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पं. दीनदयाल के सिद्वांतों पर चल रही है सरकार–राजनाथ सिंह

पं. दीनदयाल के सिद्वांतों पर चल रही है सरकार–राजनाथ सिंह

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक और आदर्श पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 99वीं जयंती समारोह का आयोजन दिल्ली स्थित तीन मूर्ति भवन के नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय में किया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साल भर चलने वाले इस शताब्दी समारोह का शुभारंभ 25 सिंतबर 2015 को किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर लोकसभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन उपस्थित रहीं, जबकि सम्मानित तौर पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह और केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली जी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्धघाटन लोकसभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन के करकमलों द्वारा संपन्न किया गया। कार्यक्रम में संस्कृति, पर्यटन व नागरिक उड्डयन(स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा, संस्कृति सचिव नरेंद्र कुमार और संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एनएमएमएल के चेयरमैन प्रो.लोकेश चंद्र भी उपस्थित रहे।

दीनदयाल उपाध्याय की जयंती समारोह के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं खासकर उनके संगठन के प्रति समर्पित जीवन पर तैयार की गई एक डॉक्यूमेंट्री ‘एकात्म भारत – पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जीवन यात्रा’ भी समारोह में मौजूद लोगों को दिखाई गई। इस डॉक्यूमेंट्री का निर्माण संस्कृति मंत्रालय ने दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय रिसर्च फाउंडेशन के साथ मिलकर किया है। इसके साथ ही संग्रहालय में आयोजित एक चित्र प्रदर्शनी के द्वारा उनके जीवन काल से जुड़े तमाम अनछूए पहलुओं से भी लोगों को अवगत कराया गया।

24-10-2015

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंयती समारोह के उपलक्ष्य में लोकसभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन ने कहा ”दीनदयाल जी लोगों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत थे और आज भी सभी पीढिय़ों के लिए प्रेरणादायी हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदर्शित की गई डॉक्यूमेंट्री में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन के तमाम पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है, जिससे पता चलता है कि उनके जीवन में मानव और समाज के प्रति संवेदनशीलता शामिल थी। उन्होंने कहा कि आज भारत की तरफ विदेशियों की भी नजरें टिकी हैं, क्योंकि भारत विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति है। इस लोकतंत्र को सुचारू रूप से तभी चलाया जा सकता है, जब हम अपनी भावी पीढ़ी को अच्छे आचरणों से सींचे। जब हम अपनी पीढ़ी के मन, बुद्धि, आत्मा के विकास पर बल देंगे तभी वह संपूर्ण मानव बनकर समाज में उभरेगा। हमें आचरण पर नजर रखनी होगी तभी विचार अच्छे होंगे। ऐसे लोगों को साथ लेकर चलेंगे तभी भारत का और समस्त सृष्टि का कल्याण होगा।’’

इस अवसर पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा ”दीनदयाल उपाध्याय राजनीतिक और आर्थिक विचारधारा का बुनियादी सिद्धांत हैं। हमारी सरकार दीनदयाल उपाध्याय के निर्देशों और सिद्धांतों पर चल रही है। सरकार उनके सिद्धांतों पर चलते हुए, उनका पालन करने की पूरी कोशिश कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि समाज में अंतिम पंक्ति में मौजूद अंतिम व्यक्ति तक वृद्धि और विकास का फायदा पहुंचे।’’ साथ ही उन्होंने कहा कि जैसे मनुष्य चार चीजों से बना है, आत्मा, तन, मन और बुद्धि। उसी प्रकार राष्ट्रीय चेतना और आत्मा होती है। मनुष्य की चारों चीजों की आवश्यकताएं पूरी हो जाएं तो मनुष्य तृप्त हो जाता है, वैसे ही राष्ट्र है। दीनदयाल उपाध्याय के इसी सिद्धांत पर चलकर भारत को समृद्ध बनाया जा सकता है।

24-10-2015

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि ”दीनदयाल उपाध्याय ने अपने जीवन की सशक्त छाप लोगों पर छोड़ी है। समारोह में मौजूद लोग बहुत ही भाग्यशाली हैं, जिन्हें ऐसे महान नेता, दार्शनिक, चिंतक के शताब्दी समारोह में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के मानवतावादी विचारों और जीवन दर्शन से लोगों को पूरे वर्ष प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि लोगों में भी उनके जैसे आचार और विचारों की छाप छोड़ी जा सके।

केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि महान मानवतावादी दीनदयाल उपाध्याय के सपने साकार करने के लिये केंद्र सरकार भरसक प्रयास करेगी। संस्कृति मंत्रालय ऐसे महान नेताओं, जिन्होंने भारतीय समाज की दूरदृष्टि के साथ काम किया है, उन्हें याद करती रहेगी और इसी तरह से शताब्दी समारोह का आयोजन करती रहेगी।

प्रीति ठाकुर

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