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‘मेक इन इंडिया’ को सफल रूप देते हुए उदय इंडिया

‘मेक इन इंडिया’ को सफल रूप देते हुए उदय इंडिया

कपड़ों के मिलों की वजह से गुजरात का अहमदाबाद कभी पूर्व के मैनचेस्टर के नाम से जाना जाता था, लेकिन समय बीतने के साथ धीरे-धीरे यह स्थिति बदलती चली गई और यह उद्योग बदहाली की कगार पर पहुंच गया। 1980 के दशक में न सिर्फ अधिकांश मिल बंद होने लगे थे, बल्कि इसके साथ ही लाखों लोग बेरोजगारी का दंश झेलने को भी मजबूर हो गए थे। पूरा का पूरा कपड़ा उद्योग काफी बुरी हालत में पहुंच गया था, और उसके सुधार के लिये कोई भी सरकार ठोस कदम नहीं उठा रही थी। लेकिन, पिछले दशक की शुरुआत से गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस उद्योग ने लगातार तरक्की के नये सोपानों को हासिल किया है। नरेंद्र मोदी ने इस बात को पहचानने में कोई देरी नहीं की कि गुजरात एक कपास बहुल राज्य है, और इससे ना सिर्फ कपड़ा उद्योग, बल्कि पूरे गुजरात की तरक्की संभव है। इसलिए उन्होंने कपास और कपड़ा दोनों ही उद्योगों पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए अपना सारा जोर इस तरफ लगा दिया। जिसका नतीजा सामने है – जहां 2001 में गुजरात ने 23 लाख कपास के गोलों का उत्पादन किया था, करीब एक दशक के बाद यह संख्या 1 करोड़ 23 लाख गोले है।

सौराष्ट्र की बांधनी हो या फिर कच्छ की लहरिया, गुजरात के कपड़े पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं, और इसलिए 2012 में राष्ट्रीय कपड़ा मेला का उद्घाटन करते हुए नरेंद्र मोदी ने ‘जीरो डिफेक्ट’ का नारा देते हुए कपड़ा निर्माताओं से आग्रह किया कि वह ‘मेड इन इंडिया’ को बढ़ावा देते हुए ‘जीरो डिफेक्ट’ की नीति अपनाएं, ताकि देश की साख और बढ़े। नरेंद्र मोदी ने न सिर्फ सफलता के मंत्र दिए, बल्कि कपड़ा निर्माताओं को भरोसा भी दिलाया कि वह उनके साथ है। जिसके बूते ही कपड़ा उद्योग गुजरात में नित नयी बुलंदियों को हासिल कर रहा है।

14-11-2015

14-11-2015गुजरात के सूरत के औद्योगिक विकास के कारणों में बहुत हद तक वहां मौजूद हीरा कारखानों, कपड़ा उद्योग और रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योगों का हाथ माना जा सकता है। 2006-07 के दौरान सूरत ने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में करीब 11.5 प्रतिशत का योगदान किया था। भारत की सिंथेटिक राजधानी सूरत में करीब 6 लाख हथकरघा है, और यह करीब 12 लाख लोगों को रोजगार मुहैया करता है। सूरत का कपड़ा उद्योग पूरे देश के कुल मानव-निर्मित फाइबर के निर्यात का 18 प्रतिशत और मानव-निर्मित फैब्रिक का 40 प्रतिशत योगदान करता है। सूरत ने हमेशा पूरे देश के मुकाबले अपने यहां उत्पादन को बढ़ावा दिया है। सूरत अपने सिंथेटिक साडिय़ों और कपड़ो के लिए प्रसिद्ध है, और करीब 400 उद्योग यहां मौजूद हैं। यह उद्योग पलसाना, सचिन, पांडेसरा और सूरत सिटी के औद्योगिक क्षेत्रों में हैं। सूरत के बनें कपड़े न सिर्फ अपने देश में प्रसिद्ध हैं और बेचे जाते हैं, बल्कि विदेशों में भी यह काफी लोकप्रिय हैं। सूरत का पावरलूम सेक्टर करीब 6 लाख लोगों को रोजग़ार देता है। इसी तरह प्रोसेसिंग सेक्टर भी 5 लाख लोगों को रोजग़ार देता है। इसके अलावा लाखों लोग और भी हैं, जो इन उद्योगों से जुड़ी अन्य चीजों से भी अपनी जीविका कमा रहे हैं। भारत के कुल कपड़ा उत्पादों में सिंथेटिक फैब्रिक्स 90 प्रतिशत अपना स्थान रखते हैं, जिसमें सूरत अकेला करीब 40 प्रतिशत का निर्यात करता है, और करीब-करीब 500 करोड़ का राजस्व प्राप्त करता है। इसके अलावा सूरत गरीबों के लिये सस्ते कपड़ो का भी उत्पादन करता है।

उदय इंडिया, एक राष्ट्रीय विचारधारा वाले साप्ताहिक, ने इन्हीं सभी बातों को ध्यान रखते हुए और प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ योजना को बढ़ावा देने के लिये इंग्लिश और हिंदी में सूरत स्पेशल संस्करण निकाला। साथ ही इस अवसर पर उन लोगों को सम्मानित किया, जिन्होंने प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

यह समारोह ताज ग्रुप के डी गेटवे होटल में आयोजित हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री जुअल ओरम थे। समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी देश सिर्फ अपने इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी और सर्विस सेक्टर के बलबूते महाशक्ति नहीं बन सकता, बल्कि इसके लिए अपने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सुदृढ़ करना होगा। उन्होंने वहां उपस्थित सभी औद्योगिक पुरोधाओं से अनुरोध किया कि वह सभी प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें और इस कार्यक्रम को सफल बनायें। भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर बल देते हुए जुअल ओरम ने कहा- ‘मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर किसी भी उभरती अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है, और इस के लिये हमारी राजग की सरकार दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है।’

समारोह को सूरत की सांसद श्रीमती दर्शन जरदोश ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए मीडिया से आग्रह किया कि वह सूचनाओं को सही ढंग से लोगों तक पहुंचाए, ताकि सरकार के योजनाओं का फायदा लोगों तक पहुंचे। इन सभी महानुभावों के अलावा समारोह को उदय इंडिया के सम्पादकीय निर्देशक प्रकाश नंदा और उदय इंडिया के ग्रुप एडिटर दीपक कुमार रथ ने भी सम्बोधित किया।

अपने अपने क्षेत्रो में ऊंचाइयों को छूने वाले जिन उद्योगपतियों को उदय इंडिया ने सम्मानित किया, उनमें जे. पी. अग्रवाल, चेयरमैन रचना ग्रुप ऑफ कम्पनीज, विरल देसाई, जेनिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड, मेजर एस. के. शर्मा, चेयरमैन सीसा ग्रुप, मोहित शाह चेयरमैन सड़क सुरक्षा समिति, सुभाष डाबर, चेयरमैन एलाएंस एम्ब्राइडरी,सुवासचन्द्र गणतायत, डॉ. हेमा राउत और महेंद्र राउत महत्वपूर्ण थे। समारोह का धन्यवाद ज्ञापन सुवासचन्द्र गणतायत ने किया।

सूरत से नीलाभ कृष्ण

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