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सोच बदलेगी तभी देश बदलेगा

सोच बदलेगी तभी देश बदलेगा

स्वर्गीय राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के 84 वें जन्मदिन के सुअवसर पर भारतीय मतदाता संगठन ने 15 अक्टूबर को ‘पहला ए. पी. जे. अब्दुल कलाम मेमोरियल लेक्चर’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में डॉक्टर कलाम को याद करते हुए और उनकी विचारधारा को लोगों के जीवन में उतारने की कोशिशों के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय मतदाता संगठन के प्रमुख रिखब चन्द जैन, कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आलोक मेहता और कार्यक्रम के आयोजक दीपक रथ के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘रोडमैप फॉर इंडियन डेमोक्रेसी’ रहा।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को मतदान के लिये जागरूक करना और समाज में वोट की महत्वता को समझाने के लिये भी किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक दीपक रथ, राजेन्द्र स्वामी (मंत्री), रमाकान्त गोस्वामी (पूर्व मंत्री, दिल्ली सरकार), मांगे राम गर्ग (पूर्व अध्यक्ष, भाजपा, दिल्ली), राधेश्याम, सत्यदेव चौधरी, और विनीत जिन्दल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों ने स्वर्गीय डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को पुष्पाजंलि अर्पित करते हुए उनके सिद्धांतों को याद किया।

भारतीय मतदाता संगठन का ऐसा विश्वास है कि चुनाव सुधार और आवश्यक राजनैतिक सुधार सामाजिक जागृति से ही संभव हो सकता है। संगठन के अनुसार प्रत्येक नागरिक को अपनी मतदान की शक्ति को पहचानना चाहिए। जब मतदाता अपने मतदान की शक्ति को पहचानेगा तभी सही जनप्रतिनिधियों का चुनाव संभव हो सकेगा और तभी देश की सभी राजनैतिक पार्टियों में सुधार लाया जा सकता है। जब देश का प्रत्येक नागरिक अपनी मत की शक्ति को पहचानने लगेगा और उसका सही उपयोग करेगा, तभी भारत के महान सपूत स्वर्गीय डॉक्टर अब्दुल कलाम को सच्ची श्रद्धांजलि, भावांजलि और पुष्पांजलि अर्पित की जा सकेगी।

सही मायने में ये एक पंच सूत्री कार्यक्रम है। जिसका पहला सूत्र है- वोट देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य भी है और अधिकार भी। पंचायत से लोकसभी तक के किसी भी चुनाव में वोटिंग 95 प्रतिशत से कम न हों। ई-वोटिंग, ऑन-लाईन इलेक्शन हों। दूसरा सूत्र- चुनाव आयोग, लॉ कमीशन आदि के द्वारा प्रस्तावित चुनाव सुधार शीघ्रता से लागू हों, विशेष रूप से राजनीति में अपराधीकरण का खात्मा। तीसरा सूत्र- आन्दोलन से नहीं वार्तालाप, संवाद एवं सहयोग से नागरिक सजगता एवं नागरिक सक्रियता आवश्यक है। चौथा सूत्र- राजनैतिक पार्टियों का रेगुलेटरी (नियामक) व्यवस्था। जन-प्रतिनिधि नामांकन के लिये नियमावली बनें। पांचवां सूत्र- केन्द्र में संसद की राज्यसभा और राज्यों में विधान परिषदों का अराजनैतिकरण हो।

14-11-2015

इस पांच सूत्री कार्यक्रम के अवसर पर मुख्य वक्ता आलोक मेहता ने डॉ. अब्दुल कलाम के द्वारा चुनाव और राजनैतिक सुधार के लिये दिये गये सुझावों को उपस्थित प्रबुद्ध नागरिकों को बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि इसके लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति को जागरूक करने की आवश्यकता है। यह काम सिर्फ नागरिक जागरूकता से ही संभव है, क्योंकि इससे सरकार और राजनैतिक पार्टियों पर सुधार को क्रियान्वित करने का दबाव पड़ेगा। मेहता ने कहा कि नेहरू अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में चुनाव के वक्त एक आम नागरिक की तरह ही मतदान करने जाते थे। अत: लोगों को उनकी इस सजगता से प्रेरित होना चाहिए। दिल्ली में पहले इतने ज्यादा लोग मतदान के लिए नहीं निकलते थे, जितने आज सजग हैं, लेकिन अभी भी कुछ नागरिक हैं जो सजग नहीं हैं, उनमें जागरूगता लाने का काम भारतीय मतदाता संगठन कर रहा है और इसमें धीरे-धीरे सुधार नजर आयेगा। वहीं संगठन के प्रमुख रिखव चन्द जैन ने नागरिक जागरूकता विकसित करने और वोटिंग 90 प्रतिशत से ज्यादा होने, राजनैतिक पार्टियों के नियमांकन करने और रेगुलेटरी सिस्टम के ठीक से लागू होने किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लॉ कमीशन, चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश 15-20 साल से अधिक समय से क्रियान्वयन के लिए लंबित हैं। पहले सरकार को इन सुधारों को लागू करने की जरूरत है। तभी इस दिशा में सुधार संभव होगा।

14-11-2015

करीब 35-40 प्रतिशत मतदाता आलस की वजह से वोट देने नहीं जाते। इस तरह के लोगों को प्रोत्साहित कर वोट दिलवाना भारतीय मतदाता संगठन का मुख्य उद्देश्य है। भारतीय मतदाता संगठन ये कार्य ‘मतदाता मित्र’ के माध्यम से करवाता है। संगठन इन ‘मतदाता मित्रों’ के माध्यम से नागरिकों को वोट देने के अधिकार को समझने का, अपने कर्तव्य को निभाने का और समझदारी से वोटिंग करने की सूझबूझ नागरिकों में पैदा करने का कार्य करता है। मतदाताओं को वोट हमेशा देश के भविष्य को ध्यान में रख कर देना चाहिए, तभी देश के प्रत्येक नागरिक को सही प्रत्याशी, सही सरकार और प्रगति हासिल हो सकेगी। अत: देश के नागरिकों को इन सभी चीजों को समझते हुए अपनी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने के लिये प्रोत्साहित करने के काम भारतीय मतदाता संगठन कर रहा है। ये वाकई सराहनीय कार्य है।

प्रीति ठाकुर

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