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नीम से करें ईलाज

By दिब्याश्री सतपथी

नीम का स्वाद जितना कड़वा होता है, उतना ही वह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। नीम कई बीमारियों को दूर करने में हमारी मदद करता है। सिर्फ इतना ही नहीं, नीम हमारे शरीर, त्वचा और बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। बहुत ही कड़वा होने के कारण नीम का सेवन सीधे नहीं किया जा सकता है। नीम का कड़वापन दूर तो नहीं किया जा सकता, लेकिन कम जरूर किया जा सकता है। नीम के कड़वेपन को दूर करने के लिए इसका पानी पीएं और लाभ उठाएं।

28-03-2015

नीम के स्वास्थ्यवर्धक गुण

28-03-2015

  • नीम का पानी एक रक्तशोधक औषधि है। जिससे खून साफ होता है। यह एल.डी.एल. यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। कुछ समय तक लगातार नीम के पानी का सेवन करने से फोड़े फुंसियों और त्वचा संंबधी अन्य रोगों से छुटाकारा मिल जाता है।
  • नीम का पानी मलेरिया और पीलिया जैसी बीमारियों से राहत दिलाता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जिसके कारण यह मलेरिया के लिए जिम्मेदार वायरस को बढऩे से रोकता है और साथ ही लिवर को भी मजबूत बनाता है। पीलिया से राहत पाने के  लिए नीम की पत्तियों के रस को  शहद में  मिलाकर सेवन करने से यह रोग ठीक हो जाता है।
  • यह चिकन पॉक्स के धब्बों से भी राहत दिलाता है। चिकन पॉक्स के धब्बे  बहुत ही खराब होते हैं और ये जल्दी समाप्त नहीं होते। इन धब्बों को साफ करने के लिए नीम के रस से मसाज करें। नियमित रूप से इस रस के प्रयोग से कुछ दिनों में चिकन पॉक्स के धब्बों से राहत मिल जाएगी।
  • आंखों के लिए भी गुणकारी है नीम का रस। मोबाइल, कम्प्यूटर आदि के अधिक इस्तेमाल से आंखों को काफी नुकसान पहुंचता है, जिससे नजर कमजोर हो जाती है। आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए नीम के रस की दो बूंदें आंखों में डालें, इससे रोशनी बढ़ेगी। अगर कंजक्टिवाइटिस  हो गया है तो नीम के पानी का प्रयोग करने से वह ठीक हो जायेगा।
  • मधुमेह एक खतरनाक बीमारी है और अनियमित दिनचर्या के कारण इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खून में शुगर की मात्रा बढऩे से मधुमेह की बीमारी होती है। रोजाना नीम के रस का सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर नहीं बढ़ेगा और मधुमेह जैसी बीमारी से निजात मिल जाएगी। मधुमेह के रोगी भी इसका सेवन करके अपने ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य रख सकते हैं।
  • नीम की पत्तियों के साथ-साथ उसके तने की भीतरी छाल भी लाभदायक है। मसूड़ों से खून आने और पायरिया की समस्या होने पर नीम के तने की भीतरी छाल या पत्तों को पानी में डालकर कुल्ला करने से फायदा होता है। इससे मसूड़े और दांत मजबूत होते हैं। नीम के फूलों का काढ़ा बनाकर पीने से भी दांतों की बीमारियों में फायदा होता है। नीम का दातुन रोज करने से दांतों के अंदर पाए जाने वाले किटाणु नष्ट होते हैं। कुल मिलाकर नीम का किसी भी तरीके से प्रयोग दांतों के लिए फायदेमंद है।
  • गर्भावस्था के दौरान नीम का पानी पीने से समय-समय पर योनि में होने वाला दर्द कम हो जाता है। प्रसव के बाद महिला को अगर कुछ दिनों तक नीम का पानी दिया जाए तो इससे उसका खून साफ होता है और संक्रमण से बचाव होता है।

नीम का पानी चेहरे को निखारने और कील-मुहांसों की समस्या को दूर करने के लिए बहुत प्रभावी है। मुहांसों की समस्या होने पर नीम का रस चेहरे पर लगाए, इससे मुहांसों की समस्या दूर होती है। अगर चेहरे पर नीम के पानी से मसाज किया जाए तो चेहरे की नमी बरकरार रहती है और त्वचा में निखार आता है। यह प्राकृतिक रूप से त्वचा को निखारने में मदद करता है। इसका साइड इफेक्ट भी नहीं होता।

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