवन की ओर ले जाता है। इस वर्ष के लिए ‘माघ मेला’ जिसे ‘कुंभ मेला’ या ‘माघ कुंभ मेला’ भी कहा जाता है, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 6 जनवरी से 18 फरवरी तक आयोजित किया जाता है। मेला गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम पर आयोजित किया जाता है।
बता दें कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने घाटों पर वाटर एंबुलेंस तैनात की है। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रयागराज में चल रहे ‘माघ मेला’ में बॉडी कैमरों का भी इस्तेमाल कर रही है।
लेखक- सात्विक उपाध्याय 

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