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कांग्रेस है, हवा नहीं

कांग्रेस है, हवा नहीं

बिहार में कांग्रेस है। कुल 41 सीटों पर चुनाव भी लड़ रही है। कांग्रेस अध्यक्ष के साथ ही उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ताबड़तोड़ जनसभा की योजना भी बनाई है, लेकिन राज्य में पार्टी की कोई हवा नहीं है। हालांकि, दिल्ली से अजय माकन समेत तमाम कांग्रेसी नेता राज्य के चुनाव को लेकर कांग्रेस में जान फूंकने में लगे हैं, लेकिन जितने गुब्बारे फुलाते हैं उतनी ही हवा निकली जा रही है।



लड़ेंगे भईया बाहुबली


24-10-2015

जद (यू) से निकाले गये बाहुबली अनंत कुमार सिंह भी चुनाव लड़ेंगे। पहले भाजपा से भी टिकट के जुगाड़ में थे। अदालत से चुनाव लडऩे की अनुमति लेकर आए हैं। सुना है कि भाजपा में दाल नहीं गली तो तंबू-कनात ढूंढ रहे हैं। अगर कहीं से दाल नहीं गली तो बंदूक की नाल पर भरोसा करने वाले भईया चुनाव में उतरेंगे। अनंत अपने क्षेत्र में ‘छोटे सरकार’ के नाम से भी जाने जाते हैं।



दुनों नेता फरार हो गइलें


24-10-2015

चुनाव और धांधली का नाता पुराना है। तिनका-तिनका जोड़कर मुलायम ने बिहार में चुनाव लडऩे का फैसला किया। तीसरा मोर्चा बनाया। रामचंद्र सिंह यादव को प्रदेश अध्यक्ष तो राकेश कुमार को सचिव और मीडिया प्रभारी बनाया। इधर चुनाव की रणभेरी बज रही है और उधर दोनों ही फरार हैं। पुलिस ठिकाने पर छापा मार रही है। पता करने पर खबर लगी कि एक प्रत्याशी से टिकट दिलाने के नाम पर उन्होंने दस लाख रुपये ऐंठ लिए थे।



लालू ने फुलाया मुंह


24-10-2015

लालू बाबा ने मुंह फुला लिया है। पहले वह राहुल बाबा के साथ मंच साझा करने को राजी नहीं थे, अब सोनिया गांधी को भाव नहीं दे रहे। कांग्रेसी फोन करते हैं तो लालू भाई टाल जाते हैं। खबर है कि लालू भाई नाराज हैं और गरम लोहे पर चोट कर रहे हैं। खबरची को पता चला है कि लालू कांग्रेस द्वारा नीतीश को अधिक भाव दिये जाने से खिन्न हैं। भला कौन बताए, जब अभी यह हाल है तो चुनाव बाद क्या होगा?



झेलो मोदीजी


24-10-2015

पीएम मोदीजी हवा के रूख के अपने दो साथियों से तंग हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में ये मोदी लहर के साथी थे और अब सरकार बनने के बाद ट्रबुल फ्रेंड बन गये हैं। एक हैं बाबा रामदेव आये दिन सावन-भादों की तरह बरसते हैं। दूसरे हैं, सुब्रह्मण्यम स्वामी। जेएनयू के वीसी से लकेर आलोचना तक के हर अवसर झटक लेते हैं। मुसीबत बढ़ा जाते हैं। तीसरे हैं मशहूर वकील राम जेठमलानी। जेठमलानी का कहना है कि वह वकील होते हुए भी जेटली-मोदी की फांस में फंस गये, अब उन्हें भला कौन बताये कि जेटली भी तो उन्हीं की तरह वकील हैं।



जुबान ही नहीं बंद होती


24-10-2015

अपुन के अमित भाई शाह इन दिनों अपनों से कुछ ज्यादा ही तंग हैं। एक अक्टूबर को पीएम के साथ बैठक के दौरान न चाहते हुए भी शत्रुघ्न सिन्हा, बड़बोले गिरिराज और आर.के.सिंह की शिकायत कर आये। आर.के.सिंह जहां कुछ ओहदा न मिलने से तंग हैं, वहीं गिरिराज उत्साह में कुलांचे भर रहे हैं। बयान ही दे दिया अगला सीएम पिछड़ी जाति का होगा। अब गिरिराज भाई को क्या पता कि इससे अगड़े बिदक रहे हैं। लिहाजा शाह ने न केवल तलब करके डांट लगाई, बल्कि मोदीजी के कान में भी फूंक दिया है। शाह को यह भी अखर रहा है कि वह जितना संभलकर चल और बोल रहे हैं, पार्टी नेता उतना ही ढीठ हो रहे हैं।



आओ दत्तूजी!


24-10-2015

एनएचआरसी में पिछले कई महीनों से चेयरमैन का पद खाली है। सरकार की परेशानी यह है कि इस पर देश के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश को बिठाये, लेकिन उसके पास विकल्प सीमित हैं। न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर को लेकर राय नहीं बन पा रही है। न्यायमूर्ति सदाशिवम केरल के राज्यपाल हैं। टीम पीएम चाहती हैं कि वह वहीं रहे। वहीं जस्टिस लोढ़ा और जस्टिस कपाडिय़ा को लेकर सरकार समझ नहीं पा रही है कि क्या करें। कहीं वही न मना कर दें। खबरची को पता चला है कि जस्टिस एच.एल. दत्तूू जब दिसंबर में सेवानिवृत हो जाएंगे तो सरकार की खोज पूरी हो जाएगी। खैर, अभी एनएचआरसी को चेयरमैन नहीं मिलने जा रहा और इसे कार्यकारी प्रमुख से ही काम चलाना पड़ेगा।



स्कूटी भी, तेल भी


24-10-2015

भारत चाहे जो बन जाए, लेकिन चुनाव में लुभावने वादे का दौर अभी चलेगा। तमिलनाडु में अम्मा का, उत्तर प्रदेश में सपा का वादा चर्चा का विषय बना था। इस समय बिहार में भाजपा का वादा चर्चा में है। पार्टी ने सत्ता में आने पर दसवीं-बारहवीं की 5000 मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने का वादा किया है। स्कूटी ही नहीं इसके साथ दो साल का तेल भी देगी। चयन मेरिट के आधार पर होगा। वहीं तमाम प्रत्याशियों ने चुनाव आयोग की सख्ती के बाद भी पैसे बांटने और मुफ्त की दारू का एजेंडा चला रखा है।


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