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चीजों को बारीकी से देखें, समझें, पढ़े, नोट बनायें : पीएम मोदी

चीजों को बारीकी से देखें, समझें, पढ़े, नोट बनायें : पीएम मोदी

नई दिल्‍ली: 24 जनवरी, मंगलवार की सुबह  प्रधानमंत्री  मोदी ने नेताजी  सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर  देशभर से आए युवाओं के एक समूह के साथ बातचीत की जिसमें उन्होंने कई रोचक तथा ज्ञानवर्धक बातें कार्यक्रम मेें जुड़े लोगों से साझा की।  ‘अपने नेता को जानें’  केंन्द्र के  कार्यक्रम का हिस्सा था।  बता दें कि पीएम मोदी की युवओं के साथ ये बातचीत बेहद रोचक रही।  बेहद महत्वपूर्ण और गंभीर बातों को प्रधानमंत्री ने बड़े ही सहज भाव में युवाओं के सामने प्रदर्शित किया।  पीएम  ने बातचीत की शुरुआत में युवाओं से पूछा कि आपने नेताजी के जीवन पर गहराई से अध्‍ययन किया होगा? हालांकि,  उन्होंने इस बात पर काफी गौर करते हुए कहा कि आजकल के समय में युवा हो या किसी भी उम्र का व्यक्ति वो सभी लोग गहराई से कम और गूगल से ज्‍यादा अध्‍ययन करते हैं।

कार्यक्रम वार्ता में पीएम  मोदी ने युवाओं से कहा कि जब भी हम किसी शख्‍स से जानकारी में या फिर अनजाने में  मिलते हैं, तो उसे पूरी तरह से गंभीरता से लेना चाहिए। उसके बारे में जानने की कोशिश करनी चाहिए।  उसका नाम, चेहरा, राज्‍य आदि को याद रखने की कोशिश करनी चाहिए। पीएम ने कहा कि  जब हम ऐसा करते हैं, तो उससे अगर पांच साल बाद भी मिलते हैं, तो उससे जुड़ी बातों को याद कर अपनेपन का अहसास करा सकते हैं।  इससे लोगों को आपसे जुड़ाव महसूस होता है। उस व्यक्ति विशेष को कभी भी अजीब अनुभूति नहीं होती है।

कार्यक्म में आगे उन्होंने सभी से  पूछा कि नेताजी की वो कौन-सी चीज है, जो आप जीवन में लाना चाहेंगे? इस पर एक युवती ने कहा कि वह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की संगठन क्षमता को सीखना चाहेंगी, कि किसा प्रकार एकजूटता बढ़ाई जाये तथा लोगों को एक साथ लेकर समाज चलाया जाये।  ऐसे में पीएम ने बताया कि  नेताजी ने दुनियाभर के भारतीयों को संगठित कर अंग्रेजों से लड़ाई की, वैसे ही हम सभी चाहे वो किसी भी राज्‍य पंजाब, जम्‍मू-कश्‍मीर, केरल, पश्चिम बंगाल से हों, मिलकर देश की समस्‍याओं से लड़ें।  इस युवती ने कहा कि सर मैं 2015 से हर रोज आपसे सपनों में बात करती हूं।  आज ये सपना सच हो गया है।  इसलिए सपने सभी को देखने चाहिए।  मेरा सपना आज पूरा हो गया। मैं आपके सामने हूं। ”

संवाद के दौरान पीएम मोदी ने युवाओं से पूछा कि आज आप जिस सेंट्रल हॉल में बैठे थे, क्‍या उसका महत्‍व और इतिहास जानते हैं? इस सवाल के जवाब में एक लॉ स्‍टूडेंट ने कहा, “सर, देश के लिए यह बेहद महत्‍वपूर्ण स्‍थान है, क्‍योंकि यहीं भारत का संविधान तैयार हुआ था। जिसके बाद ” पीएम मोदी ने बताया कि आप लोग सेंट्रल हॉल कि जिन सीटों पर बैठे थे, उन पर कोई न कोई महापुरुष बैठे थे, जिन्होंने हमारे देश का संविधान बनाने में काफी अहम भूमिका निभाई थी।

पीएम मोदी ने बताया कि महान नेताओं की जयंती पहले भी आती रही है। पीएम ने बताया कि इस प्रकार के अहम दिन तथा मौके पर हम कई जगहों पर भाषण देने जाते हैं तथा अन्य चीजें करते हैें ऐसे में मूझे फिर विचार आया कि क्‍यों न देशभर से युवाओं को इन दिनों पर संसद में बुलाया जाए।  एक महिला ने बताया के इस वक्त उन्हें  ‘विविधता में एकता’ क्‍या होती है, इस बात की अनुभूति हो रही है।  यहां संसद भवन की एक-एक सीढ़ी चढ़कर गर्व महसूस हो रहा था, ये सोचकर कि यहीं देश के महापुरुष चलते थे। “तमिलनाडु से आईं रुखसाना ने कहा, “यहां आना एक सपने के सच होने जैसा है, क्‍योंकि मैं महान देशभक्‍त सुभाष चंद्र बोस को बेहद मानती हूं। वह सही मायनों में देश के हीरो थे। वह मेरे आदर्श हैं। मैं उनके जैसा ही बनना चाहती हूं। मैं अपने आपको बेहद भाग्‍यशाली मानती हूं कि मुझे आप जैसे नेता से मिलने का मौका मिला, जो नेताजी की तरह राष्‍ट्रभक्‍त हैं। ”

पीएम मोदी ने कहा कि मेरा सभी युवाओं से निवेदन है कि आप जहां भी जाएं चीजों को बेहद बारीकी से देखें, समझें और कुछ नोट भी बनाने की कोशिश करें। हमारे चारों ओर बहुत कुछ हो रहा है। पढ़ने की भी आदत डालिए और हो सके, तो ऑटोबायग्राफी पढि़ए। सिर्फ नेताओं की ही नहीं, हर क्षेत्र के महान लोगों की जीवनियां पढि़ए। इससे आपको लोगों के जीवन संघर्ष और तप के बारे में जानने का मौका मिलेगा। इससे आपको प्रेरणा भी मिलेगी उनके जैसा बनने की।

लेखक- सात्विक उपाध्याय 

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