ब्रेकिंग न्यूज़ 

मुझे बना दो चेयरमैन

मुझे बना दो चेयरमैन

जस्टिस लोढ़ा ने भले ही एन.एच.आर.सी. का चेयरमैन बनने से मना कर दिया हो लेकिन अपने जस्टिस एच.एल.दत्तू तैयार हैं। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद से अवकाश प्राप्त करते ही उन्होंने ऐलान कर दिया कि वह पद पर बैठने को तैयार हैं। दत्तू ही नहीं, तैयार तो जस्टिस सदाशिवम भी हैं। वह केरल से दिल्ली आना चाहते हैं, लेकिन बताते हैं कि केन्द्र सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। अब देखना है कि एन.एच.आर.सी. का ताज किसे मिलता है?



आलीशान चैंबर


26-12-2015

आजकल मानव संसाधन राज्यमंत्री कठेरिया के जलवे हैं। सुना है मंत्रालय में प्रो. साहेब अब अपना दखल बढ़ाने लगे हैं। जितना कठेरिया साहेब बढ़ रहे हैं, उतना ही बिहार चुनाव में मुंह की खाकर आये उपेन्द्र कुशवाहा सिकुड़ रहे हैं। उतना ही नहीं आर.एस.एस. में पैठ को देखकर स्मृति ईरानी ने भी कठेरिया के मामले में पैर थोड़ा पीछे खींच लिया है। वहीं कठेरिया हैं कि शास्त्री भवन में साज-सज्जा के साथ तैयार हुए आलीशन चैंबर को देखकर फूले नहीं समा रहे हैं। अब आगे देखिये क्या होता है?



जय गोपालजी


26-12-2015

जय गोपालजी हो गई तो समझिए, बेड़ा हुआ पार। लिहाजा केशव कुंज से लेकर नागपुर तक कृष्ण गोपालजी की काफी पूछ बढ़ गई है। हालत यह है कि कई तीरंदाजों की पूरी मेहनत के बाद भी उन्हें गोपालजी का दर्शन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे ही एक संघी भाई का कहना है कि आजकल साहब पारस पत्थर हो गए हैं। उनके छूते ही मिट्टी सोना हो जा रही है। अब अपने जे.पी. सिंह को ही देखिए। जब गोपालजी काशी प्रांत-प्रचारक थे तब से छनती थी। आज खुद भी मौज में हैं और उनके साथी-संगी भी।



कोई टिकता ही नहीं


Ganga Final_20147

जब से नमामि गंगे शुरू हुआ है, इसके मिशन निदेशक के पद पर कोई टिकता ही नहीं है। 18 महीने की मोदी सरकार ने अब तक तीन निदेशक बदल लिए हैं। यहां तक कि पीएम मोदी की पसंद पी.वी.एस.एन. प्रसाद भी नहीं चल पाए। खबर है कि हाल में प्रसाद को गृह मंत्रालय भेज दिया गया और अब गंगा को निर्मल बनाने की बजाय पुलिस को साफ-सुथरा बना रहे हैं।



वाह जेटलीजी


26-12-2015

अपने वित्त मंत्री अरूण जेटलीजी का जवाब नहीं। साधने की कला में गजब के पारंगत निकले। बेटी की शादी के बहाने मेहमानों की ऐसी सूची बनवाई की कई दातों तले अंगुली दबा बैठे। कुछ मेहमान तो बिना निमंत्रण वाले दिन भी जुगत लगाकर हाजिरी लगा आये। यहां तक कि कुछ भाजपाई ऐसे भी रहे जो न्योता न मिलने की आशंका से घिरे रहे और इसके लिये कसरत कर डाली। आखिर ये अरूण जेटली जो ठहरे।



 दो पाटन के बीच


Mallikarjun copy

अपने खडग़ेजी दो पाटन के बीच फंसे हैं। एक तरफ कैप्टन अमरिंदर सिंह हैं, तो दूसरी तरफ राजा ज्योतिरादित्य सिंधिया जब से कैप्टन को पंजाब प्रदेश कांग्रेस की कमान मिली है, फूले नहीं समा रहे। उधर ज्योतिरादित्य सदन का उपनेता बनने की दौड़ में हैं। इसी पद के लिये कमलनाथ ने भी टांग अड़ा रखी है। राहुल युवा नेता पर दांव लगाना चाहते हैं, जबकि फैसला सोनिया गांधी को करना है। अब आप ही बताइए भला मल्लिकार्जुन खडग़ेजी क्या करें?



 

बूझो तो जाने


 

26-12-2015

भाजपा में एक बुझौव्वल जारी है। भाई लोग उस किरदार को ढूंढ रहे हैं, जिसने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान शॉटगन तो शॉटगन (शत्रुघ्न), रॉकगन (आर. के. सिंह) को भी हवा दे दी थी। हवा पाते ही शॉटगन जहां शोला बन गए थे, वहीं रॉकगन ने भी जमकर पार्टी की किरकिरी करा दी थी। खास बात यह भी कि जब से चुनाव नतीजे आएं हैं, तब से दोनों गन भी खामोश हैं।



 

ट्रेनिंग दो


 

26-12-2015

अपने पीएम मोदीजी और संघ का एक ही एजेंडा है ट्रेनिंग दो। पार्टी सांसदों से लेकर कार्यकर्ताओं तक को ट्रेंड करने का सिलसिला चल रहा है। यहां तक की जी.एस.टी बिल पर भी सांसदों को जोरदार ट्रेनिंग देने की तैयारी है। ताकि पाठशाला से पढ़ कर निकले सांसद सदन में जोरदार तेवर दिखा सकें।


 защита от ддосдетские игрушки одесса